सिलीगुड़ी महकमा परिषद: लाल फीताशाही के चक्कर में पैदल हुए सभाधिपति

सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी महकमा परिषद में अधिकारियों की लाल फीताशाही का यह आलम है कि फाइल रोके जाने की वजह से सरकारी गाड़ियों में तेल भरना तक मुश्किल है. तेल के आभाव में सरकारी काम के लिए उपयोग होने वाली 12 गाड़ियां पिछले 12 दिनों से गैराज में बंद है. तमाम सरकारी अधिकारी की क्या बात […]
सभाधिपति तापस सरकार ने इस समस्या को लेकर दार्जिलिंग के जिला शासक अनुराग श्रीवास्तव को एक पत्र भी लिखा है. उन्होंने इस मामले में एक रिपोर्ट भी 27 अक्टूबर के भीतर मांगी है. दूसरी तरफ इस संबंध में सिलीगुड़ी महकमा परिषद के विरोधी दल तृणमूल कांग्रेस ने माकपा के सभाधिपति पर तंज कसते हुए टोटो खरीदने की नसीहत दी है. हांलाकि इस समस्या के लिए महकमा परिषद के सभाधिपति तापस सरकार और विरोधी दलनेता काजल घोष ने कर्मचारियों को दोषी ठहराया है.उल्लेखनीय है कि पिछले छह अक्टूबर से महकमा परिषद की सभी गाड़ियां गैराज में बंद पड़ी है. महकमा परिषद की इन गाड़ियों में तेल नहीं है.
अधिकृत पेट्रोल पंप ने बकाया राशि भुगतान नहीं किये जाने पर तेल देने से माना कर दिया हैसिलीगुड़ी महकमा परिषद से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 6 अक्टूबर से सभाधिपति की गाड़ी सहित कुल 12 गाड़ियां बिना तेल के गैराज में पड़ी हुयी है. नियम के अनुसार महकमा परिषद के सभाधिपति, उप सभाधिपति, सचिव, एइओ, इंजीनियर और विरोधी दलनेता को सरकारी गाड़ी मिलती है. लेकिन पिछले 12 दिनों से यह सुविधा नदारद है. इन सभी को आने-जाने के लिये निजी गाड़ी या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना पड़ रहा है.
महकमा परिषद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पेट्रोल पंप के दो लॉट का बकाया भुगतान नहीं हुआ है. पांच लाख से अधिक का बिल पेट्रोल पंप ने समय पर महकमा परिषद को भेज दिया था. समय पर संबंधित फाइल को भुगतान के लिए आगे नहीं बढ़ाया गया. दुर्गापूजा के दौरान 6 अक्टूबर को चालक जब सभाधिपति की गाड़ी लेकर इंधन लेने पंप पर पहुंचा तो पंप प्रबंधन ने तेल दिये ही चालक को लौटा दिया. फिर पूजा में छुट्टी की वजह से बकाया राशि का भुगतान नहीं हो सका. जब से ही सभी गाड़ियां गैराज में खड़ी है. इधर, इस बात को लेकर महकमा परिषद में विरोधी दल तृणमूल भी काफी नाराज है.
तृणमूल महकमा परिषद के सभाधपित की गाड़ी में तेल ना होना और पेट्रोल पंप द्वारा पैसे नहीं मिलने पर तेल नहीं देने की घटना को शर्मनाक बताया है. हांलाकि इसके लिए विरोधी सदस्यों ने सभाधिपति को घेरा है. उनका आरोप है महकमा परिषद के सभाधिपति की कर्मचारियों और अधिकारियों पर पकड़ नहीं है. इसी वजह से महकमा परिषद इलाके का विकास कार्य भी ठप हो गया है. इनलोगों का कहना है कि सभाधिपति, एइओ, इंजीनियर व अन्य कर्मचारियों की गाड़ी में तेल ना होने की वजह से काम करने में काफी परेशानी हो रही है.
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