ePaper

झारखंड में ट्रेन से कटकर हाथी की मौत, एलीफैंट जोन में हादसे के बाद रेलगाड़ियों का परिचालन बंद

Updated at : 17 Sep 2020 4:33 PM (IST)
विज्ञापन
झारखंड में ट्रेन से कटकर हाथी की मौत, एलीफैंट जोन में हादसे के बाद रेलगाड़ियों का परिचालन बंद

IRCTC/Indian Railways: झारखंड में ट्रेन से कटकर एक हाथी की मौत हो गयी है. इसके बाद हावड़ा-मुंबई मेन लाइन पर ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया. चक्रधरपुर रेल मंडल के जराईकेला-मनोहरपुर रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रेन की चपेट में आने से हाथी की मौत हुई.

विज्ञापन

चक्रधरपुर (शीन अनवर) : झारखंड में ट्रेन से कटकर एक हाथी की मौत हो गयी है. इसके बाद हावड़ा-मुंबई मेन लाइन पर ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया. चक्रधरपुर रेल मंडल के जराईकेला-मनोहरपुर रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रेन की चपेट में आने से हाथी की मौत हुई.

डाउन रेल लाइन में पोल संख्या 378 के समीप एक मालगाड़ी ने रेलवे ट्रैक पर भटककर आ गये गजराज को धक्का मार दिया, जिससे मौके पर ही हाथी की मौत हो गयी. घटना में मालगाड़ी के इंजन का पेंटो भी टूट गया. इंजन को भी क्षति पहुंची है.

ओएचई का खंभा भी इस दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गया है. इसके बाद डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया. रेलवे और वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हाथी के शव को हटाया. हादसा स्थल चक्रधरपुर-राउरकेला मेन लाइन पर पड़ता है.

Also Read: सीएनटी-एसपीटी एक्ट को खत्म करने के लिए हेमंत सरकार ला रही झारखंड लैंड म्यूटेशन एक्ट 2020! सारंडा में ट्रेन की चपेट में आकर हो चुकी है 9 हाथियों की मौत
undefined

सारंडा के जंगलों से गुजरने वाली रेल की पटरियों पर पहले भी ट्रेनों की चपेट में हाथी आते रहे हैं. रिकॉर्ड बताते हैं कि इस क्षेत्र में कम से कम 5 हाथियों की ट्रेन से कटकर मौत हो चुकी है. पूरा विवरण इस प्रकार है:

  • पोसैता-गोइलकेरा रेलखंड में वर्ष 2000 में 4 हाथियों की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हो गयी थी.

  • अहमदाबाद-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस ने डेरवां और सारंडा रेल सुरंग के बीच 3 गजराजों को अपनी चपेट में ले लिया था. इनमें से दो की तत्काल मौत हो गयी थी. एक घायल हाथी ने करीब 6 घंटे बाद उपचार के क्रम में दम तोड़ दिया था.

  • इस घटना के दूसरे दिन हाथियों के दल ने उसी अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन को वापस हावड़ा से लौटने के क्रम में निशाना बनाने की कोशिश की थी. इसमें एक और हाथी की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गयी. घटना से डरे ड्राइवर और गार्ड ट्रेन छोड़कर जान बचाकर पीछे भाग गये थे.

  • सारंडा रेल सुरंग के अप लाइन में वर्ष 1993 में हावड़ा-कुर्ला एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से एक हाथी की मौत हो गयी थी.

Also Read: Jharkhand News: गांव-गांव में नक्सलियों की फौज खड़ी करने की तैयारी, ‘हो’ भाषा में लिखे बैनर से चाईबासा में दहशत वन मंत्रालय ने करायी थी बैरिकेडिंग

इन घटनाओं से सबक लेते हुए केंद्रीय वन मंत्रालय ने वर्ष 2005 में गोइलकेरा-मनोहरपुर रेल खंड को एलीफैंट जोन के रूप में चिह्नित करते हुए रेल ट्रैक के दोनों किनारे हाथियों को सुरक्षित रखने और रेलवे लाइन पर उनके प्रवेश को रोकने के लिए लोहे से बैरिकेडिंग करायी थी.

Posted By : Mithilesh Jha

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola