TrueCaller जैसी सर्विस ला रही सरकार, कॉलर की होगी पहचान, फर्जी कॉल पर लगेगी लगाम; TRAI ने जारी किया ड्राफ्ट

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 24 May 2024 1:53 PM

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Digital Arrest (सांकेतिक फोटो)

Government TrueCaller : दूरसंचार नियामक ट्राइ ने दूरसंचार नेटवर्क में कॉल करने वाले शख्स का नाम फोन स्क्रीन पर दर्शाने वाली सेवा शुरू करने की सिफारिश की है.

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Government TrueCaller : फर्जी कॉल (Spam Calls) पर लगाम लगाने के लिए मोदी सरकार कमर कस चुकी है. कई लोग ऐसी कॉल्स से परेशान रहते हैं. कुछ लोग कॉल उठाने से भी घबराते हैं कि कहीं किसी स्कैमर का कॉल तो नहीं है. कई लोगों के साथ अनजान कॉल पर स्कैम भी हो चुके हैं. स्पैम कॉल का पता पहले लग जाए, तो भला कोई क्यों उसे उठाए? कितना अच्छा हो कि किसी अनजान नंबर से आपको कॉल आने से पहले ही आप पता लगा लें कि कॉल करनेवाला कौन है. बाजार में ट्रूकॉलर और अन्य ऑप्शंस मौजूद हैं, लेकिन अब भारत सरकार ज्यादा भरोसेमंद विकल्प तैयार कर रही है. दूरसंचार नियामक ट्राई ने इसके लिए समाधान निकाल लिया है. ट्रू कॉलर जैसी सरकारी सुविधा के लिए ट्राई ने ड्राफ्ट रेकमेंडेशन जारी कर दिया है. फोन टैपिंग, इंटरसेप्शन की जानकारी आरटीआई के दायरे में नहीं, पढ़ें पूरी खबर

TRAI ने अपनी सिफारिश में क्या कहा?

दूरसंचार नियामक ट्राइ ने दूरसंचार नेटवर्क में कॉल करने वाले शख्स का नाम फोन स्क्रीन पर दर्शाने वाली सेवा शुरू करने की सिफारिश की है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्र्राई) ने अपनी सिफारिश में कहा कि ‘कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन’ (सीएनएपी) अनुपूरक सेवा के तहत मोबाइल फोन की स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम प्रदर्शित करने की व्यवस्था शुरू की जाए. हालांकि यह सुविधा ग्राहक के अनुरोध पर ही सभी दूरसंचार कंपनियां मुहैया करायेंगी. इस सुविधा के शुरू होने पर अक्सर आने वाली अनचाही कॉल से छुटकारा पाने में काफी मदद मिलेगी. यह सुविधा चालू होने पर ग्राहक अपने फोन की स्क्रीन पर कॉलर का नाम देख पायेगा. कहीं आप ठगी के तो नहीं हो रहें शिकार, मोबाइल नंबर वेरिफाई कराने वाला फोन आया क्या? जानें मामला…

ग्राहक के अनुरोध पर मिलेगी सुविधा
ट्राई ने कहा कि सरकार को एक तय तारीख के बाद भारत में बेचे जाने वाले सभी फोन में सीएनएपी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दूरसंचार कंपनियों को उपयुक्त निर्देश जारी करना चाहिए. मोबाइल फोन कनेक्शन लेते समय भरे जाने वाले ग्राहक आवेदन पत्र (सीएएफ) में दिये गये नाम एवं पहचान विवरण का इस्तेमाल सीएनएपी सेवा के दौरान किया जा सकता है. दूरसंचार नियामक ने सुझाव दिया कि सभी एक्सेस सेवा प्रदाता अपने टेलीफोन ग्राहकों को उनके अनुरोध पर सीएनएपी सेवा मुहैया कराएं. ट्राई ने नवंबर, 2022 में इस संबंध में टिप्पणियां मांगी थीं. TRAI लाया नये नियम, स्पैम कॉल और मैसेज को कहें बाय बाय! जानें क्या है नया DCA System

1. ट्राई की सिफारिश क्या है?

ट्राई ने सिफारिश की है कि भारत में एक “कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन” (CNAP) सेवा शुरू की जाए, जिसके तहत मोबाइल फोन की स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम प्रदर्शित होगा.

2. यह सेवा किनके लिए होगी?

यह सेवा सभी दूरसंचार ग्राहकों को उनके अनुरोध पर उपलब्ध होगी. इसके लिए ग्राहकों को अनुरोध करना होगा, और फिर वे इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे.

3. CNAP सेवा से क्या लाभ होगा?

CNAP सेवा के आने से अनचाही और फर्जी कॉल से छुटकारा मिल सकेगा. लोग कॉल आने से पहले ही कॉल करने वाले की पहचान जान सकेंगे, जिससे धोखाधड़ी और स्पैम कॉल्स से बचने में मदद मिलेगी.

4. क्या यह सेवा सभी फोन पर उपलब्ध होगी?

ट्राई ने सुझाव दिया है कि एक निश्चित तारीख के बाद बेचे जाने वाले सभी मोबाइल फोन में यह सेवा अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए.

5. CNAP सेवा कैसे काम करेगी?

जब कोई व्यक्ति कॉल करेगा, तो कॉल करने वाले के नाम की जानकारी ग्राहक आवेदन पत्र (CAF) में दी गई जानकारी के आधार पर फोन की स्क्रीन पर दिखाई देगी.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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