पांचवें दिन खत्म हुआ पानी का संकट

Published at :13 Sep 2016 1:13 AM (IST)
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पांचवें दिन खत्म हुआ पानी का संकट

सिलीगुड़ी. चार दिनों के गंभीर संकट के बाद पांचवें दिन सिलीगुड़ी नगर निगम इलाके से पानी का संकट खत्म हो गया है. इसके साथ ही आम लोगों ने राहत की सांस ली है. पिछले चार दिनों से पेयजल के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम के सभी 47 वार्डों में हाहाकार मचा हुआ था. पीने के पानी […]

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सिलीगुड़ी. चार दिनों के गंभीर संकट के बाद पांचवें दिन सिलीगुड़ी नगर निगम इलाके से पानी का संकट खत्म हो गया है. इसके साथ ही आम लोगों ने राहत की सांस ली है. पिछले चार दिनों से पेयजल के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम के सभी 47 वार्डों में हाहाकार मचा हुआ था. पीने के पानी के लिए आम लोग काफी परेशान थे.

ग्रामीण इलाकों से लोगों को चापाकल अथवा कुओं से पानी लाना पड़ रहा था. इस बीच, सोमवार को सिलीगुड़ी नगर निगम के अधिकांश वार्डों में पेयजल की आपूर्ति बहाल हो गई है. सुबह कुछ वार्डों में पेयजल की आपूर्ति शुरू हुई. आठ से दस वार्डों में दोपहर बाद स्थिति सामान्य हो सकी. पेयजल आपूर्ति शुरू होते ही नगर निगम के विभिन्न नलकों पर पानी लेने वाले लोगों की भारी भीड़ लग गई. प्रेशर कम होने की वजह से नलकों से धीरे-धीरे पानी निकल रहा था.

उसके बाद भी घंटों तक लोग पानी के इंतजार में बैठे रहे. इस बीच, पीएचई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एशियन हाइवे बनाने की वजह से जिन तीन पाइप लाइनों को नुकसान पहुंचा था, उसकी मरम्मती का काम पिछले चार दिनों से जारी था. शनिवार को भी पाइन लाइन की मरम्मती करीब-करीब पूरी कर ली गई थी. दरअसल यह पाइप लाइन की मरम्मती का मामला भी नहीं था. सूत्रों ने बताया है कि एशियन हाइवे पर पड़ने की वजह से पीएचई के पाइप लाइन को वहां से हटाने का निर्णय लिया गया था. अलग पाइप लाइन बनाये गये थे. इसी पाइप लाइन में गड़बड़ी हो गई थी. शनिवार को पाइप लाइन ठीक करने के बाद देर रात फिर से उसमें गड़बड़ी आ गई, जिसकी वजह से रविवार को भी पेयजल की आपूर्ति बंद रही. पीएचई के इंजीनियर दिन-रात काम पर लगे हुए थे. रविवार को देर रात तक दो पाइप लाइनों को ठीक कर दिया गया. उसके बाद सोमवार सुबह से कई वार्डों में पेयजल की आपूर्ति शुरू हुई. बाकी बचे वार्डों में शाम तक पेयजल सेवा बहाल कर दी गई है.


इधर, सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य ने युद्धस्तर पर काम करने के लिए पीएचई के इंजीनियरों की प्रशंसा की है. इतना ही नहीं, वह पाइप लाइन मरम्मती के काम में लगे मजदूरों को दुर्गा पूजा के अवसर पर नगर निगम की ओर से एक-एक हजार रुपये देंगे. पेयजल आपूर्ति सामान्य होने के बाद मेयर अशोक भट्टाचार्य ने एक बार फिर से इस मामले में अपनी सफाई दी है और कहा है कि नगर निगम की वजह से पेयजल की आपूर्ति बाधित नहीं हुई है. एशियन हाइवे परियोजना से पेयजल आपूर्ति पाइप लाइन को हटाने की जानकारी पीएचई ने नगर निगम के कमिश्नर को दे दी थी. पीएचई के अधिकारियों ने कमिश्नर को लिखी चिट्ठी में कहा था कि पाइप लाइन की मरम्मती की वजह से सिलीगुड़ी नगर निगम इलाके में पेयजल की आपूर्ति पांच तारीख को बंद रहेगी. नगर निगम के कमिश्नर ने पीएचई से आठ या नौ तारीख को यह काम करने का अनुरोध किया था. उसके बाद भी पीएचई ने चार से ही काम शुरू कर दिया. मेयर ने आगे कहा कि तीन पंपों में से दो पंप ठीक कर दिये गये हैं. तीसरे पंप को ठीक करने का काम जारी है. सोमवार देर रात तक इसकी भी मरम्मती कर ली जायेगी. मंगलवार से किसी भी वार्ड में पानी की कोई कमी नहीं रहेगी.
मंत्री का किया धन्यवाद
मेयर अशोक भट्टाचार्य ने युद्धस्तर पर पाइप लाइन की मरम्मती कराने के लिए राज्य के पीएचई मंत्री सुब्रत बख्शी को धन्यवाद दिया है. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि इस मुद्दे पर वह लगातार पीएचई के मंत्री के संपर्क में थे. इसके साथ ही उन्होंने पीएचई के अधिकारियों की भी जमकर प्रशंसा की है. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि पीएचई ने अपना काम ठीक तरह से किया है और पीएचई से उन्हें कोई शिकायत नहीं है.
विपक्ष ने फिर की आलोचना
इधर, पाइप लाइन मरम्मत की जिम्मेदारी भले ही राज्य के अधीन पीएचई विभाग की रही हो, लेकिन मेयर अशोक भट्टाचार्य अभी भी विपक्ष तृणमूल कांग्रेस के निशाने पर हैं. पानी को लेकर नगर निगम में विरोधी दल के नेता नान्टू पाल ने एक बार फिर से मेयर पर हमला बोला है. इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक भी मेयर से बुलाने की मांग की. श्री पाल ने कहा कि नगर निगम द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किये जाने की वजह से ही परिस्थिति बिगड़ी है. सिलीगुड़ी नगर निगम के पास इतने संसाधन हैं कि पांच-छह दिनों के लिए टैंकर के माध्यम से सिलीगुड़ी के लोगों को पानी की आपूर्ति की जा सकती थी. मेयर ने इस ओर ध्यान नहीं दिया. वह सारी जिम्मेदारी पीएचई पर थोप कर खुद बचते रहे.
क्यों हुई काम में देरी
मेयर अशोक भट्टाचार्य भले ही पानी की आपूर्ति सामान्य करने के लिए पीएचई की प्रशंसा कर रहे हों, लेकिन काम देरी से शुरू होने को लेकर पीएचई पर भी सवाल उठने लगे हैं. नेशनल हाइवे अथोरिटी ने पहले ही पीएचई को पाइप लाइन हटाने के लिए कह दिया था. इसके लिए पिछले साल ही एशियन हाइवे अथोरिटी ने पीएचई विभाग को आठ करोड़ रुपये भी जारी कर दिये थे. उसके बाद भी इस काम में करीब एक साल की देरी हो गई.
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