बंदे ने जॉब के पहले हफ्ते में कंपनी को लगाया ₹2 लाख का चूना, वायरल हुआ दिल्ली स्टार्टअप स्कैम

स्टार्टअप के नये स्टाफ ने बनाये 100% डिस्काउंट कूपन, ₹2 लाख के स्नीकर्स ऑर्डर कर कंपनी छोड़ी / सिंबॉलिक पिक
दिल्ली की स्नीकर्स कंपनी गली लैब्स के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया. नये कर्मचारी ने पहले ही सप्ताह में 100% डिस्काउंट कूपन बनाकर ₹2 लाख के स्नीकर्स ऑर्डर किए और नौकरी छोड़ दी. कंपनी ने अब सेफ्टी मेजर्स कड़े किए.
दिल्ली बेस्ड स्नीकर्स डिजाइन हाउस गली लैब्स के साथ हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. कंपनी के को-फाउंडर अर्जुन सिंह ने बताया कि उनकी टीम में शामिल हुए एक नये स्टाफ ने पहले ही सप्ताह में कई 100% डिस्काउंट कूपन बनाये और करीब ₹2 लाख के स्नीकर्स अपने दोस्तों और परिवार को ऑर्डर कर दिए. इसके बाद वह जॉब छोड़कर चला गया.
कैसे हुई घटना?
अर्जुन सिंह ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर लिखा कि उन्होंने कुछ महीने पहले एक कस्टमर सर्विस कर्मचारी को नियुक्त किया था. जॉइनिंग के पहले ही सप्ताह में उसने कंपनी के सिस्टम का गलत इस्तेमाल करते हुए मुफ्त ऑर्डर बनाये और स्नीकर्स अपने जान-पहचान वालों को भेज दिए.
पकड़े जाने के बाद क्या हुआ?
जब कंपनी ने इस धोखाधड़ी का पता लगाया तो कर्मचारी ने शुरुआत में सहयोग दिखाया और आधे स्नीकर्स वापस कर दिए. लेकिन बाकी जूतों का इस्तेमाल हो चुका था. इसके बाद उसने कंपनी पर ही हैरासमेंट के आरोप लगाते हुए कानूनी नोटिस भेजना शुरू कर दिया.
जरूरत सुरक्षा उपायों की
इस घटना के बाद गली लैब्स ने अपने सिस्टम में नये सुरक्षा उपाय लागू किये. अर्जुन सिंह ने कहा कि अब उन्हें अपने स्टाफ मेंबर्स से भी कस्टमर डेटा और ऑर्डर डिटेल्स को सुरक्षित रखना पड़ रहा है.
लो ट्रस्ट सोसाइटी की प्रॉब्लम
सोशल मीडिया में जब यह पोस्ट आया, तो इसपर कई अन्य एंटरप्रेन्योर्स ने भी अपनी राय दी. एक फाउंडर ने लिखा कि जैसे-जैसे ब्रांड बढ़ते हैं, वैसे-वैसे सिक्योरिटी चैलेंज भी बढ़ते हैं. वहीं कुछ यूजर्स ने इसे “लो ट्रस्ट सोसाइटी” की समस्या बताया.
याद आये पुराने मामले
कई लोगों ने इस मामले को ई-कॉमर्स कंपनी जाबॉन्ग के बंद होने से जोड़ा. उन्होंने कहा कि जाबॉन्ग में कर्मचारियों को असीमित 30% डिस्काउंट कोड दिये जाते थे, जिन्हें वे अपने जान-पहचान वालों को बेच देते थे. इससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ और अंततः उसके ऑपरेशंस बंद हो गए.
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By Rajeev Kumar
राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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