Amazon-Flipkart Sale के दौरान खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट, जानिए स्कैमर्स के नए तरीके

डिलीवरी बॉय से पैकेज लेती महिला (Photo: AI Generated)
Amazon और Flipkart की बड़ी सेल में सिर्फ सस्ते डील्स ही नहीं, स्कैमर्स भी एक्टिव हो जाते हैं. कई लोग अनजाने में डिलीवरी बॉक्स के साथ अपनी पर्सनल डिटेल्स भी बाहर फेंक देते हैं. इसका ही स्कैमर्स गलत फायदा उठाते हैं. आइए डिटेल में जानते हैं इस डिलीवरी बॉक्स स्कैम के बारे में.
भारत में Amazon और Flipkart की बड़ी समर सेल शुरू होने वाली है. सेल के नाम सुनते ही लोगों की शॉपिंग लिस्ट लंबी हो जाती है. लेकिन इन भारी डिस्काउंट्स और शानदार डील्स के बीच एक चीज है जिस पर ज्यादातर लोग ध्यान ही नहीं देते. हम बात कर रहे हैं घर में जमा होने वाले डिलीवरी बॉक्स के बारे में.
अक्सर हम ऑनलाइन ऑर्डर आने के बाद उन कार्डबोर्ड बॉक्स को बिना सोचे-समझे कूड़े में फेंक देते हैं. लेकिन यही छोटी सी लापरवाही आपको बड़ी परेशानी में डाल सकती है. दरअसल, इन बॉक्स पर मौजूद आपकी पर्सनल जानकारी जैसे नाम, मोबाइल नंबर और एड्रेस स्कैमर्स के लिए सोने की खान साबित हो सकती है. यहीं से शुरू होता है डिलीवरी बॉक्स स्कैम (Delivery Box Scam). आइए इसके बारे में जानते हैं.
डिलीवरी बॉक्स स्कैम क्या होता है?
आपके घर आने वाले हर पार्सल पर एक शिपिंग लेबल लगा होता है. इस लेबल पर अक्सर आपकी पर्सनल डिटेल्स लिखी होती है. जैसे पूरा नाम, मोबाइल नंबर, घर का पता और कई बार ऑर्डर से जुड़ी जानकारी भी.
ज्यादातर लोग पार्सल खोलते हैं, सामान निकालते हैं और बॉक्स को सीधे कूड़ेदान में फेंक देते हैं. स्कैमर्स ऐसे फेंके गए बॉक्स और पैकेजिंग को कचरे से इकट्ठा करते हैं. फिर उन पर छपी डिटेल्स का यूज करके लोगों को निशाना बनाते हैं.
ये स्कैम कैसे काम करता है?
जब स्कैमर्स के हाथ आपकी डिटेल्स लग जाती हैं, तो वे खुद को किसी बड़े शॉपिंग प्लेटफॉर्म के कस्टमर केयर बताकर कॉल या मैसेज करते हैं. चौंकाने वाली बात ये होती है कि उन्हें आपका नाम और फोन नंबर पहले से पता होता है, इसलिए उनकी बातें काफी असली और भरोसेमंद लगती हैं.
इसके बाद वे आपको कैशबैक, रिफंड, बोनस रिवॉर्ड या स्पेशल डिस्काउंट ऑफर का लालच देते हैं. बातों-बातों में फिर एक लिंक SMS या WhatsApp पर भेज दिया जाता है, जिसे क्लिक करने के लिए कहा जाता है. उस लिंक पर क्लिक करते ही या तो आप किसी फेक वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं, या फिर आपके फोन में चुपचाप वायरस वाला सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो सकता है. इसके बाद स्कैमर्स आपके बैंक डिटेल्स, OTP, पासवर्ड्स और लॉगिन डिटेल्स जैसी जरूरी जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं.
कैसे रखें खुद को सेफ?
किसी भी पार्सल या पैकेज को फेंकने से पहले उस पर लगा शिपिंग लेबल पूरी तरह हटा दें या नष्ट कर दें. उसे फाड़ दें, मार्कर से डिटेल्स छिपा दें या फिर डिटेल्स को अच्छे से स्क्रैच कर दें, ताकि आपकी पर्सनल जानकारी किसी गलत हाथ में न पहुंचे.
साथ ही, कॉल या मैसेज पर मिलने वाले इनाम, कैशबैक या ऑफर वाले किसी भी रैंडम लिंक पर क्लिक करने से बचें. याद रखें, असली और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म कभी भी फोन पर आपसे OTP, पासवर्ड या बैंक डिटेल्स नहीं मांगते.
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By Ankit Anand
अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.
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