China-US Tariff War: चीन का ऐसा माल, जो अमेरिका को भी झुका गया, टैरिफ की चाल फेल

Updated at : 25 Apr 2025 3:22 PM (IST)
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China-Us tarrif war

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China-US Tariff War: बढ़े हुए अमेरिकी टैरिफ रेट्स को लेकर पूरी दुनिया परेशान है. बड़ी-बड़ी कंपनियां भी इस टैरिफ रेट्स की मार झेल रही है. हर देश इस टैरिफ की काट ढूंढने में लगा है तो वहीं चीन ने इसका अलग ही तोड़ निकाल लिया है.

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China-US Tariff War: बढ़े हुए अमेरिकी टैरिफ रेट्स को लेकर पूरी दुनिया परेशान है. बड़ी-बड़ी कंपनियां भी इस टैरिफ रेट्स की मार झेल रही है. हर देश इस टैरिफ की काट ढूंढने में लगा है तो वहीं चीन ने इसका अलग ही तोड़ निकाल लिया है. चीन-अमेरिका टैरिफ वॉर के बीच चीन ने अपना एक अनोखा हथियार निकाल दिया है. जिसके आगे अमेरिकी टैरिफ भी कुछ भी नहीं. चीन का ये हथियार और कुछ नहीं बल्कि उसका रोबोटिक सेक्टर है. जहां बनने वाले रोबॉट्स बेहद खास और अनोखे हैं. शायद ही चीन के अलावा किसी और देश में इसे बनाया जाता होगा. ऐसे में चीन के रोबॉट्स पर अमेरिकी टैरिफ का कोई खासा असर नहीं पड़ने वाला है.

झटके में निपटा देते हैं सारे काम

दरअसल, चीन का एक ऑटोमेटेड कैफे काफी सुर्खियों में है. इस कैफे में रोबोटिक आर्म्‍स बहुत ही तेजी से सारे काम निपटा रहे हैं. पलक झपकते ही ये रोबोटिक आर्म्स कई सारे ड्रिंक्स बना देते हैं. बता दें कि, एक रिपोर्ट के अनुसार चीन के सबसे बड़े व्यापार मेले के इस रोबोटिक कैफे को ड्रिंक्स बनाने के लिए 8 Million से ज्‍यादा का ऑर्डर मिला है. सिर्फ इतना ही नहीं, चीन में क्लिनिक रोबॉट्स से लेकर कई सारे काम करने वाले रोबोट्स भी बनाए जा रहे हैं. चीन के इन रोबोट्स की डिमांड बढ़ रही है. ऐसे में अमेरिकी टैरिफ का असर चीन के इन प्रोडक्ट्स पर नहीं पड़ने वाला है. क्योंकि, अमेरिका में इस तरह के रोबोट्स नहीं तैयार किए जा रहे हैं.

बड़े-बड़े खरीदार की तरफ से चीन को मिल रहा ऑफर

वहीं, चीन के अलावा साउथ कोरिया और यूरोप में इस तरह के रोबोट्स तैयार किए जाते हैं. लेकिन चीन के मुकाबले उनके रोबोट्स महंगे होते हैं जबकि चीन के रोबोट्स की कीमत काफी कम है. ऐसे में अगर चीन के इन रोबोट्स पर अमेरिका टैरिफ लगाता भी है तो फिर इन चीनी प्रोडक्ट्स के सस्ते होने के कारण चीन पर असर नहीं होने वाला है. इसके अलावा इन चीनी प्रोडक्ट्स को खरीदने के लिए अमेरिका के अलावा एक से एक खरीदार चीन को मिल रहे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, वियतनाम से लेकर मिडिल ईस्‍ट के खरीदारों की तरफ से चीन की कई कंपनियों को बड़े ऑफर दिए गए हैं.

वहीं, रिपोर्ट का दावा है कि चीन में तैयार किए जाने वाले क्लीनिंग रोबोट्स की अमेरिका में काफी डिमांड है. क्योंकि, अमेरिका में क्लीनिंग सर्विस महंगी है. ऐसे में चीन के ये सस्ते रोबोट्स कम खर्च में ही किसी भी बिल्डिंग को झटके में साफ कर सकता है. साथ ही ये रोबोट्स 24 घंटे तक काम कर सकते हैं और इनकी लाइफ बैटरी 8 साल तक चलेगी.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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