Bhishma Dwadashi 2023: इस दिन मनाई जाएगी भीष्म द्वादशी,  हर कार्य में मिलेगी सफलता, जानें पूजा विधि

Published by : Shaurya Punj Updated At : 31 Jan 2023 3:36 PM

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Bhishma Dwadashi 2023: धार्मिक ग्रंथों में माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को श्राद्ध और द्वादशी के दिन भीष्म पितामह की पूजा करने का विधान है. इस वर्ष भीष्म द्वादशी 02 फरवरी 2023 को गुरुवार के दिन मनाई जाएगी.

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Bhishma Dwadashi 2023: हिंदी पंचांग के अनुसार, माघ माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी को भीष्म अष्टमी मनाई जाती है.इसके चार दिन उपरांत भीष्म द्वादशी मनाई जाती है. धार्मिक ग्रंथों में माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को श्राद्ध और द्वादशी के दिन भीष्म पितामह की पूजा करने का विधान है. इस वर्ष भीष्म द्वादशी 02 फरवरी 2023 को गुरुवार के दिन मनाई जाएगी. यहां जानें भीष्म द्वादशी की पूजा विधि और इसका महत्व

भीष्म द्वादशी पूजा मुहूर्त

द्वादशी तिथि आरंभ – 01 फरवरी 2023, 14:04 से.
द्वादशी समाप्त – 02 फरवरी 2023, 16:27.

भीष्म द्वादशी पूजन विधि

भीष्म द्वादशी के दिन स्नान आदि करने के बाद भगवान विष्णु के स्वरूप भगवान श्री कृष्ण की पूजा करें.  इस दिन सूर्य देव की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है. भीष्म द्वादशी के दिन भीष्म पितामह के निमित्त तिल, जल और कुश तर्पण करें. हालांकि यदि आप खुद किन्ही कारणवश तर्पण नहीं कर सकते तो आप किसी जानकार और योग्य ब्राह्मण से ऐसा करा सकते हैं. इसके अलावा भीष्म द्वादशी के दिन अपने यथाशक्ति अनुसार ब्राह्मणों और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं.

भीष्म द्वादशी की कथा

महाभारत के युद्ध में जब पांडवों को एहसास हुआ कि वहसभीष्म पितामह को हरा नहीं सकते, तब उन्होंने इस बात की भनक लगी कि भीष्म पितामह ने प्रण लिया था कि वह युद्ध में भी किसी भी स्त्री के समक्ष कभी भी शस्त्र नहीं उठाएंगे.तो उन्होंने एक चाल चली और शिखंडी को युद्ध के मैदान में भीष्म पितामह के समक्ष खड़ा कर दिया.

प्रतिज्ञा के अनुसार भीष्म पितामह ने अस्त्र-शस्त्र का उपयोग नहीं किया, जिसा अर्जुन फायदा उठाता है और उन पर बाणों की वर्षा कर देता है.जिसके बाद भीष्म पितामह बाणों की शैया पर लेट गए, हालांकि उन्होंने असंख्य बाण लगने के बावजूद भी प्राणों का त्याग नहीं किया.क्योंकि उन्हें इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था.

अपने प्राण त्यागने के लिए उन्होंने सूर्य के उत्तरायण होने तक का इंतजार किया था.जब सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण पर पहुंचा तब अष्टमी तिथि के दिन भीष्म पितामह ने अपने प्राणों का त्याग किया, हालांकि उनके पूजन और अन्य कर्मकांड के लिए शास्त्रों में माघ मास की द्वादशी तिथि निश्चित की गई है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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