पहाड़ पर फिर सुनायी पड़ेगी कू झिक-झिक की आवाज, तीन जोड़ी नयी ट्रेन चलायेगी डीएचआर

सिलीगुड़ी: किसी जमाने में दार्जिलिंग पहाड़ के लोगों की नींद कू झिक-झिक की आवाज से खुलती थी और सारा दिन कभी ना कभी इस आवाज से दो चार होते रहते थे. दरअसल पहले विश्व प्रसिद्ध ट्वाय ट्रेन में स्टीम इंजन का प्रयोग होता था. यह ट्रेन कोयला पानी वाले इंजन से चलती थी और कू […]
समय बितने के साथ रेलवे का आधुनिकीकरण हुआ और पूरे देश में स्टीम इंजन का प्रचलन बंद हो गया. जाहिर तौर पर दार्जिलिंग के ट्वाय ट्रेन से भी स्टीम इंजन हटा लिये गए और डीजल इंजनों का उपयोग होने लगा. इसके साथ ही यहां के लोग कू झिक-झिक की आवाज सुनने को भी तरसने लगे.अब कइ दशक बाद पहाड़ के लोगों को एक बार फिर से कू झिक-झिक की खनक सुनायी पड़ेगी.
दस किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इन ट्रेनों को लेकर पर्यटकों में खासा जोश रहता है. ऐसे सही मायने में कहें तो ये ट्रेनें पर्यटकों के लिए ही चलायी जा रही है.इस संबंध में पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के सीपीआरओ प्रणव ज्योति शर्मा ने बताया है कि नेरो गेज के 14 नये अत्याधुनक कोच तैयार किये गए हैं. इन्हीं कोचों को नये ट्रेनों में लगाया जायेगा.पहले के कोच में 12,14 तथा 16 सीटें होती थी. जो नये कोच बनाये गए हैं उसमें बैठने की क्षमता 28 यात्रियों की है.डीजल इंजन से चलने वाली ट्रेनों में तीन कोच लगाये जायेंगे जबकि स्टीम इंजन ट्रेन में दो कोच लगाये जायेंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










