धनबाद जज मौत मामला: दो गवाहों ने ऑटो चालक लखन वर्मा को पहचाना, सीसीटीवी फुटेज में सामने आयी ऐसी तस्वीर
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 26 Mar 2022 10:17 AM
धनबाद जज मौत मामले में पेट्रोल पंप के दो गवाहों ने ऑटो चालक लखन वर्मा की पहचान की. जिसमें उन्होंने उस दिन हुई पूरी घटना को बयां किया. सीबीआइ ने अदालत में जब्त किये गये सीसीटीवी फुटेज को पेश किया.
धनबाद : धनबाद के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश अष्टम उत्तम आनंद की मौत मामले की सुनवाई शुक्रवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश तृतीय रजनीकांत पाठक की अदालत में हुई. अभियोजन पक्ष से दिल्ली से आये सीबीआइ के लोक अभियोजक अमित जिंदल ने गोविंदपुर स्थित सिटी फ्यूलस नामक पेट्रोल पंप के दो कर्मचारियों की गवाही करवायी.
अदालत में पेट्रोल पंप के नोजल मैन शमशेर अली अंसारी ने अदालत में उपस्थित लखन वर्मा की पहचान ऑटो चालक के रूप में की. उसने बताया कि उसकी ड्यूटी 27 जुलाई 2021 को शाम 6:30 से 28 जुलाई 2021 की सुबह 6:30 बजे तक पेट्रोल पंप पर थी. उसकी पाली समाप्त होने से पूर्व ही सुबह एक ऑटो आया, जिसमें उसने डीजल डाला था.
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कुमार विमलेंदु के सवालों का जवाब देते हुए गवाह शमशेर अली अंसारी ने बताया कि सीबीआइ द्वारा पूर्व में ही लखन वर्मा की शिनाख्त उसे करवा दी थी तथा उसे वीडियो फुटेज भी दिखाया गया था. सीबीआइ द्वारा ही ऑटो चालक का नाम लखन वर्मा उसे बताया गया था. सीबीआइ द्वारा अदालत में पेट्रोल पंप से जब्त किये गये सीसीटीवी फुटेज को पेश किया गया.
खुली अदालत में न्यायाधीश ने सीसीटीवी फुटेज को अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ता के समक्ष चला कर देखा तथा सीबीआइ द्वारा पेश किये गये पेन ड्राइव को साक्ष्य के रूप में अंकित कर लिया है. सीसीटीवी फुटेज में दाे कैमरों से अलग-अलग वीडियो ली गयी थी, जिसकी अवधि 14 मिनट 58 सेकंड प्रति वीडियो था.
कैमरा संख्या आठ से लिया गया वीडियो पेट्रोल पंप के अंदर का वीडियो था. इसमें ऑटो चालक को पेट्रोल पंप में आते हुए दिखाया गया था व नोजल मैन ऑटो में डीजल डालते हुए किसी से मोबाइल फोन पर लगातार बात कर रहा था, जबकि दूसरा वीडियो कैमरा नंबर 16 से तैयार किया गया था, जो पेट्रोल पंप के बाहर सड़क का वीडियो था, जिसमें ऑटो से पेट्रोल पंप के समीप एक व्यक्ति को उतारकर ऑटो चालक को किराया देते हुए दिखाया गया है.
अदालत में पेश किया गया पेनड्राइव एक लिफाफे में सील पैक था, जिसे गवाह जानी बाबू के समक्ष खोला गया. गवाह ने उक्त लिफाफे पर किये गये अपने हस्ताक्षर की पहचान की तथा कहा कि उसने ही पुलिस को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध करवाया था. 31 जुलाई 2021 को गोविंदपुर के तत्कालीन थानेदार उमेश प्रसाद सिंह द्वारा सीसीटीवी फुटेज जब्त किया गया था.
जेल में बंद ऑटो चालक लखन कुमार वर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश तृतीय रजनीकांत पाठक की अदालत में हुई. बचाव पक्ष के अधिवक्ता कुमार विमलेंदु ने बहस की. वहीं सीबीआइ ने प्रतिउत्तर दाखिल करने की मांग की. अदालत ने उभयपक्षों की दलील सुनने के बाद सुनवाई की अगली तिथि 30 मार्च निर्धारित कर दी.
धनबाद थाना हाजत में बंद देवेंद्र सिंह को गाली गलौज करने, धमकी देने व सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के मामले की सुनवाई शुक्रवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अभिनव त्रिपाठी की अदालत में हुई.
अदालत में आरोपी धनबाद नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह उपस्थित नहीं थे. उनकी ओर से उनके अधिवक्ता ने प्रतिनिधित्व आवेदन दायर किया. केस अभिलेख साक्ष्य पर निर्धारित था. लेकिन अभियोजन कोई गवाह पेश नहीं कर सका. अदालत ने अभियोजन को गवाह पेश करने का निर्देश देते हुए अगली तारीख 25 अप्रैल 2022 निर्धारित कर दी. चार मार्च 2022 को अदालत ने एकलव्य सिंह के खिलाफ आरोप गठन किया था.
Posted By: Sameer Oraon
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