वाराणसी: क्रिकेट कोच का था चपरासी की पत्नी के साथ अवैध संबंध, 2 दशक बाद बेटे ने करवाई हत्या, 5 गिरफ्तार
Published by : Sandeep kumar Updated At : 08 May 2023 8:21 AM
वाराणसी के डीएवी इंटर कॉलेज के खेल मैदान में क्रिकेट कोच की गोली मार कर हत्या करने की प्रयास में शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने रविवार को इस मामले में मुख्य आरोपी समेत पांच हमलावरों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल दिया है.
Varanasi : यूपी में वाराणसी के डीएवी इंटर कॉलेज के खेल मैदान में क्रिकेट कोच की गोली मार कर हत्या करने की प्रयास में शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने रविवार को इस मामले में मुख्य आरोपी समेत पांच हमलावरों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल दिया है. दरअसल, वाराणसी में बीते 1 मई को डीएवी डिग्री कॉलेज के मैदान में क्रिकेट कोच को सिर्फ इसलिए गोली मारी गई थी क्योंकि उसने कॉलेज की चपरासी की पत्नी के साथ लंबे समय तक अवैध संबंध बना रखा था.
यह बात महिला के बेटे को नागवार गुजरी थी, जिसकी वजह से प्रतिशोध की आग में लगभग दो दशकों से जल रहा था. बेटे ने भाड़े के अपराधियों और असलहा तस्कर को हायर करके क्रिकेट कोच को मौत के घाट उतारने के लिए उसपर हमला कर दिया था.
वाराणसी के अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध संतोष सिंह ने इस मामले में बताया कि क्रिकेट कोच पर हमले में मुख्य आरोपी रामजी दुबे है, जो वाराणसी के हुकूलगंज में रहता है. उसके पिता डीएवी कॉलेज में चपरासी थे. जहां यह घटना हुई है. प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि क्रिकेट कोच को इसलिए गोली मारी गई, क्योंकि राम जी दुबे को यह आशंका थी कि उसकी मां के साथ क्रिकेट कोच रामलाल यादव ने अवैध संबंध बनाए थे. जिसको लेकर लगभग 2 दशक से भी ज्यादा वक्त से रामजी दुबे प्रतिशोध लेना चाहता था.
संतोष सिंह ने आगे बताया कि रामजी दुबे के मां का मृत्यु 8 साल पहले हो चुका है, लेकिन क्रिकेट कोच रामलाल यादव एक दबंग प्रवृत्ति का आदमी है. जिसकी वजह से चपरासी का बेटा राम जी दुबे कतराता था. इसी वजह से रामजी दुबे ने दो-ढाई लाख रुपए जुटाकर वकील मनीष सिंह, जो एक वकील होने के साथ असलहा तस्कर भी है और वह कई आपराधिक गिरोह के साथ भी रहा है. रामजी दुबे ने मनीष सिंह की मदद लेकर असलाहा और गोलियां मंगाई थी.
उन्होंने आगे बताया कि इस गोलीबारी में वरुणापार इलाके के कुछ गंजेड़ियों को भी हायर किया गया था. इस घटना को अंजाम देने के लिए बहुत पहले से सुनियोजित ढंग से प्लानिंग की गई. क्रिकेट कोच को गोली मारने में कुल 3 राउंड फायर हुआ था, जिसमें एक गोली उनको लगी थी.
इस प्रकार सर्विलांस टीम और सीसीटीवी कैमरे के आधार पर पांचों अभियुक्तों को असलहो के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है. संतोष सिंह ने बताया कि वारदात के दौरान जिस ऑटो रिक्शे से ये सभी भागे थे, उसको भी बरामद कर लिया गया है. इस घटना के अनावरण के लिए लगी हुई पुलिस टीम को 25 हजार पुरस्कार राशि भी दिया गया है.
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