700 रुपये की यह डिवाइस बचाएगी AC और गीजर से होने वाले हादसों से, जानिए कैसे

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 09 Jun 2026 10:34 AM

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AC गीजर के लिए PRCD अडैप्टर // एआई-जेनरेटेड रिप्रेजेंटेशनल इलस्ट्रेशन

वोल्टेज उतार-चढ़ाव और करंट लीकेज से एसी, गीजर और फ्रिज को बचाने के लिए PRCD अडैप्टर उपयोगी साबित हो सकता है. जानिए यह कैसे काम करता है और इसकी कीमत कितनी है.

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गर्मी के मौसम में एसी और ठंड के दिनों में गीजर जैसे उपकरण घरों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं. लेकिन कई बार अचानक वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, वायरिंग की समस्या या इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की वजह से बड़े हादसे भी हो जाते हैं. हाल ही में दिल्ली में एक घर में लगी आग ने एक बार फिर इलेक्ट्रिकल सेफ्टी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. ऐसे में एक छोटा और अपेक्षाकृत सस्ता डिवाइस आपकी सुरक्षा की एक एक्स्ट्रा लेयर बन सकता है. खास बात यह है कि इसकी कीमत करीब 700 रुपये है और इसे एसी, गीजर, फ्रिज जैसे उपकरणों के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है.

क्या है PRCD अडैप्टर और कैसे करता है काम?

PRCD (Portable Residual Current Device) अडैप्टर एक सुरक्षा उपकरण है जो बिजली की सप्लाई और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के बीच लगाया जाता है. इसका काम बिजली के प्रवाह पर लगातार नजर रखना होता है. जैसे ही करंट में असामान्य बदलाव या लीकेज का संकेत मिलता है, यह तुरंत बिजली की सप्लाई काट देता है.

यह प्रक्रिया इतनी तेजी से होती है कि कई मामलों में उपकरण को गंभीर नुकसान पहुंचने से बचाया जा सकता है. साथ ही करंट लगने के जोखिम को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है.

एसी, गीजर और फ्रिज के लिए क्यों है उपयोगी?

घर में मौजूद बड़े इलेक्ट्रिकल उपकरण लगातार हाई पावर पर काम करते हैं. अगर बिजली सप्लाई में अचानक गड़बड़ी आ जाए या कहीं करंट लीकेज होने लगे तो उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.

PRCD अडैप्टर ऐसे समय पर सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. यह एसी, गीजर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और अन्य हाई-पावर उपकरणों के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है. जिन इलाकों में वोल्टेज बार-बार फ्लक्चुएट होता है, वहां इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है.

MCB से कितना अलग है यह डिवाइस?

कई लोग सोचते हैं कि घर में लगी MCB पहले से सुरक्षा देती है, फिर अलग डिवाइस की जरूरत क्यों है. दरअसल MCB पूरे घर की बिजली लाइन को नियंत्रित करती है, जबकि PRCD सीधे किसी एक उपकरण के साथ जुड़ा होता है.

इसी वजह से यह बहुत तेजी से प्रतिक्रिया दे सकता है. कई मामलों में छोटी लीकेज या करंट असंतुलन को MCB पकड़ नहीं पाती, जबकि PRCD तुरंत सप्लाई काट देता है. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है.

इस्तेमाल करना कितना आसान है?

PRCD अडैप्टर को लगाना बेहद आसान है. इसे सामान्य प्लग की तरह बिजली के सॉकेट और उपकरण के बीच लगाया जाता है. डिवाइस में एक रीसेट बटन भी दिया जाता है, जिससे बिजली सप्लाई दोबारा शुरू की जा सकती है.

बाजार में यह आमतौर पर 700 से 800 रुपये की कीमत पर उपलब्ध है. इलेक्ट्रिकल सेफ्टी के लिहाज से यह एक छोटा निवेश माना जा सकता है, खासकर उन घरों में जहां महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इस्तेमाल किए जाते हैं.

क्या यह पूरी तरह हादसे रोक सकता है?

यह समझना जरूरी है कि कोई भी सुरक्षा डिवाइस सभी तरह की खराबियों या दुर्घटनाओं की गारंटी नहीं दे सकता. लेकिन PRCD अडैप्टर बिजली से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद कर सकता है. नियमित वायरिंग जांच, सही अर्थिंग और उपकरणों की समय-समय पर सर्विसिंग के साथ इसका इस्तेमाल सुरक्षा को और बेहतर बना सकता है.

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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