दहशत. इंसेफलाइटिस ने पूरे उत्तर बंगाल में पसारा पांव, बीमारी से लोगों में आतंक

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सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी के बाद जलपाईगुड़ी तथा कूचबिहार में इंसेफलाइटिस के मामले सामने आने के बाद लगता है कि इस बीमारी ने पूरे उत्तर बंगाल में पांव पसारना शुरू कर दिया है. अभी तक के जितने भी मामले थे, वह सभी सिलीगुड़ी तथा उसके आसपास के इलाकों के थे. अब इस बीमारी ने जलपाईगुड़ी तथा कूचबिहार […]

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सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी के बाद जलपाईगुड़ी तथा कूचबिहार में इंसेफलाइटिस के मामले सामने आने के बाद लगता है कि इस बीमारी ने पूरे उत्तर बंगाल में पांव पसारना शुरू कर दिया है. अभी तक के जितने भी मामले थे, वह सभी सिलीगुड़ी तथा उसके आसपास के इलाकों के थे.

अब इस बीमारी ने जलपाईगुड़ी तथा कूचबिहार जिले को भी अपने कब्जे में ले लिया है. इस बीमारी से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है. पिछले तीन महीनों में इंसेफलाइटिस की बीमारी से 9 लोगों की मौत हुई थी और कल इस बीमारी ने आइटीबीपी के एक जवान की भी बलि ले ली. अजीत आरले नामक इस जवान को 25 जून को उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कल उसकी मौत हो गई.

उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में अभी इस बीमारी के लक्ष्ण को लेकर 9 लोग भर्ती हैं. जिनमें से 4 जलपाईगुड़ी जिले के रहने वाले हैं. उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बुखार से पीड़ित जिन 20 मरीजों के रक्त के नमूने की जांच की गई है, उसमें से सिलीगुड़ी के अलावा जलपाईगुड़ी, कूचबिहार तथा अलीपुरद्वार जिले के मरीज भी शामिल हैं. 8 मरीजों के रक्त के नमूने पोजेटिव पाये गये हैं. इस बीच, जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज की ज्योत्सना राय (40) नामक एक और इंसेफलाइटिस से पीड़ित मरीज को उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. वह महिला पिछले कई दिनों से बीमार थी और सिलीगुड़ी के एक नर्सिग होम में उसकी चिकित्सा चल रही थी. बाद में उसे उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया.

इस बीच, इंसेफलाइटिस के बढ़ते मामले को देखते हुए आम लोगों में आतंक का माहौल है. पिछले वर्ष इस बीमारी ने सिलीगुड़ी में महामारी का रूप ले लिया था. तब 162 लोगों की मौत हो गई थी. यह बीमारी एक बार फिर से खतरनाक रूप धारण न कर ले, यही सोचकर आम लोगों की नींद उड़ी हुई है. इंसेफलाइटिस के बढ़ते मामले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की भी नींद उड़ी हुई है.

जलपाईगुड़ी तथा दाजिर्लिंग जिले के सीएमओएच ने इस मुद्दे को लेकर आपातकालीन बैठक भी की है. हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अभी इतनी गंभीर नहीं हुई है. दाजिर्लिंग के सीएमओएच डॉ असीत विश्वास का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस बीमारी से निपटने के लिए सभी उपाय किये जा रहे हैं. उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ जिले के अन्य अस्पतालों में भी इंसेफलाइटिस की जांच के लिए आवश्यक कीट भेजने की व्यवस्था की जा रही है. दूसरी तरफ जिले के सभी ब्लॉक अस्पतालों में भी इंसेफलाइटिस मरीजों की चिकित्सा के लिए इमर्जेसी बेड की व्यवस्था की गई है. स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी बुखार से पीड़ित मरीजों पर विशेष नजर रख रहे हैं. इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर वयस्कों के लिए जापानी इंसेफलाइटिस से बचाव हेतु टीकाकरण का काम भी शुरू कर दिया गया है. डॉ विश्वास ने कहा कि सिलीगुड़ी महकमा के माटीगाड़ा तथा नक्सलबाड़ी ब्लॉक में एडल्ट टीकाकरण का काम शुरू हो गया है. अगले सप्ताह से अन्य ब्लॉकों में भी टीकाकरण की शुरूआत की जायेगी. उन्होंने यह भी बताया कि सभी बीडीओ को परिस्थिति पर नजर रखने के लिए कहा गया है.

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