अंकपत्र में गड़बड़ी का हो चुका है सुधार, फैलायी जा रही भ्रामक जानकारी : परीक्षा नियंत्रक

Updated at : 15 Jan 2026 9:54 PM (IST)
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अंकपत्र में गड़बड़ी का हो चुका है सुधार, फैलायी जा रही भ्रामक जानकारी : परीक्षा नियंत्रक

जयप्रकाश विश्वविद्यालय में पीजी के कुछ सत्रों के अंतर्गत जारी किये गये अंक पत्र में भारी गड़बड़ी सामने आयी है और कुछ छात्रों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से त्रुटि पूर्ण अंक पत्रों को वायरल किया जा रहा है.

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छपरा. जयप्रकाश विश्वविद्यालय में पीजी के कुछ सत्रों के अंतर्गत जारी किये गये अंक पत्र में भारी गड़बड़ी सामने आयी है और कुछ छात्रों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से त्रुटि पूर्ण अंक पत्रों को वायरल किया जा रहा है. हालांकि जयप्रकाश विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग ने इसका खंडन किया है. परीक्षा नियंत्रक डॉ अशोक कुमार मिश्रा ने कहा है कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर विश्वविद्यालय की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने बताया कि हाल में सोशल मीडिया व कुछ अखबारों में दिखाया गया कि 400 की जगह 500 अंक अंकित किया गया है. उन्होंने बताया कि जिस सत्र के परीक्षा परिणाम को भ्रामक तरीके से प्रसारित किया जा रहा है. इसका प्रकाशन अप्रैल 2025 में किया गया था. उस दौरान कुछ अंक पत्रों में त्रुटियां आयी थी. जिसका प्राथमिकता के आधार पर सुधार भी किया जा चुका है. गत वर्ष ही त्रुटि पूर्ण अंक पत्रों के संदर्भ में गाइडलाइन जारी किया गया था. जिसके बाद जिन छात्रों के अंक पत्र में गड़बड़ी थी. उनसे आवेदन लिया गया था और आवेदन के बाद अंक पत्रों में सुधार किया जा चुका है. जिसकी जानकारी विश्वविद्यालय के पोर्टल पर भी अपडेट कर दी गयी है. उन्होंने बताया कि इसके बाद भी यदि किसी सत्र में छात्र-छात्राओं के अंक पत्र में गड़बड़ी हुई है तो उसका भी आवेदन लिया गया और सात से 15 दिनों के अंदर उसमें सुधार किया गया है. लेकिन कुछ लोग पुराने त्रुटि पूर्ण अंक पत्र को ही लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुलपति प्रो परमेंद्र कुमार बाजपेई के निर्देश पर सभी लंबित सत्रों को नियमित कर लिया गया है. समय पर परीक्षाएं हुई हैं. परीक्षा फल भी प्रकाशित किया जा चुका है. यदि कोई तकनीकी त्रुटि आती है, तो उसके सुधार की भी प्रक्रिया है. इसके लिए छात्र-छात्राएं महाविद्यालय स्तर पर आवेदन दे सकते हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर इस तरह की भ्रम की स्थिति नहीं फैलानी चाहिये. उन्होंने कहा कि हाल ही में स्नातक पार्ट थर्ड विशेष परीक्षा के शेड्यूल से भी छेड़छाड़ कर कुछ छात्र संगठनों द्वारा सोशल मीडिया पर गलत शेड्यूल प्रकाशित कर दिया गया था. जिससे छात्रों में भ्रम की स्थिति हुई थी. बाद में विश्वविद्यालय को दोबारा इसका नोटिफिकेशन जारी करना पड़ा. उन्होंने कहा कि छात्र व अभिभावकों को इस संदर्भ में सजग रहने की जरूरत है. सोशल मीडिया पर डाले गये पोस्ट से भ्रमित ना हों. विश्वविद्यालय के अधिकृत वेबसाइट से ही कोई जानकारी प्राप्त करें. अंक पत्र में सुधार के बाद उसकी पूरी जानकारी रोल नंबर के अनुसार पोर्टल पर अपडेट की जा चुकी है. सत्र को नियमित करने तथा छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय लगातार कार्य कर रहा है.

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