दार्जिलिंग: समझौता दिवस पर गोरामुमो ने की पोस्टरबाजी

Updated at : 23 Aug 2019 12:56 AM (IST)
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दार्जिलिंग: समझौता दिवस पर गोरामुमो ने की पोस्टरबाजी

दार्जिलिंग : जीटीए को खारिज करने की मांग करते हुए गोरामुमो ने गुरुवार को शहर में पोस्टरबाजी की. गोरामुमो प्रत्येक साल 22 अगस्त को दार्जिलिंग गोरखा पर्वतीय परिषद का समझौता दिवस मनाती है. इसी को लेकर गोरामुमो ने दागोपाप समझौता दिवस के अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों में जीटीए खारिज करने की मांग करते […]

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दार्जिलिंग : जीटीए को खारिज करने की मांग करते हुए गोरामुमो ने गुरुवार को शहर में पोस्टरबाजी की. गोरामुमो प्रत्येक साल 22 अगस्त को दार्जिलिंग गोरखा पर्वतीय परिषद का समझौता दिवस मनाती है. इसी को लेकर गोरामुमो ने दागोपाप समझौता दिवस के अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों में जीटीए खारिज करने की मांग करते हुए पोस्टरबाजी की और खंड विकास अधिकारियों को ज्ञापन पत्र भी सौंपा.

गोरामुमो द्वारा जीटीए के खिलाफ चिपकाया गया पोस्टर नेपाली भाषा में लिखा गया है. पोस्टर में नेपाली भाषा में विभिन्न प्रकार का नारा लिखकर जीटीए को खारिज करने की मांग की गयी है.
मिली जानकारी के अनुसार गोरामुमो समर्थकों ने शहर के विभिन्न स्थानों पर पार्टी का झंडा भी लगाया है. 1986 में गोरामुमो ने अलग राज्य गोर्खालैंड गठन की मांग को लेकर भयानक आंदोलन चलाया था. जिसमें 12 सौ लोग शहीद हुए थे. वहीं 1988 के 22 अगस्त को दार्जिलिंग गोरखा पर्वतीय परिषद के दस्तावेज पर राज्य सरकार, केंद्र सरकार और गोरामुमो के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ था.
उसी समय से गोरामुमो 22 अगस्त को दागोपाप समझौता दिवस का आयोजन करते आ रही है. पूर्व घोषणा के अनुसार गोरामुमो ने पहाड़ के विभिन्न खंड विकास अधिकारियों के साथ मुलाकात करके जीटीए खारिज करने की मांग करते हुये ज्ञापन पत्र भी सौंपा. गोरामुमो ने शुक्रवार को 23 अगस्त को नागरिकता दिवस का आयोजन करेगी.
शहर के गोर्खा दुख निवारक सम्मेलन भवन में सम्पन्न होने जा रहे नागरिकता दिवस समारोह में 1986 के गोर्खालैंड आन्दोलन को स्मरण करते हुये एक नाटक तैयार किया है. जिसको 23 अगस्त को प्रदर्शन किया जायेगा. याद रहे 1988 के 23 अगस्त को सरकार ने एक अधिसूचना जारी करके गोर्खाओं को भारतीय नागरिक होने की बात कही.
पहाड़ के स्थायी राजनीतिक समाधान में जीटीए बाधा : गोरामुमो
मिरिक. दार्जिलिंग पहाड़ की राजनीतिक समस्या के स्थायी समाधान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने जीटीए बाधा बनकर खड़ा है. इसलिए जीटीए को अविलंब रद्द करने की मांग गोरामुमो ने की है. इसको लेकर गोरामुमो की ओर से मिरिक और सौरेनी समष्टि के संयुक्त आयोजन में गुरुवार को पोस्टरबाजी की गयी. पोस्टर के माध्यम से गोरामुमो ने कहा है कि जनता की इच्छा व आकांशा जीटीए से पूरा नहीं किया जा सकता है.
पोस्टर लगाने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोरामुमो मिरिक महकमा समिति अध्यक्ष महेंद्र खडका, समष्टि अध्यक्ष एमके पाखरिन, सौरेनी समष्टि प्रवक्ता एनबी लिम्बू ने कहा कि दार्जिलिंग पहाड़ के जनता की मांग पर केन्द्र सरकार गम्भीर है.
दार्जिलिंग पहाड़ का स्थायी राजनैतिक समाधान जरुरी है. सांसद राजु बिष्ट द्वारा संसद मे उठाये गये आवाज का गोरामुमो स्वागत करता है. उन्होंने जीटीए को असंवैधानिक करार देते हुये स्थायी समाधान में बाधा बताया.
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