मौत के बाद आधार कार्ड डीएक्टिवेट करना क्यों है जरूरी? जानें कारण और तरीका

Published by : Ankit Anand Updated At : 10 Feb 2026 2:25 PM

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आधार कार्ड को डिएक्टिवेट करने का तरीका

किसी इंसान की मौत के बाद उसका आधार कार्ड डिएक्टिवेट करना बेहद जरूरी होता है. अगर ऐसा न किया जाए, तो उसके गलत इस्तेमाल और फ्रॉड का खतरा बढ़ सकता है. आइए जानते हैं कि किसी गुजर चुके इंसान का आधार कार्ड ऑनलाइन कैसे आसानी से डिएक्टिवेट किया जा सकता है.

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Aadhaar Card Deactivation: आज के टाइम में आधार कार्ड कितना जरूरी डॉक्यूमेंट है ये हम सब जानते हैं. बैंक अकाउंट खोलने से लेकर पेंशन, सब्सिडी और मोबाइल कनेक्शन तक, हर जरूरी काम आधार से जुड़ा है. यही वजह है कि किसी व्यक्ति के निधन के बाद परिवार के लिए उसका आधार कार्ड डिएक्टिवेट करवाना भी जरूरी हो जाता है. हाल ही में आधार सिस्टम को सेफ और साफ रखने के लिए UIDAI अब तक 2.5 करोड़ से ज्यादा ऐसे आधार नंबर बंद कर चुका है, जो उन लोगों के थे जिनका निधन हो चुका है. इससे डेटा के गलत इस्तेमाल और फ्रॉड होने के खतरे को कम करने में मदद मिलती है. 

आधार डिएक्टिवेशन क्यों जरूरी है?

अगर किसी इंसान के निधन के बाद भी उसका आधार एक्टिव रहता है, तो उसके गलत इस्तेमाल का खतरा बढ़ जाता है. कई बार कुछ लोग उस आधार का यूज करके पेंशन, सब्सिडी या दूसरी सरकारी सुविधाओं का गलत फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं. इसलिए समय पर आधार डिएक्टिव कराना जरूरी हो जाता है. ये इसलिए भी जरूरी है ताकि सरकारी फायदे सही लोगों तक पहुंचें और किसी तरह की धोखाधड़ी न हो.

मृत्यु के बाद आधार को कैसे डीएक्टिवेट करें?

अगर किसी इंसान की मौत के बाद उसका आधार कार्ड बंद (Deactivate) कराना हो, तो अब ये काम काफी आसान हो गया है. UIDAI ने इसे पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है. इसे आप myAadhaar पोर्टल के जरिए कर सकते हैं. परिवार का कोई भी सदस्य ‘Reporting of Death of a Family Member’ फीचर का इस्तेमाल करके इसकी जानकारी दे सकते हैं.

इसके लिए रिपोर्ट करने वाले इंसान को अपनी पहचान वेरीफाई करनी होती है. उसके बाद गुजर चुके इंसान की कुछ बेसिक डिटेल जैसे आधार नंबर, डेथ रजिस्ट्रेशन नंबर, नाम और जन्म तारीख भरनी होती है. UIDAI जब इन डिटेल्स को चेक कर लेता है, तो आधार नंबर बंद कर दिया जाता है.

आधार को सेफ रखने के तरीके 

अगर आधार फ्रॉड से बचना है, तो UIDAI ने कई मजबूत कदम उठाए हैं. अब आप अपनी बायोमेट्रिक डिटेल्स जैसे फिंगरप्रिंट और आईरिस को लॉक भी कर सकते हैं. साथ ही फेस ऑथेंटिकेशन और लिवनेस डिटेक्शन जैसे फीचर्स भी जोड़े गए हैं. इससे नकली या डुप्लीकेट पहचान बनाना मुश्किल हो जाता है. सबसे जरूरी बात ये है कि UIDAI आपकी असली बायोमेट्रिक डिटेल्स किसी के साथ शेयर नहीं करता, जिससे आपकी पहचान सेफ रहती है.

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लेखक के बारे में

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अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

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