Bihar Flood : कोसी की तेज धार से सुपौल में टूटा बांध, दर्जनों गांव में घुस रहा बाढ़ का पानी, गहराया संकट
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 24 Jul 2021 7:49 AM
कोसी नदी की तेज धारा के कारण डगमारा पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर नौ स्थित हनुमान मंदिर के समीप सिकरहट्टा-मझारी निम्न बांध शुक्रवार के अहले सुबह टूट गया. इसके कारण नदी की तेज धारा टूटे बांध के बाहर निकल रही है और दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर रहा है.
कोसी नदी की तेज धारा के कारण सुपौल के डगमारा पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर नौ स्थित हनुमान मंदिर के समीप सिकरहट्टा-मझारी निम्न बांध शुक्रवार के अहले सुबह टूट गया. इसके कारण नदी की तेज धारा टूटे बांध के बाहर निकल रही है और दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर रहा है. यह धारा मुख्य रूप से कुछ ही दूर पर स्थित तिलयुगा नदी में गिर रही है. इससे तिलयुगा नदी का भी जलस्तर बढ़ने लगा है.
10 फीट लंबाई में टूटा बांध देखते ही देखते एक सौ फीट की लंबाई में बांध को चपेट में ले लिया, जहां नदी की काफी तीव्र धारा का बहाव हो रहा है. माॅनसून प्रारंभ होने के बाद से ही कोसी नदी के जल स्तर में उतार-चढ़ाव जारी है. नदी का डिस्चार्ज कम होने के बाद धारा काफी आक्रामक हो रही है. इसी कड़ी में 21 जुलाई को कुनौली थाना क्षेत्र स्थित स्पर संख्या एक व दो के बीच एक ग्रामीण बांध को तोड़ कर नदी आजाद हो गयी थी, जहां बाढ़ निरोधात्मक कार्य सही तरीके से प्रारंभ नहीं किये जाने के कारण नदी की धारा का दवाब सिकरहट्टा-मझारी निम्न बांध पर बना रहा था और आखिरकार शुक्रवार की सुबह कोसी नदी यहां बांध तोड़ कर बाहर निकल गयी.
मझारी-सिकराहट्टा बांध टूटने के बाद शुकवार के अहले सुबह डीएम महेंद्र कुमार, एसपी मनोज कुमार, निर्मली एसडीएम नीरज नारायण पांडेय सहित तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. इसके बाद जल संसासन विभाग के मुख्य अभियंता मनोज रमण, कार्यपालक अभियंता सतीश कुमार सहित दर्जनों अभियंता की टीम टूटे हुए स्थल पर पहुंचे, जहां डीएम के निर्देश पर तीन पूर्व टूटे ग्रामीण बांध की मरम्मति का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है.
सुपौल में टूटा बांध…बाढ़ की मुसीबतें बढ़ी. pic.twitter.com/4lCEstgdq7
— Thakur Shaktilochan shandilya (@Ershaktilochan) July 24, 2021
डीएम ने बताया कि इस बांध को बांधने के बाद पानी का वेग स्वत: कम हो जायेगा. इसके बाद मझारी-सिकराहट्टा बांध का मरम्मति कार्य कराया जायेगा. उनके निर्देश पर एनडीआरफ की भी एक टीम वहां पहुंची है. वहीं डीएम के निर्देश पर बाढ़ विस्थापितों के लिये तटबंध पर कम्युनिटी किचन चलाया जा रहा है. जिलाधिकारी ने बताया कि बांध पर शरण लिए पीड़ितों को भोजन मुहैया के लिए कम्युनिटी किचन की शुरुआत की गयी है. यह व्यवस्था मध्य विद्यालय सिकरहट्टा और चुटियाही विद्यालय में शुरू की गयी है.
रात्रि में बांध टूटने के बाद निम्न बांध के पश्चिमी दिशा में बसे लोगों के घर तक पानी पहुंच गया. इसके कारण लोगों में हाहाकर मच गया. नदी के पानी का फैलाव काफी तीव्र गति से हो रहा है. इसके बाद लोग अपने बाल बच्चे के साथ कोसी महासेतु व बांध की ओर शरण लेने लगे हैं. सिकरहट्टा-मझारी बांध टूटने से निर्मली-कुनौली, कमलपुर, डगमारा, नया टोला सिकरहट्टा, दिघिया, बेला सिंगार मोती, मझारी, हरियाही गांवों के लोगों का सड़क संपर्क टूट चुका है. इन लोगों को कुनौली व नेपाल की ओर जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी.
POSTED BY: Thakur Shaktilochan
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