Economic Survey: AI के इस्तेमाल पर नीतिगत हस्तक्षेप की जरूरत, श्रम-बल की जगह प्रौद्योगिकी पर कर लगाने का सुझाव

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 31 Jan 2025 6:57 PM

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Economic Survey Stress on Policy on use of AI

Economic Survey 2024-25: समीक्षा में एआई के कारण होने वाले श्रमबल में बदलाव के संदर्भ में सरकार से पुनर्विचार की अपील की गई है, ताकि इसका संतुलित प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके.

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Economic Survey 2024-25: संसद में शुक्रवार को पेश की गई आर्थिक समीक्षा 2024-25 में कृत्रिम मेधा (एआई) के बढ़ते प्रभाव और इसके सामाजिक व आर्थिक दुष्प्रभावों पर विचार करते हुए नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है. समीक्षा में एआई के कारण होने वाले श्रमबल में बदलाव के संदर्भ में सरकार से पुनर्विचार की अपील की गई है, ताकि इसका संतुलित प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके.

एआई के बढ़ते प्रभाव पर पुनर्विचार की आवश्यकता

आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि एआई का असर न केवल वैश्विक श्रम बाजार पर, बल्कि भारत में भी महसूस किया जाएगा, जहां कम प्रति व्यक्ति आय और बड़ी जनसंख्या के कारण यह समस्या अधिक गंभीर हो सकती है. समीक्षा ने सुझाव दिया है कि एआई को सही तरीके से अपनाने के लिए कंपनियों को संवेदनशील तरीके से इसकी शुरुआत करनी होगी, अन्यथा नीति हस्तक्षेप और राजकोषीय संसाधनों की मांग अपरिहार्य होगी.

आईएमएफ का प्रस्ताव : एआई पर टैक्स लगाये जाने की जरूरत

रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के एक दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा गया है कि सरकारें उन कंपनियों पर कर लगा सकती हैं, जो एआई का इस्तेमाल श्रमबल के स्थान पर करती हैं, ताकि इस बदलाव से होने वाले लाभ का हिस्सा सार्वजनिक कल्याण में लगाया जा सके. हालांकि, समीक्षा ने चेतावनी दी है कि ऐसा कदम देश की वृद्धि क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है.

शिक्षा और कार्यबल कौशल में निवेश की आवश्यकता

पीटीआई भाषा की रिपेार्ट के अनुसार, आर्थिक समीक्षा में यह भी उल्लेख किया गया कि भारत को एआई के लाभ से अधिकतम लाभ उठाने के लिए शिक्षा और कार्यबल कौशल में महत्वपूर्ण निवेश की आवश्यकता है. इसके लिए सरकार, निजी क्षेत्र और शिक्षा जगत के बीच त्रिपक्षीय समझौता होना चाहिए ताकि एआई-संचालित उत्पादकता का लाभ सभी तक पहुंचे और समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके.

भारत की जनसांख्यिकीय बढ़त का लाभ उठाने की अपील

समीक्षा में भारत की जनसांख्यिकीय बढ़त और विविध आर्थिक परिदृश्य को एआई के लाभ उठाने के लिए एक अनुकूल स्थिति के रूप में देखा गया है. हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि शिक्षा और कौशल निर्माण में दीर्घकालिक निवेश किया जाए, ताकि भारत भविष्य में एआई के अवसरों का सही तरीके से लाभ उठा सके.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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