Varanasi News: अपर पुलिस आयुक्त ने दरोगा महेश सिंह को किया बर्खास्त, रिश्वत मामले में पाया गया दोषी

Published by : Sohit Kumar Updated At : 25 Dec 2021 1:39 PM

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दो साल पुराने रिश्वत के मामले में आज दोषी पाए जाने पर दरोगा महेश सिंह को एसीपी ने बर्खास्त कर दिया है.

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Varanasi News: अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध) सुभाष चंद्र दुबे ने दो साल पहले रिश्वत के मामले में गिरफ्तार दरोगा महेश सिंह को शनिवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. एसआई महेश सिंह मऊ जिले के कोपागंज निवाशी है. वर्तमान में जौनपुर जिले में तैनात है.

क्या था पूरा मामला

महेश सिंह दो साल पहले वाराणसी के सिगरा थाने की सोनिया चौकी इंचार्ज के पद पर तैनात थे. जालपा देवी के निवासी राजकुमार गुप्ता द्वारा धोखाधडी का मुकदमा सिगरा थाने पर दर्ज कराया था. राजकुमार गुप्ता के धोखाधडी की विवेचना करने का जिम्मा दरोगा महेश सिंह को मिला था. राजकुमार गुप्ता से महेश सिंह ने विवेचना के दौरान कहा कि लाखों का मामला है तुम कुछ खर्च करोगे तो इस मामले में कार्रवाई होगी.

रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार दरोगा

राजकुमार गुप्ता ने इस बात की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से कर दी. ब्यूरो की टीम ने गुप्ता से 5 हजार रुपए दरोगा को देने को कहा. राजकुमार गुप्ता पैसे लेकर सोनिया चौकी पहुंचा, और चौकी प्रभारी महेश सिंह को थमा दिए. उसी समय एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने दरोगा को रंगे हाथ पकड़ लिया. एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने कैंट थाने पर दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और दरोगा को पुलिस को सौंप दिया.

दरोगा ने लगाया फंसाए जाने का आरोप

दारोगा महेश सिंह 1994 में यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था. उत्कृष्ट सेवा अभिलेख के आधार पर महेश सिंह को सिपाही के पद से दारोगा पर प्रमोशन 2015 में हुआ था. इस पूरे मामले में सब इंस्पेक्टर महेश सिंह ने बताया कि मुझे फंसाया गया है. राजकुमार ने मुझे मिठाई खाने के लिए पैसा देकर मुझे फर्जी तरीके से फंसा दिया.

सुभाष चंद्र दुबे ने बर्खास्त किया रिश्वतखोर दरोगा

अपर पुलिस आयुक्त ( मुख्यालय एवं अपराध ) सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि सब इंस्पेक्टर की विभागीय जांच कराई गई थी. महेश सिंह ने अपने बचाव में जो तथ्य रखे वो आधारहीन, बलहीन और असत्य थे. सब इंस्पेक्टर महेश सिंह के कृत्य से अनुशासित पुलिस बल की छवि धूमिल हुई और समाज में गलत संदेश गया है. ऐसे व्यक्ति के पुलिस विभाग में रहने का दुष्प्रभाव पुलिस बल पर पड़ेगा. विभागीय जांच में दोषी दारोगा महेश सिंह को पुलिस सेवा से पदच्युत ( Dismiss) करने का आदेश दिया गया है.

रिपोर्ट- विपिन सिंह

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