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Raksha Bandhan 2020: भाई-बहन के त्योहार पर Corona का लॉक, कहीं सूनी न जाये भाइयों की कलाई

Updated at : 18 Jul 2020 11:06 AM (IST)
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rakhabandhan 2024

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Raksha Bandhan 2020: भाई-बहन के प्यार का त्योहार रक्षाबंधन इस वर्ष तीन अगस्त को मनाया जायेगा. मगर, इस बार इस त्योहार पर कोरोना का साया है. ऐसे में भाई की कलाई पर बांधी जाने वाली राखी का बाजार ठंडा पड़ा है. इसका मुख्य कारण है कि लॉकडाउन के कारण बाजार बंद होना है.

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Raksha Bandhan 2020: सासाराम, कोरोना वायरस के कारण देश के कई राज्यों में लॉकडाउन फिर से लागू कर दिया गया है. इस दौरान देश में बहुत तेजी से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. तीन अगस्त को रक्षाबंधन है. यह भाई-बहन के प्रेम का त्योहार है. भाई-बहन के प्यार का त्योहार रक्षाबंधन इस वर्ष तीन अगस्त को मनाया जायेगा. मगर, इस बार इस त्योहार पर कोरोना का साया है. ऐसे में भाई की कलाई पर बांधी जाने वाली राखी का बाजार ठंडा पड़ा है. इसका मुख्य कारण है कि लॉकडाउन के कारण बाजार बंद होना है.

रक्षाबंधन में 20 दिन शेष

रक्षाबंधन में 20 दिन शेष हैं, लेकिन बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है. ऐसे में हर साल बाजार व गलिओं में कई दुकानों पर राखी दिखाई देने लगती थी. मगर, इस बार बाजार बंद होने से भाइयों की कलाई पर बहनें राखी कैसे बंधेगी. कहीं इस लॉकडाउन में भाइयों की कलाई सूनी न रह जाये. इस वर्ष रक्षाबंधन को लेकर बहनों को चिंता सताने लगी है. क्योंकि बहनें एक महीने पहले से अपने भाइयों को राखी बांधने की तैयारी करती है. कई बहनों के भाई घर से दूर है, तो उन्हें पार्सल से राखी भेजती है. लेकिन, इस कोरोना काल में बहनों की सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया है.

सर्राफा बाजार बंद, चांदी की राखी भी अटकी

रेशम की डोरी वाली राखी का स्टॉक कम होने के साथ इस बार चांदी की राखी का स्टॉक भी अटक गया है. सर्राफा बाजार भी 31 जुलाई तक बंद होने के कारण व्यापारियों का माल अटक गया है. सर्राफा कारोबारी ने बताया कि इस बार कम ही व्यापारियों ने चांदी की राखी तैयार करायी है, लेकिन बाजार बंद हो जाने के कारण उनका माल भी अटक गया है.

असमंजस की स्थिति

राखी व्यापारी ने बताया कि पिछले साल इन दिनों राखी खरीदने वालों की भीड़ रहती थी. गांव से लेकर मुहल्लों में राखी की दुकानें सज जाती थीं, लेकिन इस बार राखी की दुकान लगने वाले असमंजस में हैं. उन्हें लग रहा है कि वो माल खरीदे और कहीं ऐसा न हो कि 31 जुलाई के बाद लॉकडाउन हो जाये या प्रशासन सड़क पर दुकान न लगाने दे, इसके चलते वो अभी माल नहीं खरीदे रहे हैं.

राखी है तैयार, पर बाजार बंद

राखी के कारीगर संजय कुमार पटवा ने बताया कि रक्षाबंधन से तीन-चार महीने पहले ही राखी का स्टॉक तैयार किया जाता है. मगर, इस साल मार्च में लॉकडाउन लग गया है. जब अनलॉक शुरू हुआ, तो घर के बच्चे व बुजुर्ग मिल कर राखी तैयार करने में जुट गये. लेकिन फिर से 31 जुलाई तक लॉकडाउन लागू होने के कारण अब कमर टूट गयी. लगायी गयी पूंजी भी वापस नहीं हो पायेगी. क्योंकि लोग दो दिनों में कितनी खरीदारी कर सकेंगे. यह असमंजस की स्थिति है कि लॉकडाउन बढ़ेगा या खुल जायेगा. ऐसे में पुराना स्टॉक है, वह भी नहीं निकल पायेगा.

News posted by ashish jha

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यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

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