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Janmashtami 2023: झुंझुनू जिले में भी है एक वृंदावन धाम, ऐसी मनाई जाती है यहां जन्माष्टमी

Updated at : 06 Sep 2023 4:22 PM (IST)
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Janmashtami 2023: झुंझुनू जिले में भी है एक वृंदावन धाम, ऐसी मनाई जाती है यहां जन्माष्टमी

Janmashtami 2023: भारत में आदिकाल से वृक्षों की पूजा की जाती है. लोगों में आस्था रहती है कि वृक्षों की पूजा करने मात्र से ही मनुष्य सुख व शांति प्राप्त करता है. ऐसा ही करीब एक हजार वर्ष पुराना एक चमत्कारी पेड़ राजस्थान के वृंदावन (झुंझनूं जिले से लगभग 23 किलोमीटर दूर) भंडूदा में है.

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Janmashtami 2023: यूपी में स्थित वृंदावन को सभी जानते है. आइए आज आपको दिखाते है देश के दूसरे वृंदावन को. जी, हां राजस्थान के झुंझुनूं जिले में वृंदावन धाम स्थित है. इस धाम को किसी और ने नहीं, बल्कि मथुरा के प्रसिद्ध संत हरिदास जी महाराज के शिष्य पुरूषोत्तमदास जी ने करीब 500 साल पहले बसाया था.

कहा जाता है इसे दूसरा वृंदावन धाम

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में वृंदावन धाम को दूसरा वृंदावन धाम कहने के पीछे एक बड़ी वजह जुड़ी हुई है. कहते हैं कि मथुरा के हरिदास जी महाराज ने अपने एक शिष्य को देश में दूसरा वृंदावन धाम स्थापित करने का आदेश दिया था. गुरुजी का आदेश सुनकर शिष्य पुरुषोत्तम दास जी ने 500 साल पहले भड़ौंदा गांव में काटली नदी के मुहाने पर इसकी स्थापना की थी. मान्यता है कि बाबा पुरुषोत्तम दास ने यहां एक पेड़ के नीचे तपस्या की थी. उस पेड़ के नीचे आसपास की गायें आकर रुकती थी। जिनसे बाबा को बहुत स्नेह था. बाबा अपना कमंडल को जैसे ही गाय के थनों के नीचे रख देते थे वैसे ही गाय स्वतः ही दूध देने लगती थी। इसी से बाबा का जीवन यापन होता था। इसे लोग चमत्कार मानकर उनकी पूजा करने लगे. आज यह धाम पूरे देश में चर्चित है. देशभर से श्रद्धालु यहां आकर पूजा अर्चना करते हैं.

जानें कैसे मनाई जाएगी जन्माष्टमी

आयोजन समिति के कैलाश सुल्तानिया के अनुसार इस तीन दिवसीय आयोजन में देशभर से श्रद्धालु शामिल होंगे. जो अपने परिवार के साथ तीन दिवसीय कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। आज 6 सितंबर को पंचकोसीय परिक्रमा का पहला दिन था. इसके बाद, शाम को चिड़ावा में बिहारीजी मंदिर से एक शोभायात्रा निकलेगी और मंदिर लौटने से पहले कल्याण प्रभु तक यात्रा करेगा। पंचपेड़ में 8 सितंबर को छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी.

यहां पर जन्माष्टमी के उपलक्ष में हर साल मेला भरता है. तीन दिन विशेष धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रहती है. इनमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं. देश के कोने-कोने से भक्त यहां आते हैं. इस बार भी श्री बिहारीजी मित्र मंडल द्वारा वृंदावन बिहारीजी मंदिर में तीन दिवसीय धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं. कृष्ण जन्मोत्सव पर सालाना होने वाले कार्यक्रम में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंच गए हैं.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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