छत्तीसगढ़ चुनाव : प्रेमसाय सिंह टेकाम ने गृह मंत्री रामसेवक पैकरा को हराकर लगाया था ‘छक्का’

छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम प्रतापपुर (एसटी) विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर छठी बार विधानसभा पहुंचे. मध्यप्रदेश सरकार में कई मंत्रालय संभालने वाले डॉ टेकाम को उत्कृष्ट मंत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. जानें उनके बारे में विस्तार से.
Chhattisgarh Assembly Election: डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम छत्तीसगढ़ के स्कूली शिक्षा, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के मंत्री हैं. वर्ष 1980 में वह पहली बार मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. इसके बाद 1985, 1993, 1998, 2008 और 2018 में विधायक बने. इस तरह वह अपने अब तक के जीवन में छह बार विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं. वर्तमान में डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं.
मप्र में उत्कृष्ट मंत्री पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित
मंजन राम के घर 14 सितंबर 1954 को सूरजपुर जिले के परसवार खुर्द गांव में प्रेमसाय सिंह का जन्म हुआ. 4 जून 1995 को डॉ रमा सिंह से उनका विवाह हुआ. बीएएमएस की पढ़ाई करने वाले डॉ टेकाम के दो बच्चे हैं. एक पुत्र और एक पुत्री. अध्ययन, खेलकूद, भ्रमण, राजनीति एवं समाजसेवा में उनकी रुचि है. मध्यप्रदेश विधानसभा ने वर्ष 1998 में उन्हें ‘पंडित रविशंकर शुक्ल स्मृति’ उत्कृष्ट मंत्री पुरस्कार से नवाजा था.

कांग्रेस के बड़े नेता हैं, 6 बार जीत चुके हैं चुनाव
डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं. मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा की कई अहम समितियों के सभापति और सदस्य रहे हैं. जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन नहीं हुआ था, तब डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम मध्यप्रदेश सरकार में भी मंत्री रहे. वर्ष 1993 में वह मध्यप्रदेश सरकार में जल संसाधन एवं विधि विधायी कार्य विभाग के राज्यमंत्री थे. 1995 में उन्हें मछली पालन एवं डेयरी विकास विभाग का मंत्री बनाया गया. 1998 में वह वन विभाग के मंत्री बने. फिर 1999-2000 में राजस्व एवं पुनर्वास विभाग की जिम्मेदारी प्रेमसाय सिंह टेकाम को मिली.
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वर्ष 2000 में मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ राज्य अस्तित्व में आया. अजीत जोगी की सरकार में उन्हें कृषि, सहकारिता, पशुपालन एवं मछली पालन विभाग का मंत्री बनाया गया. इसके साथ-साथ वह सरगना के श्रम एवं खादी उद्योग, सहकारी संस्था के कोषाध्यक्ष भी बनाये गये. वर्ष 2009-10 में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति, शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति, सदस्य सुविधा एवं सम्मान समिति के सदस्य रहे. इसके बाद भी वह कई समितियों के सदस्य रहे. लोक लेखा समिति जैसी अहम समिति के सभापति रहे.

2018 में भूपेश बघेल सरकार में बने शिक्षा मंत्री
वर्ष 2018 में जब भूपेश बघेल के नेतृत्व में फिर से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी, तो डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम को स्कूली शिक्षा, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग का मंत्री बनाया गया. अब तक छह बार विधानसभा का चुनाव जीत चुके डॉ टेकाम ने वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रतापपुर (एसटी) सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के रामसेवक पैकरा, जो उस वक्त राज्य के गृह मंत्री थे, को 44 हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित कर दिया था.
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इस विधानसभा क्षेत्र में उस वक्त कुल 2,07,788 वोटर थे. इनमें से 1,74,379 यानी 83.92 फीसदी वोटर्स ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. इनमें से डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम को 90,148 यानी 51.70 फीसदी वोट प्राप्त हुए. उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रामसेवक पैकरा को 46,043 यानी 26.40 फीसदी वोट मिले. तीसरे स्थान पर रहीं गोंगपा की आशादेवी पोया. उनको 9.94 फीसदी यानी 17,341 वोट मिले, जबकि बीएसपी के डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह को 0.43 फीसदी यानी 5,977 मत प्राप्त हुए.
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छत्तीसगढ़ में इसी साल में विधानसभा के चुनाव होने हैं. छत्तीसगढ़ इलेक्शन 2023 दिसंबर से पहले करा लिये जाने की संभावना है. 11 दिसंबर 2023 को विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है. इसलिए उम्मीद की जा रही है कि सूबे में नवंबर के अंत तक या दिसंबर के पहले सप्ताह तक विधानसभा के चुनाव करा लिये जायेंगे. छत्तीसगढ़ विधानसभा में 90 सीटें हैं, जिनके लिए मतदान होता है. एक सदस्य को मनोनीत किया जाता है. इस तरह सदन में कुल 91 विधायक होते हैं. इस वक्त कांग्रेस के सबसे ज्यादा 71 विधायक हैं. बीजेपी के 13 विधायक सदन में हैं.
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By Mithilesh Jha
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