सिलीगुड़ी : बारिश होने पर भी उमस बरकरार

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सिलीगुड़ी: पिछले कुछ दिनों की शुष्क मौसम तथा लगातार बूंदा-बांदी से उत्तर बंगाल का जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. धूप नहीं निकलने के बावजूद उमस भरी गरमी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है. बारिश के बाद भी गरमी दूर नहीं हो रही है. इसबार की बरसात मानो अलग ही रूप लेकर आयी […]

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सिलीगुड़ी: पिछले कुछ दिनों की शुष्क मौसम तथा लगातार बूंदा-बांदी से उत्तर बंगाल का जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. धूप नहीं निकलने के बावजूद उमस भरी गरमी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है. बारिश के बाद भी गरमी दूर नहीं हो रही है. इसबार की बरसात मानो अलग ही रूप लेकर आयी हो. पहले बारिश होने से मौसम ठंड हो जाता था.
लोगों को गरमी से राहत मिलती थी. लेकिन इस बार ऐसा नहीं है. एक तरफ बारिश तो दूसरी तरफ गरमी ने लोगों को परेशान कर दिया है. दिनभर बूंदा-बांदी के चलते सिलीगुड़ी के विभिन्न इलाकों में जल जमाव के साथ साथ कीचड़ भर जा रहे हैं. शहर के विधान मार्केट, सब्जी मंडी में कीचड़ भर जाने के चलते लोगों को यातायात करने में दिक्कतें हो रही है.
बिजली गुल रहने की हो रही है समस्या
बरसात के मौसम में उत्तर बंगाल के विभिन्न शहरों के साथ सिलीगुड़ी में बत्ती गुल की समस्या दिनोंदिन बढ़ रही है. आंधी-तूफान शुरू होते ही बत्ती गुल हो जाती है. सिलीगुड़ी नगर निगम के विभिन्न वार्डो में बत्ती गुल की समस्या देखी जा रही है. सिलीगुड़ी नगर निगम के 14 नंबर वार्ड में बार बार लोडशेडिंग के चलते लोगों को काफी परेशानी हो रही है. यहां शुक्रवार की शाम को आंधी-तूफान के दौरान ट्रांसफॉर्मर में गड़बड़ी से 24 घंटे तक बिजली गुल रही. स्थानीय लोगों द्वारा बिजली कार्यालय में बार बार सूचित किये जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया. ठीक 24 घंटे बाद इलाके में बिजली की स्थिति सामान्य हुई. दूसरी ओर, आज भी इस इलाके में लोडशेडिंग की समस्या रही. बार बार घंटे-दर-घंटे लोडशेडिंग के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई-लिखाई बाधित हो रही है. साथ ही कामकाजी लोगों को भी बिजली की समस्या ने परेशान कर दिया है. शहर के विभिन्न इलाके जैसे चंपासारी, आसीघर, शक्तिगढ़, हायदर पाड़ा में बिजली गुल की समस्या देखने को मिल रही है.
चाय उद्योग पर बारिश का असर
चाय उद्योग पर भी बरसात का व्यापक असर देखने को मिल रहा है. जून महीने में भारी व लगातार बरसात के कारण पश्चिम बंगाल के साथ साथ असम के चाय बागानों में भी उत्पादन प्रभावित हुआ है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जून महीने में सेकेंड फ्लैश चाय का उत्पादन करीब 20 से 25 प्रतिशत कम हो गया है. साथ ही बरसात के कारण चाय की क्वालिटी पर भी असर पड़ने की संभावना बनी हुई है. चाय के पौधों में कीड़े-मकोड़े के आक्रमण व संक्रमण बढ़ने की भी आशंका है. डुवार्स के विभिन्न चाय बागानों से मिली जानकारी के अनुसार, भारत में बीते वर्ष जून महीने में 113.43 मिलियन चाय उत्पादन हुआ था. इस साल इतनी मात्र में चाय उत्पादन होने की आस नहीं है. दूसरी ओर चाय की गुणवत्ता खराब हो गयी, तो चाय के दाम में भी गिरावट आने की संभावना बागान मालिकों ने जतायी है.
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