International Widows Day 2023: अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस आज, जानें इस दिन का इतिहास और महत्व

Published by : Shaurya Punj Updated At : 23 Jun 2023 10:36 AM

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International Widows Day 2023: विधवाओं के कल्याण के उद्देश्य से हर साल 23 जून को अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस मनाया जाता है. यह दिवस विधवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने, उनके अधिकारों और कल्याण के प्रति समर्पित है.

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International Widows Day 2023: आज भी हमारा समाज विधावाओं को उस नजर से नहीं देखता है, जिसकी वो असल में हकदार हैं.ऐसे में इस समाज की जिम्मेदारी बनती है कि विधवाओं को भी बाकी लोगों की तरह दर्जा मिले. ऐसे में इन्हीं महिलाओं को सम्मान दिलाने के लिए हर साल 23 जून को अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस मनाया जाता है.

अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस मनाने का क्या उद्देश्य है?

विधवाओं के कल्याण के उद्देश्य से हर साल 23 जून को अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस मनाया जाता है. यह दिवस विधवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने, उनके अधिकारों और कल्याण के प्रति समर्पित है. इसके माध्यम से विधवाओं के सामने आने वाली सामाजिक, आर्थिक और कानूनी कठिनाइयों को उजागर करना और इन मुद्दों को हल करने के लिए कार्रवाई को बढ़ावा देना है.

कब और क्यों शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस

संपूर्ण दुनिया में विधवाओं को समाज में सम्मानित स्तर दिलाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 दिसंबर 2010 को घोषणा की थी कि 23 जून 2011 को अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस मनाया जायेगा. गौरतलब है कि ब्रिटेन स्थित लुंबा फाउंडेशन भी साल 2005 से ही विधवाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना मिशन चला रही थी. इसी संस्था के प्रयास से संयुक्त राष्ट्र में विधवाओं के खिलाफ जारी अत्याचारों के आंकड़ों को देखते हुए विधवा दिवस की घोषणा की गई थी. इसके बाद से संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत, यूनाइटेड किंगडम, सीरिया, केन्या, श्रीलंका, बांग्लादेश सहित कई देशों में विधवा दिवस का आयोजन किया जा रहा है.

अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस 2023 की थीम

हर साल, संयुक्त राष्ट्र दुनिया भर में विधवाओं के सामने आने वाली कठिनाइयों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस के लिए एक नई थीम की घोषणा करता है. इस वर्ष, इस दिन का विषय “लैंगिक समानता के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी” है.

23 जून को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस

अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस की नींव ब्रिटेन स्थित लूंबा फाउंडेशन ने ही रखी थी. ज्ञात हो कि लुंबा फाउंडेशन की संस्थापिका भारतीय मूल की राजिंदर पॉल लुंबा की माँ ने 1954 के दिन (23 जून) अपने पति को खोया था. 37 साल की उम्र में पति को खोने के बाद उनकी माँ को जिस तरह सामाजिक प्रताड़नाओं एवं अन्य समस्याओं से जूझना पड़ा, उसने राजिंदर पॉल लूंबा के लिए प्रेरणा का काम किया. राजिंदर पॉल लूंबा अपने फाउंडेशन के जरिये अविकसित और गरीब देशों में रहने वाली विधवाओं को उनके बच्चों की शिक्षा, पोषण आदि में सहायता करता है. यह भारत और कई अन्य एशियाई और अफ्रीकी देशों सहित तमाम देशों में सक्रिय है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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