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WB News : जीटीए क्षेत्र में नियुक्ति घोटाले की सीबीआइ जांच पर अंतरिम रोक

Updated at : 02 May 2024 9:38 PM (IST)
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WB News : जीटीए क्षेत्र में नियुक्ति घोटाले की सीबीआइ जांच पर अंतरिम रोक

उत्तर बंगाल के गोरखा टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) यानी दार्जिलिंग स्थित स्कूलों व विभिन्न निकायों में भी नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट द्वारा दी गयी सीबीआइ जांच के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है.

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कोलकाता.

उत्तर बंगाल के गोरखा टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) यानी दार्जिलिंग स्थित स्कूलों व विभिन्न निकायों में भी नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट द्वारा दी गयी सीबीआइ जांच के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है. गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश वीआर गवई की अध्यक्षता वाली खंडपीठ पर मामले की सुनवाई हुई और अदालत ने दो सप्ताह के लिए हाइकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी और कहा कि दो सप्ताह बाद फिर से मामले पर सुनवाई होगी.

गौरतलब है कि इससे पहले, हाइकोर्ट के न्यायाधीश विश्वजीत बसु की एकल पीठ ने उत्तर बंगाल में कालिम्पोंग, दार्जिलिंग व कर्सियांग में जीटीए द्वारा संचालित स्कूलों में दाखिला अनियमितताओं की शिकायतों की सीबीआइ जांच का आदेश दिया गया था. इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने न्यायमूर्ति हरीश टंडन और न्यायमूर्ति मधुरेश प्रसाद की खंडपीठ का रुख किया था और खंडपीठ ने भी न्यायमूर्ति विश्वजीत बसु द्वारा पारित आदेश को बरकरार रखते हुए सीबीआइ को जांच जारी रखने का आदेश दिया था. इसके बाद राज्य सरकार ने हाइकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह आदेश दिया.

उल्लेखनीय है कि एक रहस्यमय पत्र के माध्यम से शिक्षक नियुक्ति में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है. इससे पहले, सीआइडी व राज्य पुलिस मामले की जांच कर रही थी, लेकिन अब तक सच्चाई का पता नहीं लगा पायी है. इसके बाद मामले की सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश विश्वजीत बसु ने मामले की जांच का जिम्मा सीबीआइ को सौंप दिया. उक्त रहस्यमय पत्र में कहा गया है कि उत्तर बंगाल में शिक्षक पद के साथ ही नगरपालिकाओं में भी नियुक्तियों में धांधली हुई है. कहा गया है कि इस पूरी नियुक्ति में एकाधिक मंत्री व सत्तारूढ़ पार्टी के प्रभावशाली नेता शामिल हैं. हाइकोर्ट की एकल पीठ ने सीबीआइ को उक्त पत्र में दी गयी जानकारियों के आधार पर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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