राजमहल गंगा तट पर लगे मेले में बोले कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, राजकीय माघी मेले को दिलाएंगे कुंभ का दर्जा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Feb 2023 9:52 PM
झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि यहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आते रहते हैं. ग्रामीण मंत्री आलमगीर यहीं से हैं. जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी उन्हें सुझाव देते रहें. यहां की दशा और दिशा बदलने का प्रयास होगा. जो भी कमियां हैं उन्हें दूर किया जाएगा.
साहिबगंज : राजमहल के उत्तरवाहिनी गंगा तट पर लगने वाले राजकीय माघी मेले को कुंभ का दर्जा दिलाया जाएगा. ये बातें कृषि, पशुपालन व सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने रविवार को राजमहल गंगा तट पर लगे माघी मेला में कहीं. यहां आने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि झारखंड का कुंभ कहीं है तो राजमहल में है. इस राजकीय मेले को अद्वितीय बनाने के लिए मुख्यमंत्री व पर्यटन मंत्री से बात करेंगे. यह बात बाबा भोले का सच्चा भक्त बोल रहा है. चाहे इसका श्रेय किसी को जाए, लेकिन आज से ही इसके लिए प्रयास शुरू किया जाएगा. माघी मेला का विधिवत उद्घाटन कृषि, पशुपालन व सहकारिता मंत्री सहित अन्य ने किया.
पर्यटन स्थलों का किया जाएगा विकास
कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि यहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आते रहते हैं. ग्रामीण मंत्री आलमगीर यहीं से हैं. जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी उन्हें सुझाव देते रहें. यहां की दशा और दिशा बदलने का प्रयास होगा. जो भी कमियां हैं उन्हें दूर किया जाएगा. 15 दिनों तक राजमहल गंगा तट पर लगने वाला आदिवासियों का महाकुंभ की व्यवस्था आसान नहीं है. ज़िला प्रशासन व स्थानीय जनप्रतिनिधि की तारीफ करते हुआ कहा कि इस मेले से रोज़गार का सृजन हो रहा है. सैकड़ों परिवार को माघी मेले का इंतज़ार रहता है. यहां और अवसर बढ़ाये जाएंगे. इसके लिए सरकार काम कर रही है. पिछले एक वर्ष में बदलाव दिख रहा है. बच्चे भी बोलते हैं साहिबगंज व राजमहल घूमने जाना है. यहां से कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी पहल की जाएगी. फोसिल्स पार्क और उधवा पक्षी अभयारण्य है, जहां फोसिल्स ओर साइबेरियन पक्षी मिलते हैं. लोग इसे देखने देश-विदेश जाते है और वो साहिबगंज जिला में है. कन्हैया स्थान, मोतीझरना, विंधवासिनी मंदिर, शिवगादी धाम सहित अन्य को पर्यटन स्थलों को एक साथ जोड़कर विकास किया जाएगा.
ये है आदिवासी महाकुंभ
डीआईजी सुदर्शन मंडल ने कहा कि पिछली बार की तुलना में काफी ज्यादा भीड़ है इस बार. सौभाग्य है मेरा कि महादेव की नगरी से गंगा की नगरी में गंगा का पूजन करने आया. माघी पूर्णिमा में मां गंगा का दर्शन करने का सौभाग्य मिला. इस माघी पूर्णिमा मेला में सफा होड़ आदिवासी समुदाय के लोग देश-विदेश से आए हैं. आदिवासी महाकुंभ है ये. पुलिसकर्मी व पुलिस अधिकारी अवैध गतिविधि अवैध करने वालों पर नजर रखें. पवित्र माहौल रहता है. इसकी पवित्रता भंग न हो.
गुरु बाबा को कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने किया सम्मानित
माघी पूर्णिमा मेला मुख्य मंच से गुरु बाबा को अंग वस्त्र देकर कृषि मंत्री बादल पत्रलेख सहित अन्य ने सम्मानित किया. सम्मानित होने वाले गुरुबाबा में अभिराम मरांडी, प्रेम मरांडी, अनिल टुडू, रत्न हेंब्रम, सुफल टुडू, साहेब राम सोरेन, रामू हेंब्रम, पिग्घी मुर्मू, पौंनडा मरांडी, गुरुदेव मुर्मू सहित अन्य हैं. मंत्री सहित अन्य ने मंच से पुस्तक का विमोचन किया गया. स्वागत भाषण डीएफओ मनीष तिवारी और समापन भाषण राजमहल एसडीओ रौशन कुमार ने दिया.
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