SUV बाजार में बड़ा उलटफेर, स्कॉर्पियो ने छीनी क्रेटा की कुर्सी, बिक्री में निकली आगे

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मई 2026 में महिंद्रा स्कॉर्पियो ने हुंडई क्रेटा को बिक्री के मामले में पीछे छोड़ दिया. जानिए कितनी यूनिट बिकीं, ग्राहकों को स्कॉर्पियो में क्या पसंद आ रहा है और क्यों यह बदलाव अहम माना जा रहा है.

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कुछ महीनों पहले तक जिस मुकाबले में हुंडई क्रेटा को आगे माना जा रहा था, वहां अब तस्वीर बदलती दिख रही है. मई 2026 की बिक्री के आंकड़ों में महिंद्रा स्कॉर्पियो ने क्रेटा को पीछे छोड़ते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया है. दिलचस्प बात यह है कि दोनों एसयूवी अलग-अलग तरह के ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं, फिर भी स्कॉर्पियो की बढ़ती मांग यह दिखाती है कि भारतीय खरीदार अब भी बड़ी, दमदार और रोड प्रेजेंस वाली एसयूवी को पसंद कर रहे हैं. ऐसे समय में जब शहरी एसयूवी का दबदबा बढ़ रहा है, स्कॉर्पियो की यह वापसी ऑटो बाजार के लिए अहम संकेत मानी जा रही है.

मई में स्कॉर्पियो ने मारी बाजी

मई 2026 में महिंद्रा स्कॉर्पियो रेंज, जिसमें स्कॉर्पियो एन और स्कॉर्पियो क्लासिक दोनों शामिल हैं, की कुल 15,774 यूनिट बिकीं. वहीं हुंडई क्रेटा की बिक्री 15,235 यूनिट रही. यानी स्कॉर्पियो ने 539 यूनिट के अंतर से क्रेटा को पीछे छोड़ दिया.

यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि अप्रैल 2026 में स्थिति बिल्कुल उलट थी. उस समय क्रेटा की बिक्री स्कॉर्पियो से अधिक रही थी, लेकिन महिंद्रा ने अगले ही महीने वापसी करते हुए बढ़त हासिल कर ली.

आखिर क्यों पसंद आ रही है स्कॉर्पियो?

स्कॉर्पियो की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इसकी मजबूत रोड प्रेजेंस, तीन पंक्तियों वाली सीटिंग और दमदार डीजल इंजन विकल्प माने जाते हैं. यह एसयूवी उन ग्राहकों को आकर्षित करती है जो लंबी यात्राएं, खराब सड़कें और बड़े परिवार की जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं.

दूसरी ओर, क्रेटा एक अधिक शहरी और प्रीमियम अनुभव देने वाली एसयूवी है. इसमें आधुनिक फीचर्स, कई इंजन विकल्प और शहरों के लिए बेहतर ड्राइविंग अनुभव मिलता है. इसके बावजूद स्कॉर्पियो की बिक्री यह साबित कर रही है कि भारतीय बाजार में बड़ी एसयूवी की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है.

क्रेटा के लिए क्यों अहम है यह चुनौती?

हुंडई क्रेटा लंबे समय से मिडसाइज एसयूवी सेगमेंट की सबसे लोकप्रिय गाड़ियों में गिनी जाती रही है. पेट्रोल, डीजल, टर्बो पेट्रोल और इलेक्ट्रिक विकल्पों के साथ यह ग्राहकों की बड़ी पसंद रही है.

ऐसे में स्कॉर्पियो का इसे पीछे छोड़ना केवल एक महीने का बिक्री आंकड़ा नहीं, बल्कि बाजार में बदलती प्राथमिकताओं का संकेत भी माना जा रहा है. इससे यह साफ होता है कि हर ग्राहक केवल कॉम्पैक्ट और सिटी-फ्रेंडली एसयूवी की तरफ नहीं जा रहा है.

स्कॉर्पियो एन और क्लासिक का डबल फायदा

महिंद्रा को सबसे बड़ा फायदा उसकी दोहरी रणनीति से मिल रहा है. एक तरफ स्कॉर्पियो एन आधुनिक फीचर्स और नए डिजाइन के साथ ग्राहकों को आकर्षित करती है, तो दूसरी तरफ स्कॉर्पियो क्लासिक अपनी पारंपरिक पहचान और मजबूत इमेज के कारण लोकप्रिय बनी हुई है.

यही वजह है कि कंपनी एक साथ अलग-अलग तरह के ग्राहकों को टारगेट कर पा रही है, जिसका असर बिक्री के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है.

आने वाले महीनों में और बढ़ेगी टक्कर

मई के आंकड़ों ने एसयूवी बाजार की प्रतिस्पर्धा को और दिलचस्प बना दिया है. अगर स्कॉर्पियो की रफ्तार इसी तरह बनी रहती है तो महिंद्रा इस सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत कर सकती है. वहीं हुंडई भी क्रेटा को लेकर नए अपडेट, ऑफर्स और फीचर अपग्रेड के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर सकती है.

फिलहाल इतना तय है कि भारतीय एसयूवी बाजार में क्रेटा और स्कॉर्पियो के बीच यह मुकाबला आने वाले महीनों में और रोमांचक होने वाला है.

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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

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