Steve Wozniak: ऐपल के सह-संस्थापक स्टीव वोज्नियाक की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में कराया गया भर्ती

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 09 Nov 2023 12:43 PM

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Apple Co-Founder Steve Wozniak Admitted To Hospital In Mexico - ऐपल के को फाउंडर 73 साल के स्टीव वोज्नियाक मेक्सिको की राजधानी Santa Fe नेबरहुड में वर्ल्ड बिजनेस फोरम के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे.

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Apple Co-Founder Steve Wozniak Admitted To Hospital After Possible Stroke Latest News Updates – ऐपल के को-फाउंडर स्टीव वोज्नियाक (Apple Co Founder Steve Wozniak) की तबीयत अचानक बिगड़ गई है. तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार को अचानक मेक्सिको सिटी में उनकी तबीयत बिगड़ी. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें संभावित स्ट्रोक के बाद वहां के स्थानीय अस्पताल में एडमिट कराया गया है. ऐपल के को फाउंडर 73 साल के स्टीव वोज्नियाक मेक्सिको की राजधानी Santa Fe नेबरहुड में वर्ल्ड बिजनेस फोरम के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे. स्थानीय समय के अनुसार, 4.20 मिनट पर उन्हें इस फोरम में स्पीच देनी थी, मगर उनकी तबीयत खराब होने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

1976 में शुरू की थी Apple कंपनी

स्टीव वोज्नियाक ने बिजनेस पार्टनर स्टीव जॉब्स के साथ मिलकर ने साल 1976 में ऐपल की स्थापना की थी. इस कंपनी ने अपनी बेहतरीन तकनीक के बल पर लगातार नयी ऊंचाइयां हासिल की और आज यह विश्व की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक है. यह ग्राहकों के लिए आईफोन (iPhone), आईपैड (iPad), मैकबुक (MacBook) जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बनाती है. लंबे समय तक ऐपल के सीईओ पद रहे स्टीव जॉब्स (Steve Jobs) की मृत्यु साल 2011 में हो गई थी. ऐपल के मौजूदा सीईओ टिम कुक हैं. नवंबर 2023 में ऐपल का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.859 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है. ऐसे में यह वैल्यूएशन के मामले में यह विश्व की सबसे मूल्यवान कंपनी है.

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स्टीव वोज्नियाक कौन हैं?

स्टीव वोज्नियाक एक अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक, उद्यमी और परोपकारी हैं. उन्हें ऐपल के सह-संस्थापक के रूप में जाना जाता है, जिसे स्टीव जॉब्स के साथ 1976 में स्थापित किया गया था. वोज्नियाक एक प्रतिभाशाली इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर थे, और उन्होंने ऐपल I और ऐपल II कंप्यूटरों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

वोज्नियाक का जन्म 1950 में सैन फ्रांसिस्को, कैलिफॉर्निया में हुआ था. वह बचपन से ही इलेक्ट्रॉनिक्स में रुचि रखते थे, और उन्होंने 12 साल की उम्र में अपने पहले कंप्यूटर का निर्माण किया. उन्होंने 1975 में हाई स्कूल छोड़ दिया और अपनी खुद की कंप्यूटर कंपनी शुरू करने के लिए काम करना शुरू कर दिया.

1976 में, वोज्नियाक ने स्टीव जॉब्स से मुलाकात की, और उन्होंने ऐपल कंप्यूटर कंपनी शुरू करने का फैसला किया. वोज्नियाक ने ऐपल I कंप्यूटर का विकास किया, जो एक सफल उत्पाद था जिसने कंप्यूटर उद्योग में क्रांति ला दी. उन्होंने ऐपल II कंप्यूटर का भी विकास किया, जो और भी अधिक सफल रहा.

1985 में, वोज्नियाक ने ऐपल छोड़ दिया और अपनी खुद की कंपनी, विल्यम्स इलेक्ट्रॉनिक्स शुरू की. उन्होंने कई अन्य कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विकास किया, और उन्होंने परोपकार में भी सक्रिय रूप से भाग लिया.

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वोज्नियाक को कंप्यूटर उद्योग में उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है. उन्हें 1997 में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया, और उन्हें 2000 में कंप्यूटिंग के राष्ट्रीय हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया.

वोज्नियाक को अक्सर कंप्यूटर के जनक के रूप में जाना जाता है. उनके काम ने कंप्यूटर उद्योग को आकार देने में मदद की है, और उन्होंने लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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