Digital Arrest और Fraud पर सरकार का वार, ब्लॉक किये 17000 WhatsApp अकाउंट

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 23 Nov 2024 9:18 AM

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Digital Arrest

Digital Arrest Fraud: गृह मंत्रालय ने डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 17 हजार से अधिक व्हॉट्सऐप अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है.

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Digital Arrest Fraud: केंद्र सरकार ने ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए 17,000 से अधिक व्हॉट्सऐप अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है. गृह मंत्रालय के अनुसार, इन अकाउंट्स का इस्तेमाल साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट के लिए किया जा रहा था और ये अकाउंट्स मुख्य रूप से कंबोडिया, म्यांमार, लाओस और थाईलैंड जैसे देशों से जुड़े थे. इनका उपयोग भारत में लोगों को ठगने के लिए किया जा रहा था. इस साल जनवरी से अक्टूबर तक डिजिटल अरेस्ट के 92,000 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं. यह कार्रवाई गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर द्वारा की गई, जो ऑनलाइन प्लैटफार्मों पर की गई शिकायतों पर आधारित थी.

साइबर फ्रॉड का नया तरीका

पिछले कुछ महीनों में डिजिटल अरेस्ट की वजह से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी हुई है. गृह मंत्रालय की साइबर फ्रॉड कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने साइबर क्राइम पोर्टल पर आई शिकायतों के आधार पर इस कार्रवाई का निर्देश दिया. I4C ने मेटा के माइक्रोब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म व्हाॅट्सऐप से इन अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा. साइबर फ्रॉड का यह नया तरीका स्कैमर्स द्वारा CBI, ED, इनकम टैक्स ऑफिसर जैसे बड़े अधिकारियों के रूप में लोगों को डराकर और सोशल इंजीनियरिंग का उपयोग करके धोखाधड़ी करने का है. इससे लोग बदनामी के डर से स्कैमर्स के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर देते हैं.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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