मालदा जिला परिषद पर तृणमूल का कब्जा तय

Published at :21 Aug 2016 2:38 AM (IST)
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मालदा जिला परिषद पर तृणमूल का कब्जा तय

मालदा: मुर्शीदाबाद के बाद अब मालदा जिला परिषद पर भी तृणमूल कब्जा करने वाली है. कांग्रेस तथा वाम मोरचा के 14 सदस्य अपनी पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये हैं. स्थानीय तृणमूल नेता कुछ इसी प्रकार के दावे कर रहे हैं. हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में मालदा जिले में तृणमूल कांग्रेस को […]

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मालदा: मुर्शीदाबाद के बाद अब मालदा जिला परिषद पर भी तृणमूल कब्जा करने वाली है. कांग्रेस तथा वाम मोरचा के 14 सदस्य अपनी पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये हैं. स्थानीय तृणमूल नेता कुछ इसी प्रकार के दावे कर रहे हैं.

हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में मालदा जिले में तृणमूल कांग्रेस को एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं की थी. कांग्रेस और वाम मोरचा ने आपस में तालमेल कर 12 सीटों में से 11 सीटों पर कब्जा कर लिया, जबकि एक सीट पर भाजपा जीती. इस करारी हार को भुलाने के लिए तृणमूल कांग्रेस अब कांग्रेस संचालित मालदा जिला परिषद पर कब्जा करने की कोशिश में जुट गयी है. हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मालदा जिला परिषद के 20 सदस्य अभी कोलकाता में हैं. इन लोगों को तृणमूल भवन में रखा गया है. यहां से सभी लोग दीघा चले जायेंगे. सूत्रों ने बताया कि मालदा में पार्टी पर्यवेक्षक तथा राज्य के पर्यटन मंत्री शुभेन्दु अधिकारी अभी सिलीगुड़ी में हैं. शुभेन्दु अधिकारी शनिवार शाम चार बजे सिलीगुड़ी से कोलकाता के लिए रवाना हो गये. कोलकाता पहुंचने के बाद शुभेन्दु अधिकारी ही इन सभी को लेकर दीघा जा रहे हैं. इन 20 सदस्यों में से 14 सदस्य एक तरह से तृणमूल कांग्रेस में शामिल भी हो गये हैं. बाकी छह सदस्यों के शुभेन्दु अधिकारी से बात करने के बाद तृणमूल में शामिल होने की संभावना जतायी जा रही है. मालदा जिला परिषद में सदस्यों की कुल संख्या 38 है. इनमें से वाम मोरचा के पास 16 तथा कांग्रेस के कब्जे में 16 सीटें हैं.

तृणमूल के पास छह सीटें हैं. वाम मोरचा के समर्थन से जिला परिषद पर कांग्रेस का कब्जा है और सरला मूरमू सभाधिपति हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तृणमूल कांग्रेस इसी सरला मूरमू को सामने रख जिला परिषद पर कब्जा कर रही है. शनिवार को माकपा नेता खलील शेख ने कहा है कि वह भी कुछ सदस्यों के तृणमूल में जाने की बात सुन रहे हैं. कौन-कौन और कितने लोग तृणमूल में शामिल हुए हैं, यह अभी कुछ स्पष्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने वाले सदस्यों को लेकर तृणमूल कांग्रेस कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन करने वाली थी. इस सम्मेलन को स्थगित कर दिया गया है. इसका मतलब है कि तृणमूल के पास सदस्यों की पर्याप्त संख्या नहीं है. जिला परिषद में तृणमूल कांग्रेस के दलीय नेता उज्जवल चौधरी ने साफ-साफ कहा है कि जिला परिषद पर तृणमूल का कब्जा तय है. माकपा तथा कांग्रेस के एक दर्जन से अधिक सदस्य तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं. अगले सप्ताह तक जिला परिषद पर तृणमूल का कब्जा होगा.

क्या कहती हैं मौसम नूर
कांग्रेस की जिला अध्यक्ष तथा उत्तर मालदा की सांसद मौसम नूर का कहना है कि चार सदस्यों के पार्टी छोड़ने की बात उन्होंने सूनी है. हालांकि उन्होंने दावा किया कि जिला परिषद पर अभी भी कांग्रेस बहुमत में है. तृणमूल किसी भी कीमत पर जिला परिषद पर कब्जा नहीं कर सकेगी.
क्या कहते हैं माकपा नेता
माकपा के जिला सचिव अंबर मित्र का कहना है कि जिन लोगों को मालदा की जनता ने खदेड़ दिया है, वह लोग पिछले दरवाजे से सत्ता पर काबिज होना चाह रहे हैं. डर तथा लोभ देकर दूसरी पार्टियों के सदस्यों को तृणमूल में शामिल होने का दवाब दिया जा रहा है.
क्या कहते हैं तृणमूल जिला अध्यक्ष
तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोअजम हुसैन का कहना है कि जिला परिषद के काफी सदस्य तृणमूल में शामिल होना चाह रहे हैं. यह सभी कांग्रेस तथा वाम मोरचा के नीतियों से परेशान हैं और विकास चाहते हैं. तृणमूल सरकार के विकास को देखकर ही यह सभी तृणमूल में शामिल हो रहे हैं. जिला परिषद पर शीघ्र ही तृणमूल का कब्जा होगा.
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