Google Play Store से 17 फेक लोन ऐप्स की छुट्टी, अभी कर दें फोन से डिलीट
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 10 Dec 2023 7:24 AM
Google Play Store Policy Update
google remove 17 fake loan apps - बताया जा रहा है कि ये ऐप्स यूजर्स के साथ फ्रॉड कर रहे थे. इनमें स्पाई मालवेयर पाया गया है. साइबर सिक्योरिटी फर्म ESET की एक रिसर्च रिपोर्ट में पता चला कि यूजर्स के साथ फ्रॉड करने वाले कई इंस्टैंट लोन ऐप्स एंड्रॉयड यूजर्स को निशाना लगा रहे हैं.
Google Remove 17 Loan Apps From Play Store : टेक्नोलॉजी सेक्टर की दुनिया की टॉप कंपनियों में शुमार गूगल ने अपने प्ले स्टोर से लोन देने वाले 17 ऐप्स की छुट्टी कर दी है. बताया जा रहा है कि ये ऐप्स यूजर्स के साथ फ्रॉड कर रहे थे. इनमें स्पाई मालवेयर पाया गया है. साइबर सिक्योरिटी फर्म ESET की एक रिसर्च रिपोर्ट में पता चला कि यूजर्स के साथ फ्रॉड करने वाले कई इंस्टैंट लोन ऐप्स एंड्रॉयड यूजर्स को निशाना लगा रहे हैं.
थर्ड पार्टी सोर्स पर ऐप्स अब भी एक्टिव
साइबर सिक्योरिटी फर्म की रिपोर्ट में 18 ऐप्स की पहचान की गई थी. इनमें से गूगल ने 17 ऐप्स को हटा दिया है, वहीं एक ऐप के डेवलपर्स ने अपनी पॉलिसी को गूगल के नॉर्म्स के अनुसार बदल लिया है. इस वजह से उसे प्ले स्टोर से नहीं हटाया गया. गूगल के एक्शन से पहले ये ऐप्स 1.20 करोड़ बार डाउनलोड किये जा चुके थे. ये ऐप्स अब थर्ड पार्टी सोर्स जैसे- सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म और SMS के जरिये टेक्स्ट मैसेज भेजकर लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं. ये ऐप्स भारत सहित पाकिस्तान, कोलंबिया, पेरू, फिलीपींस, मिस्र, केन्या, नाइजीरिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, और मेक्सिको में ऑपरेट किये जाते हैं.
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लोन देने के नाम पर उड़ा लेते हैं यूजर्स का पर्सनल डेटा
गूगल प्ले स्टोर पर जो ऐप्स बैन किये गए हैं, उनके बारे में शिकायत मिली है कि ये ऐप्स इंस्टैंट लोन देने के नाम पर कई तरह की परमिशन जैसे- कॉल लॉग, कॉन्टैक्ट लिस्ट, स्टोरेज, मीडिया फाइल और लोकेशन डेटा बायपास करते हैं. इसके साथ ही, यूजर्स का पर्सनल डेटा हासिल करने के लिए अड्रेस, बैंक अकाउंट और फोटो जैसी डिटेल भी मांग लेते हैं.
जान की धमकी तक देते हैं लोन ऐप वाले
प्ले स्टोर से जिन ऐप्स की छुट्टी की गई है, वे गूगल के प्ले स्टोर की पॉलिसी को भी चकमा दे रहे थे. इन ऐप से लोगों को तुरंत लोन मिलता है, लेकिन इसके लिए बहुत ज्यादा सूद वसूला जाता और लोन चुकाने के लिए टाइम भी कम दिया जाता है. यूजर की सारी डीटेल्स मिलने के बाद ऐप लोन चुकाने के लिए ब्लैकमेल करना शुरू कर देते हैं. ESET रिसर्चर लुकास स्टेफैन्को ने कहा कि ये लोग लोन ऐप्स के जरिये लोगों को ब्लैकमेल करते और जान से मारने तक की धमकी भी देते थे.
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Google Play Store से हटाये गए ऐप्स की ये है लिस्ट-
Cashwow
CrediBus
FlashLoan
PréstamosCrédito
AA Kredit
Amor Cash
GuayabaCash
EasyCredit
Préstamos De Crédito-YumiCash
Go Crédito
Instantáneo Préstamo
Cartera grande
EasyCash
Rápido Crédito
Finupp Lending
4S Cash
TrueNaira
आप भी रहें अलर्ट
आपके स्मार्टफोन में अगर इनमें से कोई ऐप मौजूद है, तो फौरन उसे डिलीट / अनइंस्टॉल कर दें. ऐसा नहीं किया, तो आप मुसीबत में पड़ सकते हैं. ऊपर दी गई लिस्ट में से किसी भी ऐप से अगर आप लोन लेने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो तुरंत सावधान होने की जरूरत है. स्पाई लोन ऐप्स लोगों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए सोशल मीडिया और एसएमएस का सहारा लेते हैं. स्कैम वेबसाइट्स पर भी ये मौजूद रहते हैं. थर्ड पार्टी ऐप स्टोर पर भी ये मिल जाते हैं. इस तरह के ऐप्स यूजर्स को अपने जाल में फंसाते हैं और उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे हड़प लेते हैं.
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By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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