धनबाद के बीबीएमकेयू में पीजी की तर्ज पर यूजी में भी प्रमोशन, एकेडमिक काउंसिल ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
Published by : Rahul Kumar Updated At : 16 Oct 2022 1:10 PM
बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय में अब यूजी में छात्रों की प्रमोशन नीति पीजी की तर्ज बनायी जा रही है. इस नीति से संबंधित रेगुलेशन में बदलाव के प्रस्ताव को विवि के एकेडमिक काउंसिल ने पहले ही मंजूरी दे दी है. नया रेगुलेशन से यूजी के विद्यार्थियों को राहत मिलेगी.
Dhanbad News: बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) में अब यूजी में छात्रों की प्रमोशन नीति पीजी की तर्ज बनायी जा रही है. इस नीति से संबंधित रेगुलेशन में बदलाव के प्रस्ताव को विवि के एकेडमिक काउंसिल ने पहले ही मंजूरी दे दी है. नया रेगुलेशन से यूजी के विद्यार्थियों को राहत मिलेगी. रेगुलेशन इसी सत्र से लागू होगा. परीक्षा नियंत्रक डॉ सुमन कुमार वर्णवाल ने बताया कि इससे इंड सेमेस्टर में कम संख्या में छात्र अनुतीर्ण होंगे. उन्होंने बताया इसके लिए यूजी प्रमोशन रेगुलेशन 12 ए में बदलाव किया गया है.
क्या कहता है रेगुलेशन
इस रेगुलेशन के अनुसार कोर पेपर वन और टू को मिलाकर पास करना होता था. इसे पीजी रेगुलेशन 18.2 के सामान कर दिया है. अब यूजी के विद्यार्थियों को सेमेस्टर टू से थ्री में जाने के लिए सभी कोर पेपर में पास होने की बाध्यता नहीं होगी. अब छात्र कोर के साथ डीएसइ पेपर मिलाकर 50 प्रतिशत में भी पास होते हैं, तो उन्हें अगले सेमेस्टर में प्रमोट कर दिया जायेगा, लेकिन बाद में उन्हें सभी पेपर क्लियर करना होगा. इससे छात्रों को यह फायदा यह होगा कि उनका साल बर्बाद नहीं होगा. यह समय पर ग्रेजुएशन पूरा कर सकेंगे. साथ ही फेल होने वाले छात्रों की संख्या में भी कमी आएंगी.
यूजी सेम सिक्स के ऊर्दू व बांग्ला विषय के विद्यार्थियों के रिजल्ट लंबित
धनबाद. बीबीएमकेयू के अधीन कॉलेजों के बांग्ला और उर्दू ऑनर्स सेमेस्टर सिक्स (सत्र 2019-22) के छात्रों का रिजल्ट अटक गया है. जबकि अन्य सभी विषयों का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. अब इन दोनों विषयों के छात्र रिजल्ट के लिए अपने – अपने कॉलेजों और विवि का चक्कर लगाने को बाध्य हैं. विषयों के छात्र जेसीइसीइबी की ओर से ली जाने वाली बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन नहीं दे पाए हैं. इस परीक्षा के लिए आवेदन देने की अंतिम तिथि तीन अक्तूबर थी. अन्य सभी विषयों का रिजल्ट एक अक्तूबर तक जारी कर दिया गया था. छात्रों को अब यह डर सता रहा है कि कहीं विवि में पीजी में नामांकन के लिए आवेदन देने से वंचित नहीं रह जाएं.
मूल्यांकन नहीं होने के कारण रिजल्ट जारी नहीं
बांग्ला और ऊर्दू विषय के छात्रों के रिजल्ट लंबित की वजह के संबंध में बताया जा रहा है कि इन छात्रों ने नन लैंग्वेज पेपर की परीक्षा भी उर्दू या फिर बांग्ला में दिया था. इस वजह से इनके उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं किया जा सका था. विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ सुमन कुमार वर्णवाल ने बताया कि नियमानुसार ऊर्दू और बांग्ला ऑनर्स के छात्र नन लैंग्वेज पेपर की परीक्षा (जैसे इतिहास, राजनीति शास्त्र आदि) ऊर्दू और बांग्ला में नहीं दे सकते हैं. ऐसा करने पर उन्हें फेल माना जाएगा. इसलिए इनके उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन तब नहीं हुआ था, लेकिन इस सत्र के छात्रों की परीक्षा, यह नियम बनने से पहले शुरू हो गयी थी. इस लिए इन पर यह नियम लागू नहीं हो रहा है. विवि इनके उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराने की विशेष व्यवस्था कर रहा है. यह काम इन भाषा विभागाध्यक्ष और संबंधित नन लैंग्वेज विषय के शिक्षक मिल कर करेंगे. दिवाली से पहले इनका रिजल्ट जारी कर दिया जायेगा.
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By Rahul Kumar
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