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चुनावी हिंसा पर CBI ने हाईकोर्ट को सौंपी रिपोर्ट: बलात्कार, दुष्कर्म के प्रयास के 39 मामलों की जांच जारी

Updated at : 04 Jan 2022 4:31 PM (IST)
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चुनावी हिंसा पर CBI ने हाईकोर्ट को सौंपी रिपोर्ट: बलात्कार, दुष्कर्म के प्रयास के 39 मामलों की जांच जारी

West Bengal Election Violence: रिपोर्ट में सीबीआई ने कोर्ट को बताया है कि हत्या के 52 मामलों में से, उसने पहले ही 10 में आरोप-पत्र में दाखिल कर दिया है और ऐसी कथित 38 घटनाओं की जांच कर रही है.

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कोलकाता: बंगाल चुनाव के दौरान हुई हिंसा की जांच करने वाली एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) में एक रिपोर्ट सौंपी है. इस रिपोर्ट में सीबीआई (CBI) ने कहा है कि वह पश्चिम बंगाल में चुनाव (West Bengal Election 2021) के बाद की हिंसा के दौरान कथित बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के 39 मामलों की जांच कर रही है. ऐसी 21 शिकायतों का कोई आधार नहीं मिला है.

इन सभी आरोपों का जिक्र राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा गठित तथ्यान्वेषण समिति की रिपोर्ट में किया गया था. मानवाधिकार आयोग समिति का गठन हाईकोर्ट की पांच जजों की पीठ के निर्देश पर किया गया था. पीठ ने कई जनहित याचिकाओं की सुनवाई की, जिसमें वर्ष 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद कथित हिंसा की घटनाओं की स्वतंत्र जांच का अनुरोध किया गया था.

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भारी बहुमत से राज्य विधानसभा चुनाव जीता था. पांच जजों की पीठ ने तथ्यान्वेषण समिति की रिपोर्ट में सामने लाये गये हत्या, बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के गंभीर आरोपों की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा था. सीबीआई ने सोमवार को चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली खंडपीठ को अपनी रिपोर्ट सौंपी.

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रिपोर्ट में सीबीआई ने कोर्ट को बताया है कि हत्या के 52 मामलों में से, उसने पहले ही 10 में आरोप-पत्र में दाखिल कर दिया है और ऐसी कथित 38 घटनाओं की जांच कर रही है. यह अभी भी ऐसे दो मामलों में आरोपों की पुष्टि कर रही है और दो अन्य मामलों को अन्य कथित अपराधों की जांच के लिए पांच जजों की पीठ द्वारा गठित राज्य पुलिस के एक विशेष जांच दल को वापस भेज दिया गया है.

केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि राज्य में चुनाव बाद हिंसा के दौरान कथित बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के 39 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. उसने यह भी कहा कि ऐसे 21 आरोपों में कोई आधार नहीं मिला और इन्हें विशेष जांच दल को भेज दिया गया. सीबीआई ने यह भी उल्लेख किया कि वह दो और मामलों में यौन उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि करने की प्रक्रिया में है.

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हाईकोर्ट की निगरानी में हो रही है जांच

विशेष जांच दल (एसआईटी) ने खंडपीठ को बताया कि उसने 689 मामलों में से 573 में आरोप-पत्र दाखिल किया है. तत्कालीन कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने 19 अगस्त, 2021 को पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा के दौरान हत्या और बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के सभी आरोपों की सीबीआई जांच और पश्चिम बंगाल कैडर के तीन आईपीएस अधिकारियों के साथ एसआईटी के गठन का आदेश दिया था, जो अन्य सभी मामलों की जांच करेंगे. पीठ ने यह भी निर्देश दिया था कि दोनों जांच की निगरानी हाईकोर्ट ही करेगा.

एजेंसी इनपुट के साथ

Posted By: Mithilesh Jha

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