KK Google Doodle: आज न जन्मदिन और न पुण्यतिथि, फिर क्यों गूगल ने सिंगर KK पर बनाया आज का डूडल? वजह खास है

Updated:
विज्ञापन
Krishnakumar Kunnath KK Google Doodle

Krishnakumar Kunnath KK Google Doodle

KK Google Doodle: अपनी मधुर आवाज से लाखों लोगों को दीवाना बनाने वाले कृष्णकुमार कुन्नथ (केके) ने साल 1996 में आज ही के दिन, यानी 25 अक्टूबर को फिल्म ‘माचिस’ के गाने ‘छोड़ आये हम’ के साथ प्लेबैक सिंगर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी.

विज्ञापन

Krishnakumar Kunnath KK Google Doodle: गूगल (Google) आज अपने खास डूडल (Doodle) के माध्यम से दिवंगत गायक कृष्णकुमार कुन्नथ (Krishnakumar Kunnath) यानी केके (KK) को श्रद्धांजलि दे रहा है. 23 अगस्त 1968 को दिल्ली में जन्मे केके ने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से पढ़ाई की. केके 31 मई 2022 को कोलकता के नजरुल मंच पर लाइव परफॉर्म कर रहे थे. शो के दौरान उनकी तबियत बिगड़ी जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. उन्होंने अंतिम बार अपना मशहूर गाना ‘हम रहे या ना रहें कल, कल याद आएंगे ये पल’ गाया था.

KK Google Doodle: केके के लिए आज क्याें खास है आज का दिन?

11 भाषाओं में 700 से ज्यादा गानेवाले केके का आज न जन्मदिन है और न ही पुण्यतिथि, लेकिन आज क्या खास है जो गूगल अपने डूडल के जरिये उन्हें याद कर रहा है? अगर आपके भी मन में यह सवाल आया है तो बता दें कि अपनी मधुर आवाज से लाखों लोगों को दीवाना बनाने वाले कृष्णकुमार कुन्नथ (केके) ने साल 1996 में आज ही के दिन, यानी 25 अक्टूबर को फिल्म ‘माचिस’ के गाने ‘छोड़ आये हम’ के साथ प्लेबैक सिंगर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी.

KK Google Doodle: 26 साल लंबा सिंगिंग करियर

केके ने 11 भाषाओं में 3,500 जिंगल्स गाये. केके ने अपने 26 साल लंबे सिंगिंग करियर के दौरान हिंदी में 500 से अधिक और बांग्ला, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में 200 से ज्यादा गाने गाये. केके को 6 फिल्मफेयर पुरस्कार नॉमिनेशंस और दो स्टार स्क्रीन अवॉर्ड्स भी मिले. इसके साथ, उन्होंने कई अवॉर्ड्स अपने नाम किये. उन्हें भारतीय सिने इतिहास में सबसे प्रतिभाशाली बैकग्राउंड सिंगर्स में जाना जाता है.

KK Google Doodle: गुलजार की फिल्म से किया डेब्यू

केके ने साल 1996 में आयी गुलजार की फिल्म ‘माचिस’ के गाने ‘छोड़ आये हम वो गलियां’ के जरिये से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. केके ने इस गाने को हरिहरन, सुरेश वाडकर और विनोद सहगल के साथ मिलकर गाया था और केके के हिस्से इस गाने के कुछ ही बोल आये थे. आज इस फिल्म के 28 साल पूरे हो गए. गुलजार के निर्देशन में बनी ‘माचिस’ में तब्बू और चंद्रचूड़ सिंह लीड रोल में नजर आये थे. यह फिल्म हिट हुई थी और इसका गाना ‘छोड़ आये हम…’ आज भी एक सुपरहिट गाना है. केके को इस गाने के लिए खूब सराहना मिली और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

KK Google Doodle: पहले थे सेल्समैन, शौक से बने सिंगर

कम ही लोग यह जानते होंगे कि बचपन से म्यूजिक के दीवाने, सिंगर केके ने म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले एक सेल्समैन के रूप में भी काम किया. केके ने अपने बचपन के प्यार ज्योति कृष्णा से शादी की, जिन्होंने केके को सेल्समैन की जॉब छोड़कर सिंगिंग में हाथ आजमाने की प्रेरणा दी. केके ने अपनी टीम बनायी और कीबोर्ड पर जिंगल्स बनाने लगे और इससे उन्हें पैसे मिलने लगे. रिपोर्ट्स की मानें, तो केके को 1990 के दशक में एक बार नयी दिल्ली के एक रूफटॉप कैफे में परफॉर्म करते हुए गायक हरिहरन ने देखा था. वहां केके के गाने से प्रभावित होकर हरिहरन ने उन्हें फिल्मों में गाना गाने का सुझाव दिया था.

Google कर रहा आपकी जासूसी, उसे ऐसे रोकें, नहीं तो खोल देगा आपकी सारी पोल

What is Google AI Overview: गूगल के सर्च को लगा एआई का तड़का, आपका काम आसान बनाएगा नया फीचर

विज्ञापन
राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola