ePaper

ऑस्ट्रेलियाई उप उच्चायुक्त को नहीं दी गयी बंगाल के मंत्रियों से मिलने की अनुमति

Updated at : 20 Jun 2024 12:02 AM (IST)
विज्ञापन
ऑस्ट्रेलियाई उप उच्चायुक्त को नहीं दी गयी बंगाल के मंत्रियों से मिलने की अनुमति

तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल को विदेशी निवेश मिलने की राह में रोड़े अटकाने का केंद्र पर आरोप लगाते हुए बुधवार को दावा किया कि ऑस्ट्रेलिया के उप उच्चायुक्त को बंगाल के तीन मंत्रियों से मुलाकात नहीं करने का आग्रह किया गया.

विज्ञापन

कोलकाता/नयी दिल्ली.

तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल को विदेशी निवेश मिलने की राह में रोड़े अटकाने का केंद्र पर आरोप लगाते हुए बुधवार को दावा किया कि ऑस्ट्रेलिया के उप उच्चायुक्त को बंगाल के तीन मंत्रियों से मुलाकात नहीं करने का आग्रह किया गया. यहां संवाददाता सम्मेलन में तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य साकेत गोखले ने कहा कि विदेश मंत्रालय के ओशिआनिया प्रभाग ने उप उच्चायुक्त निकोलस मैक्कैफ्री से पश्चिम बंगाल के उद्योग व वाणिज्य मंत्री शशि पांजा, आइटी मंत्री बाबुल सुप्रियो और कृषि मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय से मुलाकात नहीं करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा : पश्चिम बंगाल सरकार को ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग से सूचना मिली है कि उप उच्चायुक्त राज्य का दौरा करेंगे और उन्होंने तीन मंत्रियों के साथ मुलाकात के लिए समय मांगा है. इसके बाद, विदेश मंत्रालय के ओशिआनिया प्रभाग से एक संदेश आया कि मंत्रालय यह अनुशंसा नहीं करता है कि ऑस्ट्रेलिया के उप उच्चायुक्त तीन राज्य मंत्रियों से मिलें.

गोखले ने पूछा : यहां सवाल बहुत सीधा है. अगर भारत में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने वाला कोई राजनयिक भारत के किसी राज्य के मंत्रियों के साथ बैठक करता है, तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को क्या परेशानी है? सूत्रों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के उप उच्चायुक्त को दिलीप घोष, सुकांत मजूमदार, डेरेक ओ ब्रायन और जवाहर सरकार से मिलने के लिए ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ दिया गया था, लेकिन उन्होंने राज्य के मंत्रियों से मुलाकात न करने की सिफारिश की थी. गोखले ने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दलों के साथ चर्चा की जायेगी और इसे संसद में उठाया जायेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक से अधिक मौकों पर विदेश यात्रा की अनुमति नहीं दी गयी.

तृणमूल कांग्रेस की ही राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने कहा : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को तीन बार विदेश जाने से रोका गया. यह देश के संघीय ढांचे पर हमला है. जनादेश में अब निरंकुशता के लिए जगह नहीं है. वहीं, आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों से मुलाकात के लिए ‘पारस्परिकता के सिद्धांत’ के आधार पर ऑस्ट्रेलिया के उप उच्चायुक्त को अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) दे दिया गया है. यह स्पष्टीकरण तृणमूल कांग्रेस द्वारा केंद्र की राजग सरकार पर ऑस्ट्रेलिया के उप उच्चायुक्त को कोलकाता में बंगाल के शीर्ष मंत्रियों से मुलाकात की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाये जाने के बाद आया है. एक सूत्र ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के उप उच्चायुक्त को पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों से मुलाकात के लिए पारस्परिकता के सिद्धांत के बारे में बता दिया गया है. ‘पारस्परिकता के सिद्धांत’ को स्पष्ट करते हुए एक अन्य सूत्र ने कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार राज्य सरकार के मंत्री का पद विदेशी मिशन के उप प्रमुख के पद से ऊपर होता है और बैठकों के किसी भी अनुरोध पर ध्यान देने में इस प्रावधान का पालन किया जाता है. सूत्र ने सुझाव दिया कि उप उच्चायुक्त मंत्रियों से बहुत कनिष्ठ होते हैं और यही कारण है कि राजनयिक द्वारा बैठकों के लिए किया गया अनुरोध निर्धारित मानदंडों के अनुरूप नहीं था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola