G-20 Summit: यूक्रेन विवाद का मुद्दा उठा तो भड़क उठा चीन, मंत्रियों की बैठक में इन प्रस्तावों पर बनी सहमति

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 13 Jun 2023 10:20 AM

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वाराणसी में आयोजित G-20 देशों के मंत्रियों की बैठक में यूक्रेन विवाद का जिक्र करने पर चीन नाराज हो गया. जिसके कारण कोई साझा घोषणा पत्र जारी नहीं हो सका. बताया जा रहा है कि इस प्रपत्र में यूक्रेन विवाद का जिक्र किया गया है. वहीं रूस को जिम्मेदार भी ठहराया गया है.

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वाराणसी. G-20 देशों के मंत्रियों की बैठक में सोमवार को यूक्रेन विवाद की छाया रही. यूक्रेन का जिक्र करने पर चीन नाराज हो गया. जिसके कारण कोई साझा घोषणा पत्र जारी नहीं हो सका. संयुक्त घोषणा पत्र की जगह जो प्रपत्र जारी किया गया उसे ‘आउटकम डाक्यूमेंट (परिणाम प्रपत्र) एंड चेयर्स समरी (अध्यक्ष देश का सार)’ कहा गया. बताया जा रहा है कि इस प्रपत्र में यूक्रेन विवाद का जिक्र किया गया है. वहीं रूस को जिम्मेदार भी ठहराया गया है.

बैठक विदेश मंत्री एस जयशंकर की अध्यक्षता में हुई

रूस ने इस प्रपत्र से अपने आपको अलग कर लिया. जबकि चीन का कहना है कि इसमें यूक्रेन का जिक्र नहीं होना चाहिए था. यह बैठक विदेश मंत्री एस जयशंकर की अध्यक्षता में हुई थी. बैठक के बाद प्रेस कॉंफ्रेंस में जब विदेश मंत्री जयशंकर से इस बारे में पूछ गया तो कहा कि किस देश ने समर्थन किया और किसने विरोध किया, मैं इसमें नहीं जाना चाहता हूं. लेकिन सभी ने अपने हितों के संदर्भ में बात की. बताया जा रहा है कि इसके पहले जी-20 के वित्त मंत्रियों और विदेश मंत्रियों की बैठक में भी यूक्रेन विवाद का जिक्र होने की वजह से ही संयुक्त घोषणा पत्र जारी नहीं किया जा सका था.

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मंत्रियों की बैठक में इन प्रस्तावों पर बनी सहमति

वाराणसी में तीन दिवसीय चल रही जी-20 बैठक में दुनिया की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले G-20 देशों के विकास मंत्रियों ने भारत के वसुधैव कुटुंबकम की धारणा को आत्मसात किया. वहीं सभी तरह की चुनौतियों से एक परिवार की तरह पार पाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई. भारत की तरफ से एक धरती, एक परिवार व एक भविष्य का प्रस्ताव रखा गया. इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सहमति जताई. हस्तकला संकुल में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की अध्यक्षता वाले सम्मेलन में दक्षिणी गोलार्ध सहित दुनियाभर के सभी देशों की चुनौतियों पर चर्चा की गई. इस दौरान कहा गया कि एक परिवार, एक भविष्य व एक पृथ्वी के संकल्प के साथ आगे बढ़ना है. कोरोना महामारी के बाद की स्थिति, जलवायु परिवर्तन और जरूरतमंद लोगों की मदद के वैश्विक प्रयासों को बढ़ाने पर सहमति बनी.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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