किन कारणों से Power Bank में लग जाती है आग? इस्तेमाल करते समय जरूर रखें इन बातों का ध्यान

Power Bank में आग लगने के कौन-कौन से कारन हैं?
Power Bank: आजकल फोन में भले ही हमें 7000mAh तक की बैटरी मिलने लगी हो, लेकिन फिर भी अक्सर पावर बैंक की जरूरत पड़ ही जाती है, क्योंकि हर जगह चार्जिंग पॉइंट मिलना आम बात नहीं है. अगर आप भी पावर बैंक यूज करते हैं, तो कुछ गलतियां करने से बचना चाहिए, वरना इसमें आग लगने जैसी घटनाएं हो सकती हैं.
Power Bank: आजकल स्मार्टफोन्स कंपनिया भले ही फोन्स में 7000mAh तक बैटरी देने लगी हैं फिर भी सफर पर निकलते समय हममें से ज्यादातर लोग पावर बैंक साथ रखना नहीं भूलते. इसकी वजह साफ है क्यूंकि आपको हर जगह चार्जिंग पॉइंट मिलना आसान नहीं होता. चाहे एयरपोर्ट हो, लंबी बस यात्रा या फिर घर में बिजली चली जाए, पावर बैंक हर जगह काम आता है. लेकिन यही पावर बैंक कभी-कभी बड़ी मुसीबत का कारण भी बन जाता है. कई ऐसी घटनाएं भी सामने आयी है जहां देखा गया है कि पावर बैंक में आग तक लग गयी है. अब हमें यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर पावर बैंक में आग किन कारणों से लग जाती है. आइए जानते हैं.
ओवरचार्जिंग
हमारी आदत होती है फोन, लैपटॉप या पावरबैंक को हमेशा 100% चार्ज रखना. थोड़ा सा बैटरी नीचे क्या जाती है हम तुंरत चार्ज लगा देते हैं. लेकिन पावर बैंक को लगातार चार्ज पर लगाकर रखना उसकी बैटरी पर दबाव डालता है. इससे बैटरी की अंदरूनी केमिकल रिएक्शन तेज हो जाती है और गर्मी बढ़ जाती है. ज्यादा गर्म होने पर बैटरी फट सकती है या आग पकड़ सकती है. इसलिए, चार्ज पूरा होते ही पावरबैंक को अनप्लग करना जरूरी है.
लो-क्वालिटी बैटरी या सस्ता ब्रांड
कई बार हम पैसे बचने के चक्कर में सस्ते या नकली पावरबैंक उठा लाते हैं. इन पावर बैंक में घटिया क्वालिटी की लिथियम-आयन बैटरी और कमजोर सर्किट लगे हुए होते हैं. ये सेफ्टी स्टैंडर्ड पर बिलकुल खरे नहीं उतरते. बैटरी में शॉर्ट सर्किट या ओवरहीटिंग होने के चांस ज्यादा होते हैं, जिससे अचानक आग लग सकती है. इसलिए कोशिश करें कि हमेसा भरोसेमंद ब्रांड ही चुनें.
ओवरहीटिंग
अगर पावरबैंक को बहुत गर्म जगह पर रखा जाए, जैसे धूप में या बंद कार में, तो उसकी बैटरी का टेम्परेचर तेजी से बढ़ जाता है. लगातार ज्यादा गर्म रहने से पावर बैंक का इंटरनल सर्किट खराब हो सकता है और बैटरी फटकर आग पकड़ सकती है. इसलिए इसे ठंडी और हवादार जगह पर हमेशा रखें.
डैमेज या गिरना
जाने-अनजाने में हमसे कभी-कभार पावरबैंक गिर जाता है. पावर बैंक गिर जाने या उसके ऊपर जोर पड़ने से उसकी अंदरूनी बैटरी और सर्किट्स को नुकसान पहुंच सकता है. इससे बैटरी में शॉर्ट सर्किट होने का खतरा बढ़ जाता है. शॉर्ट सर्किट के कारण पावरबैंक ओवरहीट हो सकता है और आग लग सकती है.
गलत चार्जर यूज करना
पावरबैंक को हमेशा सही वोल्टेज और करंट वाला चार्जर इस्तेमाल करना चाहिए. नकली या गलत चार्जर से चार्ज करने पर बैटरी पर जरूरत से ज्यादा लोड पड़ता है. इससे बैटरी ओवरलोड होकर गर्म हो सकती है, फट सकती है या आग पकड़ सकती है. इसलिए हमेशा सही चार्जर ही यूज करें.
FAQ
पावर बैंक में आग क्यों लग सकती है?
पावर बैंक में आग ओवरचार्जिंग, बहुत गर्म जगह पर रखना, सस्ते या नकली ब्रांड, गिरने या टूटने, और गलत चार्जर इस्तेमाल करने की वजह से लग सकती है.
पावर बैंक को सेफ रखने के लिए क्या करना चाहिए?
पावर बैंक को पूरा चार्ज होते ही अनप्लग करें, भरोसेमंद ब्रांड चुनें, इसे ठंडी और हवादार जगह पर रखें, और हमेशा सही चार्जर का इस्तेमाल करें.
क्या पावर बैंक गिरने या चोट लगने पर खतरा बढ़ जाता है?
हां, पावर बैंक गिरने या टूटने से उसकी अंदरूनी बैटरी और सर्किट्स को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बढ़ जाता है.
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By Ankit Anand
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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.
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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.
उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई और करियर
बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.
विजन
अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.
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