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गोरखपुर में आयोजित श्री विष्णु महापुराण कथा में पहुंचे सीएम योगी, बोले- शिव द्रोही के लिए धरती पर कोई जगह नहीं

Updated at : 14 May 2023 6:47 PM (IST)
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गोरखपुर में आयोजित श्री विष्णु महापुराण कथा में पहुंचे सीएम योगी, बोले- शिव द्रोही के लिए धरती पर कोई जगह नहीं

सीएम योगी गोरखपुर में आयोजित श्री विष्णु महापुराण कथा में पहुंचे थे. सीएम योगी ने कथा व्यास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भगवान गोरखनाथ से सभी को कथा ज्ञान यज्ञ का पुण्य प्राप्त होने और सब के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की.

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गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गोरखपुर दौरे के दूसरे दिन रविवार को गोरखनाथ मंदिर पहुंचे हुए है. जहां पर आयोजित सात दिवसीय श्री विष्णु महापुराण कथा के समापन दिवस पर व्यास पीठ के समक्ष अपने विचार को व्यक्त कर रहे थे. सीएम योगी ने कथा व्यास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भगवान गोरखनाथ से सभी को कथा ज्ञान यज्ञ का पुण्य प्राप्त होने और सब के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की. कथा के विश्राम पर उन्होंने व्यासपीठ की आरती उतारी और सबसे सोमवार से मंदिर में प्रारंभ हो रही श्रीमद्भागवत पुराण कथा में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने का आवाहन किया.

सीएम योगी ने की अपील

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान शिव भोला है वह बहुत शीघ्र भक्तों पर अनुग्रह करते हैं. प्राचीन काल से ही भगवान की सुर और असुर दोनों ने पूजा की. यह उनका महात्म है तभी वह महादेव कहलाते हैं शिव का अर्थ है कि कल्याण. इस दौरान उन्होंने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी श्रद्धालु भाग्यशाली है कि आपको एक सप्ताह से शिव अवतारी गुरु गोरखनाथ की साधनास्थली पर श्री शिव महापुराण के मर्मज्ञ संत बालक दास के श्रीमुख से देवाधिदेव महादेव के विभिन्न रूपों के महात्मय सेवा के श्रवण का अवसर प्राप्त हुआ. उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक दृष्टि से देखे तो संपूर्ण सृष्टि पर भोलेनाथ की कृपा है.

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उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग मंदिर

देश में उत्तर से दक्षिण तक पूर्व से पश्चिम तक भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग और मंदिर है. उन्होंने बताया कि द्वादश ज्योतिर्लिंग हमारी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत होने के साथ सांस्कृतिक दृष्टि से हमें एकता के सूत्र में होता है. उन्होंने बताया कि पूर्व में बैजनाथ धाम है तो पश्चिम में सिमरा धाम काशी में बाबा विश्वनाथ धाम तो मध्यप्रदेश में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर धाम है. उन्होंने बताया कि उत्तर की हिमालय पर केदारनाथ विराजमान है तो सुदूर दक्षिण में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के रूप में भगवान शिव का आशीर्वाद है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भगवान श्री राम श्री लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए रामेश्वरम सेतु बंध का निर्माण कर रहे थे. उन्होंने यहां पर शिवजी की आराधना की थी. भगवान श्रीराम ने महादेव की महिमा बताते हुए कहा था कि शिव द्रोही के लिए धरती पर कोई जगह नहीं है.

रिपोर्ट- कुमार प्रदीप, गोरखपुर

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