गौतम देव के बयान पर गरजे जीवेश और अशोक

Published at :06 Aug 2016 2:29 AM (IST)
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गौतम देव के बयान पर गरजे जीवेश और अशोक

सिलीगुड़ी: पर्यटन मंत्री गौतम देव द्वारा गुरुवार को सिलीगुड़ी में पार्टी के एक सम्मेलन के दौरान दिये गये बयान ‘अगस्त महीने में ही तृणमूल कांग्रेस सिलीगुड़ी नगर निगम और सिलीगुड़ी महकमा परिषद पर दखल करेगी और हर हाल में वाम बोर्ड को हटा कर ही दम लेंगे’ को अमर्यादित बयानबाजी करार देते हुए वामपंथी नेता […]

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सिलीगुड़ी: पर्यटन मंत्री गौतम देव द्वारा गुरुवार को सिलीगुड़ी में पार्टी के एक सम्मेलन के दौरान दिये गये बयान ‘अगस्त महीने में ही तृणमूल कांग्रेस सिलीगुड़ी नगर निगम और सिलीगुड़ी महकमा परिषद पर दखल करेगी और हर हाल में वाम बोर्ड को हटा कर ही दम लेंगे’ को अमर्यादित बयानबाजी करार देते हुए वामपंथी नेता जीवेश सरकार और अशोक भट्टाचार्य मंत्री पर जमकर बरसे.

मंत्री के बयान का करारा जवाब देने के लिए शुक्रवार को दार्जिलिंग जिला वाम मोरचा के बैनर तले स्थानीय हिलकार्ट रोड स्थित जिला पार्टी मुख्यालय अनिल विश्वास भवन में आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान वाम मोरचा के जिला संयोजक जीवेश सरकार ने मीडिया के सामने कहा कि सिलीगुड़ी में एक के बाद चुनावी मैदान में वामपंथियों से करारी हार के बाद भी तृणमूल सुप्रीमो व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पर्यटन मंत्री गौतम देव दिन में ही हसीन सपने देख रहे हैं.


श्री सरकार ने कहा कि तृणमूल के नेता-मंत्री वाम बोर्ड को तोड़ने के सपने संजोय हुए हैं जो जल्द चकनाचूर हो जायेगा. उन्होंने मंत्री को पहले सिलीगुड़ी नगर निगम में तणमूल पार्षदों और सिलीगुड़ी महकमा परिषद के अपने सदस्यों को बचाये रखने की चुनौती दी. साथ ही उन्होंने मंत्री को संविधान का सम्मान करने और उसकी मर्यादा रखने की नसीहत भी दी. श्री सरकार का कहना है कि जो जनप्रतिनिधि विधानसभा में मंत्री पद के लिए संविधान का शपथ लेता है वहीं, जनप्रतिनिधि अमर्यादित बयानबाजी कर संविधान का अपमान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि तृणमूल को किसी भी कीमत पर निगम और महकमा परिषद पर जबरन दखल करने नहीं देंगे. मंत्री के प्रलोभन का वामपंथी पार्षदों और सदस्यों पर कोई असर नहीं पड़नेवाला और न ही वे टूटनेवाले हैं.

वहीं, माकपा के सचिव मंडली के सदस्य व सिलीगुड़ी के मेयर अशोक भट्टाचार्य ने भी ममता और गौतम देव को पांच साल इंतजार करने का सुझाव दिया. साथ ही जनता की राय का सम्मान करने की नसीहत दी. उन्होंने कहा कि 2011 के विधानसभा चुनाव में तणमूल की जीत हुई और वामपंथियों ने जनता की राय का सम्मान किया,लेकिन सिलीगुड़ी में बीते एक वर्ष के दौरान पहले सिलीगुड़ी नगर निगम और सिलीगुड़ी महकमा परिषद के चुनाव में करारी हार के बाद विधानसभा चुनाव में भी तृणमूल को एक भी सीट हासिल नहीं हुई.

श्री भट्टाचार्य का कहना है कि दार्जिलिंग जिला और सिलीगुड़ी को छोड़कर पूरे राज्य में तृणमूल का ही एकाधिकार है इसके बावजूद ममता और गौतम देव सिलीगुड़ी में विरोधी दल के रूप में क्यों नहीं स्वीकार करना चाहते. निगम व महकमा परिषद को विकास के लिए कोई फंड एवं बकाया रकम भी न देने की धमकी भी मंत्री देते आ रहे हैं. राज्य सरकार के पास निगम की बकाया रकम वाम बोर्ड या फिर तृणमूल की नहीं, बल्कि निगम की जनता की है. ममता सरकार को निगम की जनता की पाई-पाई का हिसाब चुकाना ही पड़ेगा. उन्होंने कहा कि आठ अगस्त यानी सोमवार को सिलीगुड़ी में मंत्री के अमर्यादित बया बाजी के विरुद्ध सिलीगुड़ी व महकमा इलाके की जनता पार्टी मुख्यालय में एकत्रित होगी और शहर में धिक्कार रैली निकाली जायेगी.

वाम सदस्य नहीं जा रहे तृणमूल में : तापस सरकार
सिलीगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति तापस सरकार ने भी अपने दफ्तर में प्रेस-वार्ता के दौरान मीडिया के सामने छहों वाम सदस्यों को पेश कर कहा कि कोई भी तृणमूल में नहीं जा रहा. उन्होंने कहा कि महकमा परिषद में भी वाम बोर्ड अपना कार्यकाल पूरा करेगा और 2020 से पहले कोई चुनाव नहीं होने वाला. उन्होंने तृणमूल के नेता-मंत्रियों से असंवैधानिक बयानबाजी न करने और आम जनता को न बरगलाने की नसीहत दी.
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