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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेता और आईएएस अधिकारी के कई ठिकानों पर ईडी के छापे

Updated at : 21 Jul 2023 2:32 PM (IST)
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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेता और आईएएस अधिकारी के कई ठिकानों पर ईडी के छापे

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेता और आईएएस अधिकारियों के यहां प्रवर्तन निदेशालय के छापे से हड़कंप मच गया है. छापेमारी की कार्रवाई राजधानी रायपुर और कोरबा में हो रही है. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि केंद्रीय जांच एजेंसी किस मामले में यह कार्रवाई कर रही है.

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छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के एक नेता और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के कुछ अधिकारियों समेत कई ठिकानों पर शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापेमारी की. बताया जा रहा है कि धन शोधन (मनी लाउंडरिंग केस) में ईडी ने छापेमारी की है. कांग्रेस नेता और आईएएस अधिकारियों के कई ठिकानों पर छापेमारी हुई है. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है.

रायपुर और कोरबा में चल रही ईडी की कार्रवाई

सूत्रों ने बताया है कि आईएएस अधिकारी रानू साहू के अलावा कुछ अन्य नौकरशाह और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के नेता एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली जा रही है. राजधानी रायपुर में आईएएस अधिकारी साहू और रामगोपाल अग्रवाल तथा कोरबा में कोरबा नगर निगम के आयुक्त प्रभाकर पांडे के आवास के बाहर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के जवान नजर आ रहे हैं.

किस मामले में हो रही कार्रवाई, यह स्पष्ट नहीं

सूत्रों की ओर से बताया गया है कि केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत एक नया मामला दर्ज किये जाने के बाद छत्तीसगढ़ में यह कार्रवाई की जा रही है. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ईडी ने छापेमारी की यह कार्रवाई किस मामले में की है. सूत्र इस बात की संभावना जता रहे हैं कि छापेमारी कथित चावल घोटाला से जुड़ी हो सकती है.

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लेवी और शराब घोटाला में गिरफ्तार हुए हैं कई अधिकारी

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी छत्तीसगढ़ में कथित कोयला लेवी और शराब घोटाले की भी जांच कर रही है. इन दोनों मामलों में उसने कई नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के साथ-साथ कई आईएएस अधिकारियों एवं प्रमुख नौकरशाहों को गिरफ्तार किया है. लेकिन इस छापे के तार शराब घोटाले से जुड़े नहीं हो सकते हैं, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को इस मामले में निर्देश दे रखा है कि वह हर तरह से संयम बनाये रखे.

भूपेश बघेल को फंसाना चाहती है ईडी – कपिल सिब्बल

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने उच्चतम न्यायालय में कहा था कि ईडी के अधिकारी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को शराब घोटाला में फंसाना चाहते हैं. इतना ही नहीं, कुछ अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि ईडी के अफसर राज्य सरकार के अधिकारियों को जांच के नाम पर धमकी देते हैं.

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संयम बरतने का कोर्ट ने दिया था ईडी को निर्देश

सर्वोच्च न्यायालय ने इसके बाद 18 जुलाई को ईडी से कहा था कि वह छत्तीसगढ़ में 2,000 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लाउंडरिंग केस की जांच में ‘हर तरह से संयम बनाए रखे’. जस्टिस एसके कौल और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने छत्तीसगढ़ के दो लोगों की ओर से दायर याचिका और उससे जुड़ी कुछ अन्य याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- डर का माहौल पैदा न करें

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा था कि पहले ही आपको आदेश दिया जा चुका है कि इस मामले में में आप कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेंगे. इससे पहले, 16 मई को शीर्ष अदालत ने ईडी से कहा था कि वह ‘डर का माहौल’ पैदा न करे. छत्तीसगढ़ की सरकार ने ईडी पर ‘अनियमित तरीके से काम करने’ का आरोप लगाया था.

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शराब घोटाले से 2000 करोड़ रुपये की काली कमाई

उधर, प्रवर्तन निदेशालय ने इससे पहले एक अदालत में कहा था कि छत्तीसगढ़ में शराब के व्यापार में सरकार के सीनियर ऑफिसर्स, नेताओं और कुछ लोगों ने शराब के कारोबार में जमकर कालाधन बनाया. एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि इन लोगों ने तीन-चार साल में 2,000 करोड़ रुपये की काली कमाई की.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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