AI अब देश की संसद में भी मचाएगा धमाल, इन कामों में करेगा माननीयों की मदद

Edited by Rajeev Kumar
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AI in Indian Parliament / Ai Image

AI in Indian Parliament: संसद भाषिणी के माध्यम से AI का उपयोग न केवल सांसदों को भाषाई सहायता देगा, बल्कि संसदीय कार्यों को अधिक सुचारू और डिजिटल रूप से उन्नत भी बनाएगा.

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AI in Indian Parliament: भारत की संसद में विभिन्न भाषाओं की बाधाओं को समाप्त करने और संसदीय कार्यों को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से, “संसद भाषिणी” नामक एक उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) समाधान पेश किया गया है. इस पहल के तहत, लोकसभा सचिवालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए.

AI की मदद से संसद में भाषाओं का अनुवाद

यह AI-आधारित प्रणाली सांसदों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों के लिए बहुभाषी संसदीय अभिलेखों की सुविधा प्रदान करेगी. इस पहल के अंतर्गत:

विभिन्न भारतीय भाषाओं में उपलब्ध संसदीय दस्तावेजों का त्वरित अनुवाद किया जा सकेगा
सांसदों को अपनी भाषा में संसदीय कार्यवाही को समझने और उसमें भाग लेने की सुविधा मिलेगी
संसदीय प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप से सुव्यवस्थित किया जाएगा.

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‘संसद भाषिणी’ के लाभ

संसदीय वाद-विवाद का त्वरित अनुवाद

AI की मदद से संसद में किए गए भाषणों का त्वरित अनुवाद विभिन्न भाषाओं में किया जाएगा, जिससे सांसदों को अपनी मातृभाषा में कार्यवाही समझने में आसानी होगी

संसदीय अभिलेखों की बहुभाषी उपलब्धता

यह प्रणाली सांसदों और शोधकर्ताओं को संसद में हुए ऐतिहासिक वाद-विवाद, विधेयकों और अन्य संसदीय दस्तावेजों को अपनी पसंदीदा भाषा में पढ़ने की सुविधा देगी.

डिजिटल और तकनीकी सशक्तिकरण

संसद में AI के प्रवेश से कार्यवाही को अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाया जाएगा. यह डिजिटल इंडिया पहल के तहत एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.

तकनीक और भविष्य की संभावनाएं

AI और मशीन लर्निंग के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, संसद में AI का उपयोग लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और समावेशी बना सकता है. यह पहल भारत की विविध भाषाओं को सशक्त बनाने और डिजिटल युग में संसद को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

संसदीय कामकाज बनेंगे सुचारू और डिजिटल रूप से उन्नत

“संसद भाषिणी” के माध्यम से AI का उपयोग न केवल सांसदों को भाषाई सहायता प्रदान करेगा, बल्कि संसदीय कार्यों को अधिक सुचारू और डिजिटल रूप से उन्नत भी बनाएगा. यह पहल भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक बड़ा तकनीकी बदलाव लाने में सहायक होगी.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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