सिलीगुड़ी: गोजमुमो के शीर्ष नेता तथा जीटीए सभा के अध्यक्ष प्रदीप प्रधान का तृणमूल कांग्रेस में जाना तय है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदीप प्रधान करीब पांच सौ समर्थकों के साथ बुधवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. हालांकि इस मुद्दे को लेकर न तो प्रदीप प्रधान और न ही कोई तृणमूल नेता कुछ खुलकर कहना चाहते हैं. दूसरी ओर गोजमुमो नेता इसे अफवाह करार दे रहे हैं. मुख्यमंत्री तथा तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी इन दिनों उत्तर बंगाल के दौरे पर हैं. वह सोमवार को कोलकाता से सिलीगुड़ी पहुंची. आज मंगलवार को उनका उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा में कई कार्यक्रम है.
इससे पहले सोमवार को सिलीगुड़ी पहुंचने के बाद वह बागडोगरा एयरपोर्ट से सीधे सुकना वनबंगलो रवाना हो गईं. उन्होंने रात्रि विश्राम सुकना में ही किया. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदीप प्रधान सहित गोजमुमो के कई अन्य नेताओं ने सुकना जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की है. इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस के दार्जिलिंग जिला प्रभारी तथा मंत्री अरूप विश्वास भी उपस्थित थे. इसी बैठक में प्रदीप प्रधान तथा अन्य गोजमुमो नेताओं के तृणमूल में शामिल करने पर फैसला लिया गया. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कल बुधवार को कर्सियांग में आयोजित विशेष जनसभा के दौरान प्रदीप प्रधान के साथ ही गोजमुमो के सेंट्रल कमेटी के नेता बिमल दोरजी, पार्टी के कर्सियांग महकमा के सचिव रोहित योंगो, उपाध्यक्ष कमल थापा तथा रूपेन न्योपानी सहित करीब पांच सौ गोजमुमो समर्थक तृणमूल कांग्रेस में शामिल होंगे. गोजमुमो के चार अन्य जीटीए सभासदों के भी प्रदीप प्रधान के साथ तृणमूल में जाने की चरचा है. हांलाकि अभी इसकी कोइ पुष्टि नहीं हुयी है.सूत्रों के अनुसार जीटीए के डिप्टी चेयरमैन लुक्सन लामा के अलावा सुनिल प्रधान,नीमा तामांग तथा गोपाल रूचेल तृणमूल में शामिल हो सकते हैं. इससे पहले गोजमुमो के शीर्ष नेताओं ने प्रदीप प्रधान को मनाने की काफी कोशिश की. यहां तक कि गोजमुमो सुप्रीमो तथा जीटीए चीफ बिमल गुरूंग स्वयं दार्जिलिंग से कर्सियांग आकर प्रदीप प्रधान से मिले और उन्हें मनाने की कोशिश की.
गोजमुमो सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिमल गुरूंग ने प्रदीप प्रधान को जीटीए के चीफ एक्जीक्यूटिव बनाने का भी प्रस्ताव दिया, जिसे उन्होंने मानने से इंकार कर दिया. बिमल गुरूंग से मुलाकात को लेकर प्रदीप प्रधान कुछ भी नहीं कहना चाहते. हालांकि बिमल गुरूंग का कहना है कि वह प्रदीप प्रधान का हालचाल पूछने उनके घर आये थे. प्रदीप प्रधान की तबीयत खराब थी और वह चेन्नई से इलाज करा कर लौटे हैं. इसी वजह से उनकी तबीयत की जानकारी लेने के लिए वह मिले थे. इधर, राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रदीप प्रधान के तेवर से गोजमुमो में टूट तय है. हर्क बहादुर छेत्री के बाद प्रदीप प्रधान गोजमुमो के ऐसे बड़े नेता होंगे जो पार्टी छोड़ेंगे. दूसरी तरफ गोजमुमो नेता तथा जीटीए के सूचना एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख विनय तामांग ने इसे अफवाह करार दिया है. विनय तामांग का कहना है कि गोजमुमो तथा गोरखालैंड आंदोलन को कमजोर करने के लिए तृणमूल कांग्रेस तथा गोजमुमो विरोधी अन्य दल अफवाह फैला रहे हैं. प्रदीप प्रधान गोजमुमो में हैं और गोजमुमो में ही रहेंगे. अब विनय तामांग का यह दावा कितना सही होता है, इसका पता कल बुधवार को ही चल सकेगा.
क्यों पार्टी छोड़ना चाहते हैं प्रदीप प्रधान
प्रदीप प्रधान की गिनती गोजमुमो के हैवीवेट नेताओं में होती है. बिमल गुरूंग के साथ ही वह भी गोजमुमो के संस्थापक सदस्य रहे हैं. पार्टी के गठन के बाद से ही वह गोजमुमो के उपाध्यक्ष पद पर हैं. प्रदीप प्रधान पहले वामपंथी नेता हुआ करते थे. वह काफी वर्षों तक माकपा के कर्सियांग जोनल कमेटी के सदस्य थे. उसके बाद वह सुभाष घीसिंग की पार्टी गोरामुमो में भी गये. 2007 में बिमल गुरूंग के साथ ही वह भी गोरामुमो से अलग हो गये और गोजमुमो का गठन किया. गोरखालैंड आंदोलन के दौरान बिमल गुरूंग सहित गोजमुमो के कई नेताओं पर दर्जन भर से अधिक मुकदमे दर्ज हुए हैं.
उनके निकटवर्ती सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अलग गोरखालैंड राज्य को लेकर भाजपा की पल्टी तथा एक पर एक मुकदमे से काफी परेशान हैं. उनके निकटवर्ती सूत्रों ने बताया कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले भले ही गोरखालैंड राज्य बनाने का वादा किया हो, लेकिन नये राज्य बनाने को लेकर भाजपा कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है. जाहिर है कि दूर-दूर तक गोरखालैंड राज्य नहीं बनने के आसार तथा गोजमुमो की कमजोर शक्ति को देखते हुए ही वह तृणमूल में शामिल हो रहे हैं.
क्या रखी शर्तें, क्या मिला आश्वासन: तृणमूल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदीप प्रधान ने अपने ऊपर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने की शर्त रखी है. माना जा रहा है कि उनकी यह शर्तें मान ली जायेगी. इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस उन्हें पहाड़ पर एक बड़े नेता के रूप में प्रोजेक्ट करेगी. सूत्रों ने बताया कि जीटीए चुनाव तृणमूल कांग्रेस प्रदीप प्रधान को सामने रखकर ही लड़ेगी.
कौन-कौन शामिल हो सकते हैं तृणमूल में: तृणमूल कांग्रेस में प्रदीप प्रधान के अलावा गोजमुमो सेंट्रल कमेटी के नेता बिमल दोरजी, कर्सियांग महकमा के उपाध्यक्ष कमल थापा तथा रूपेन न्योपानी एवं सचिव रोहित योंगो के शामिल होने के आसार हैं. सूत्रों के अनुासार जीटीए के डिप्टी चेयरमैन लुक्सन लामा के अलावा सुनिल प्रधान,नीमा तामांग तथा गोपाल रूचेल भी तृणमूल में शामिल हो सकते हैं.
तृणमूल को बड़ी सफलता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सिलीगुड़ी रहते तृणमूल कांग्रेस को बड़ी सफलता मिली है. तृणमूल ने सोमवार को ही जलपाईगुड़ी जिला परिषद पर कब्जा किया है. जलपाईगुड़ी जिला परिषद में माकपा तथा कांग्रेस के कई सदस्य तृणमूल में शामिल हुए हैं. उसके बाद गोजमुमो में इतनी बड़ी टूट तृणमूल के लिए सबसे बड़ी सफलता है.