Email में CC और BCC क्या होता है, दोनों में क्या अंतर होता है और इनका इस्तेमाल कब और कहां होता है?
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 22 Aug 2023 9:43 PM
what is difference between to, cc and bcc in email - मेल भेजते समय हमारे सामने 'टू' (To). 'सीसी' (CC) और 'बीसीसी' (BCC) तीन ऑप्शन्स नजर आते हैं. कई लोगों को यह पता नहीं होता कि किस ऑप्शन का प्रयोग कहां होता है. आज हम आपको बताते हैं कि इन ऑप्शन्स काे कहां प्रयोग करते हैं -
Difference Between To, CC and BCC in E-mail : हम में से अधिकांश लोग ई-मेल आईडी का इस्तेमाल करते हैं. मेल भेजते समय हमारे सामने ‘टू’ (To). ‘सीसी’ (CC) और ‘बीसीसी’ (BCC) तीन ऑप्शन्स नजर आते हैं. कई लोगों को यह पता नहीं होता कि किस ऑप्शन का प्रयोग कहां होता है. आज हम आपको बताते हैं कि इन ऑप्शन्स काे कहां प्रयोग करते हैं –
‘To’, ‘CC’ और ‘BCC’ का अंतर
सबसे पहले तो ‘To’ में हम उस व्यक्ति की ई-मेल आईडी डालते हैं, जिसको हम डायरेक्ट मेल भेजना चाहते हैं. अब इसमें ‘CC’ और ‘BCC’ ऑप्शंस आते हैं, जिन्हें हमें उस मेल की कॉपी भेजनी होती है. साथ ही, यह जानकारी भी कि मेल कब कहां और किसे भेजा गया है. CC और BCC दो प्रकार के ई-मेल कॉपी करने के तरीकों को सूचित करते हैं –
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सीसी (CC) क्या होता है ?
‘सीसी’ एक शॉर्ट फॉर्म है, जिसका मतलब होता है ‘कार्बन कॉपी’. जब आप किसी व्यक्ति को एक ई-मेल भेजते हैं, और उसे आपके संदेश की एक प्रतिलिपि भी चाहिए तो आप उन्हें ‘सीसी’ में शामिल कर सकते हैं. इसका मतलब होता है कि आपके ईमेल के सभी प्राप्तकर्ताओं को दिए गए एक ही संदेश की प्रतिलिपि मिलती है, ताकि वे जान सकें कि आपने इसे किसे साझा किया है.
बीसीसी (BCC) क्या होता है ?
‘बीसीसी’ का मतलब होता है ‘ब्लाइंड कार्बन कॉपी’. जब आप किसी को एक ईमेल भेजते हैं और आप चाहते हैं कि उन्हें दूसरे प्राप्तकर्ताओं के ई-मेल पतों की जानकारी न मिले, तो आप उन्हें ‘बीसीसी’ में शामिल कर सकते हैं. इसका मतलब होता है कि आपके ‘बीसीसी’ प्राप्तकर्ता केवल आपके ई-मेल के प्राप्तकर्ताओं को पता नहीं चलते हैं, जो उस संदेश को प्राप्त करते हैं.
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कब किसका इस्तेमाल करना है ?
यह अंतर उस समय पर जरूरी हो सकता है जब आप खास परिस्थितियों में या गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए ई-मेल भेजते हैं. उदाहरण के तौर पर, आपके पास एक समूह हो सकता है जिसमें आपके सहयोगी शामिल हैं, लेकिन आप चाहते हैं कि वे एक दूसरे के ई-मेल एड्रेसेज की जानकारी न देख सकें. इस स्थिति में, आप ‘बीसीसी’ ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं. कृपया ध्यान दें कि विभिन्न ई-मेल सेवाओं और क्लाइंट्स में ‘सीसी’ और ‘बीसीसी’ के उपयोग की प्रक्रिया में थोड़ी भिन्नता हो सकती है, लेकिन उपरोक्त विवरण आमतौर पर प्रायोगिक सिद्धांतों को दर्शाते हैं.
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By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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