बरेली: स्मैक तस्कर से दोस्ती पड़ी भारी, इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मी निलंबित, बातचीत का ऑडियो वायरल

बरेली में थाना फतेहगंज पश्चिमी इंस्पेक्टर समेत पुलिस कर्मियों पर स्मैक तस्कर को गिरफ्तार करने के बजाय व्हाट्सएप कॉल पर बात करने का आरोप है. इसके साथ ही एक एफआईआर की कॉपी भी व्हाट्सएप से अपराधी को भेजने की बात सामने आई है.
Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में तेजतर्रार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएससी) घुले सुशील चंद्रभान की पहली कार्रवाई की गाज इंस्पेक्टर फतेहगंज पश्चिमी समेत छह पुलिस कर्मियों पर गिरी है.
बरेली के नए एसएसपी ने स्मैक तस्कर शानू उर्फ सोनू कालिया से दोस्ती निभाने को लेकर इंस्पेक्टर थाना फतेहगंज पश्चिमी मनोज कुमार सिंह, एसओजी में तैनात हेड कांस्टेबल अनिल कुमार प्रेमी, शेरगढ़ थाने में तैनात कांस्टेबल बाबर, सीबीगंज थाने में तैनात कांस्टेबल दिलदार, मुनब्बर आलम और हाफिजगंज थाने में तैनात कांस्टेबल हर्ष चौधरी को निलंबित कर दिया है.
इसके अलावा फरीदपुर थाना कोतवाली के कंप्यूटर रूम में तैनात ऑपरेटर हरीश का एक व्यक्ति से रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ था. इसमें एक व्यक्ति के कुर्ते की जेब से रुपए निकालकर ऑपरेटर हरीश को देने का वीडियो पुलिस अफसरों को भी ट्वीट किया गया था. इसके चलते ऑपरेटर को भी सस्पेंड किया गया है.
इंस्पेक्टर समेत पुलिस कर्मियों पर स्मैक तस्कर को गिरफ्तार करने के बजाय व्हाट्सएप कॉल पर बात करने का आरोप है. इसके साथ ही एक एफआईआर की कॉपी भी व्हाट्सएप से सोनू कालिया को भेजने की बात सामने आई है. कुछ पुलिस कर्मियों पर स्मैक तस्कर की मुखबरी करने के भी आरोप हैं.
फतेहगंज पश्चिमी थाने के पूर्व इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह पर 9 जुलाई को महिंदा पिकअप में दो मृत भैंसों को लेकर जाने वाले तीन लोगों को बिना आधिकारियों की जानकारी के छोड़ने का आरोप है. यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद दोबारा तीनों को बुलाकर मेडिकल कराया गया था. इसके अलावा शिक्यतकर्ता की पिटाई करने, रिश्वत लेकर क्रॉस एफआईआर समेत अन्य मामले भी थे.
स्मैक तस्कर सोनू उर्फ कालिया को मीरगंज थाना पुलिस ने जेल भेजा है. उसके खिलाफ कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं. वह स्मैक तस्कर कल्लू डॉन का चेला है. सोनू के अपराधी होने के बावजूद कुछ पुलिसकर्मियों से करीबी संबंध थे. मगर, पिछले वर्ष स्मैक तस्करों के खिलाफ कार्रवाई हुई. इस दौरान सोनू कालिया भी निशाने पर आ गया. उसकी गिरफ्तारी को लेकर तलाश की जा रही थी. मगर, इसी बीच 12 मई 2022 को सिपाही अमरदीप की उससे बातचीत की ऑडियो वायरल हुआ था.
इसमें सिपाही एक अधिकारी का जिक्र कर सोनू से 10 लाख रुपए की मांग कर रहा था. पुलिस जांच में पाया गया कि सोनू ने ही ऑडियो वायरल किया था. पुलिस ने सोनू और सिपाही को भ्रष्टाचार निवारण के तहत जेल भेजा था. वहीं ऑडियो में बार-बार अधिकारी का नाम लिया जा रहा था. उस अधिकारी का नाम आज तक सामने नहीं आया है. मगर, इसके बाद से सोनू कालिया पुलिस के निशाने पर आ गया. मीरगंज थाने में भी उसके खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं. उसकी पत्नी ने भी एक पुलिस अधिकारी का नाम लेकर गंभीर आरोप लगाए थे. उसका कहना था कि खाकी के करीबी होने की सजा उसके पति को मिली है.
स्मैक तस्कर सोनू कालिया के घर पर बुलडोजर तंग गली होने की वजह से नहीं पहुंच सका था. इसके बाद बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की टीम ने अवैध रूप से बने मकान पर जमकर हथोड़े बरसाए थे. मकान के ध्वस्तीकरण के लिए बीडीए की ओर से मजदूरों को लगाया गया था. ड्रिल मशीन से लिंटर तोड़ा गया.
रिपोर्ट- मुहम्मद साजिद, बरेली
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




