कलकत्ता हाईकोर्ट ने नामांकन पत्रों में छेड़छाड़ की सीबीआई जांच का आदेश रद्द किया ,पुलिस को जांच की मिली अनुमति

Updated at : 27 Jun 2023 4:58 PM (IST)
विज्ञापन
कलकत्ता हाईकोर्ट ने नामांकन पत्रों में छेड़छाड़ की सीबीआई जांच का आदेश रद्द किया ,पुलिस को जांच की मिली अनुमति

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में पंचायत चुनाव के दो उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों से जुड़े मामले में पुलिस को जांच करने का आदेश दिया है.

विज्ञापन

कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में पंचायत चुनाव के दो उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों में दी गई जानकारी को गलत तरीके से पेश करने और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ के आरोप की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच के एकल पीठ के निर्देश को रद्द कर दिया. अदालत ने, हालांकि, पश्चिम बंगाल पुलिस को न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) देबीप्रसाद डे के एक-सदस्यीय आयोग की देखरेख में मामले की जांच करने का निर्देश दिया है.

पुलिस को जांच का मिला आदेश

न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी और न्यायमूर्ति अपूर्वा सिन्हा रे की खंडपीठ का आदेश राज्य सरकार की उस अपील पर आया, जिसमें उसने सीबीआई जांच के एकल पीठ के निर्देश को चुनौती दी थी. खंडपीठ ने पुलिस को एकल न्यायाधीश के समक्ष तीन सप्ताह के बाद जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया, जिनके समक्ष शुरुआत में याचिका दायर की गई थी. हालांकि, पश्चिम बंगाल में आठ जुलाई को पंचायत चुनाव होने हैं.

Also Read: हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पैर और कमर में आई चोट
रिपोर्ट पेश करने का पुलिस को मिला आदेश

अदालत ने कहा, हमारी राय में, यह ऐसा मामला नहीं है, जिसमें सीबीआई जांच की मांग हो. हालांकि, आरोप याचिकाकर्ताओं के संवैधानिक अधिकार के उल्लंघन से संबंधित हैं, इसलिए कुछ जांच जरूरी है. राज्य पुलिस पर भरोसा जताते हुए, पीठ ने कहा कि न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि होते हुए दिखना भी चाहिए़. खंडपीठ ने कहा कि इसलिए, याचिकाकर्ताओं की किसी भी सार्वजनिक धारणा या आशंका को दूर करने के लिए अदालत ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) डे से जांच की निगरानी का अनुरोध किया है.

नामांकन पत्र दाखिल करते समय दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप

न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने 21 जून को सीबीआई को पांच जुलाई तक आरोपों की जांच करने और सात जुलाई को अदालत के समक्ष रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था. राज्य की अपील पर खंडपीठ ने 23 जून को सीबीआई जांच पर सोमवार तक रोक लगा दी थी. दो याचिकाकर्ताओं कश्मीरा बेगम और अंजुना बीबी ने संबंधित निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ आरोप लगाया कि नामांकन पत्र दाखिल करते समय उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गई है.

Also Read: पंचायत चुनाव से पहले केंद्र के इशारे पर लोगों को डरा रहे बीएसएफ के जवान, कूचबिहार में बोलीं ममता बनर्जी

विज्ञापन
Shinki Singh

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola