कूड़ा फेंकने को लेकर ग्रामीणों ने किया हंगामा, फिर गरमाया डंपिंग ग्राउंड का मुद्दा

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सिलीगुड़ी. कूड़ा फेंकने को लेकर आज एक बार फिर डंपिंग ग्राउंड का मुद्दा गरमा उठा. कूड़ों को सड़क किनारे फेंके जाने को लेकर ग्रामीणों ने सचेतनता जागरण कमेटी के बैनरतले खूब हंगामा किया. कूड़ा लदे निगम के वाहनों को प्रदर्शनकारियों ने डंपिंग ग्राउंड की ओर जाने नहीं दिया. सभी वाहन सुबह से दोपहर तक इस्टर्न […]

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सिलीगुड़ी. कूड़ा फेंकने को लेकर आज एक बार फिर डंपिंग ग्राउंड का मुद्दा गरमा उठा. कूड़ों को सड़क किनारे फेंके जाने को लेकर ग्रामीणों ने सचेतनता जागरण कमेटी के बैनरतले खूब हंगामा किया. कूड़ा लदे निगम के वाहनों को प्रदर्शनकारियों ने डंपिंग ग्राउंड की ओर जाने नहीं दिया. सभी वाहन सुबह से दोपहर तक इस्टर्न बाईपास में ही खड़े रहे.

सूचना पाकर सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य, चेयरमैन दिलीप सिंह, कूड़ा व सफाई विभाग के मेयर परिषद सदस्य (एमआईसी) मुकुल सेनगुप्ता डॉन बास्को के नजदीक डंपिंग ग्राउंड पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत भी की. मेयर ने ग्रामीणों से समस्याओं को सुना.

चयन पाड़ा निवासी सोमनाथ चटर्जी, सुजाता राय ने मेयर को बताया कि दो दिनों से कूड़े को डंपिंग ग्राउंड के चारदीवारी के भीतर नहीं फेंका जा रहा है. बाहर सड़क किनारे ही कूड़ों का अंबार लगा दिया गया है. इस वजह से आसपास के लोगों का रहना मुहाल हो गया है. ग्रामीणों ने पिछले तृणमूल बोर्ड एवं उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि मंत्री ने जिस परियोजना के तहत डंपिंग ग्राउंड को चारदीवारी से घेरने एवं कूड़े उठाने के लिए जेसीबी देने की बात की थी. उस परियोजना के तहत अभी तक केवल चारदीवारी का ही काम हुआ. दूसरी ओर, सचेतनता जागरण कमेटी के प्रवक्ता रिमङिाम सरकार ने कहा कि कोर्ट के आदेशानुसार सिलीगुड़ी नगर निगम चयनपाड़ा स्थित डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा नहीं फेंक सकता.

निगम के सभी 47 वार्डो से जमा किये गये कूड़े को पूटीमारी में फेंकने का निर्देश है. इसके बावजूद निगम इसी डंपिंग ग्राउंड में किस बूते पर कूड़ा फेंक रही है. श्री भट्टाचार्य ने ग्रामीणों से कहा कि यह एक जटिल समस्या है, इसे जल्दबाजी में नहीं सुलझाया जा सकता. कोई भी फैसला लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करना और सभी सलाह-मशविरा लेना जरूरी है. उन्होंने सड़क किनारे कूड़े फेंके जाने पर सफाई विभाग को निर्देश दिया कि जल्द टेंडर जारी कर रास्तों से कूड़े उठाकर डंपिंग ग्राउंड के अंदर किया जाये.

श्री भट्टाचार्य ने चारदीवारी से बाहर कूड़े फेंके जाने पर संबंधित सफाई कर्मचारियों पर कार्रवाई किये जाने की भी चेतावनी दी. मेयर के आश्वासन दिये जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर डटे रहे और मेयर व अन्य प्रतिनिधियों के डंपिंग ग्राउंड से लौट जाने के आधे घंटे बाद ही वापस कूड़ों से लदे वाहनों को डंपिंग ग्राउंड में जाने नहीं दिया गया. डंपिंग ग्राउंड से बाहर करीब 100 मीटर की दूरी पर इस्टर्न बाइपास में ही रोक दिया गया. सूचना पाकर भक्तिनगर थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन प्रदर्शनकारी ग्रामीण अपनी मांग पर ही डटे रहे. बाद में दोपहर करीब एक बजे प्रदर्शन हटा लिया गया. प्रदर्शनकारी महिला रिमङिाम व राधिका ने चेतावनी देते हुए कहा कि निगम को तीन दिन का समय दिया जाता है. इस बीच, यहां रह रहे करीब 50 हजार लोगों व दर्जनों स्कूल-कॉलेजों के विद्यर्थियों की समस्याओं व डंपिंग ग्राउंड से हो रही परेशानियों को लेकर निगम बोर्ड गंभीर नहीं होती है, तो हम ग्रामवासी निगम के प्रशासनिक भवन में जाकर आंदोलन करेंगे.

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