7.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

अपने तोड़ गये नाता, गैरों ने रिश्ता बना कराया अन्नप्राशन

मामा बनकर डॉक्टरों ने बच्चों को खिलाया भात दो बच्चों को लावारिस छोड़कर चले गये थे उनके मां-बाप छह महीने से नर्सें मां बनकर कर रही हैं पालन-पोषण मालदा : मालदा मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को पूरे रीति-रिवाज के साथ दो बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया. सारा इंतजाम मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से किया […]

मामा बनकर डॉक्टरों ने बच्चों को खिलाया भात

दो बच्चों को लावारिस छोड़कर चले गये थे उनके मां-बाप
छह महीने से नर्सें मां बनकर कर रही हैं पालन-पोषण
मालदा : मालदा मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को पूरे रीति-रिवाज के साथ दो बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया. सारा इंतजाम मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से किया गया. बता दें कि ये बच्चे जन्म से ही मालदा मेडिकल कॉलेज में रह रहे हैं. उनके माता-पिता नहीं हैं और चिकित्सक व नर्स ही उनकी देखभाल करते हैं.
रिवाज के मुताबिक मेडिकल कॉलेज के उपाधीक्षक और एक अन्य चिकित्सक ने बच्चों के मामा की भूमिका निभाते हुए उन्हें पहली बार भात खिलाया. इस पूरे आयोजन को लेकर मेडिकल कॉलेज के मातृ मां भवन में काफी उत्साह देखने को मिला. आयोजन के दौरान उपाधीक्षक डॉ. ज्योतिष चन्द्र दास, मेडिकल अधिकारी डॉ. देवव्रत विश्वास समेत मातृ मां विभाग के कई अन्य चिकित्सक, नर्स व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.
मेडिकल कॉलेज सूत्रों ने बताया कि छह महीने के इन बच्चों को विभाग की नर्स व चिकित्सक राय और रिशु नाम से पुकारते हैं. इनमें एक लड़का है और दूसरी लड़की. अभी इनका नामकरण नहीं हुआ है. इनकी देखभाल मातृ मां विभाग की ओर से की जाती है. इन दोनों बच्चों को जन्म के बाद उनकी माताएं मेडिकल कॉलेज में ही छोड़कर भाग गई थीं. तब से उन्हें यहां की नर्सें ही पाल-पोष रही हैं. छह महीने का होने पर पूरी परंपरा का पालन करते हुए इनका अन्नप्राशन कराने का फैसला किया गया.
जिस धूमधाम से चिकित्सकों और नर्सों ने अन्नप्राशन कार्यक्रम का आयोजन किया, उसे देखकर बहुत से लोग चौंक उठे. जिस कमरे में बच्चे रहते हैं उसे गुब्बारों और अन्य चीजों से बहुत खूबसूरत ढंग से सजाया गया था. अन्नप्राशन के लिए 10 तरह की सब्जी-तरकारी, महंगे किस्म का चावल, इलिश पातुरी, कतला मछली, खस्सी का मांस, खीर, मिठाई सबकुछ का इंतजाम था. इसके अलावा दोनों बच्चों को खूब सुंदर तरीके से सजाया गया था. सिर पर टोपी और गले में फूलों की माला पहनायी गई थी.
नये कपड़ों में सजकर दोनों बच्चों मामा बने डॉक्टरों की गोद में बैठे और उनके हाथों से पहली बार भात खाया. इसके साथ ही बच्चों को किताब, कलम से लेकर तांबे का पैसा आदि छुआया गया. अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. ज्योतिष चन्द्र दास ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में इस तरह के छह बच्चे हैं. इनमें से दो की उम्र छह महीने हो गई है.
यहां के स्टाफ ने ही इन्हें पाला-पोषा है, इसलिए उनका बच्चों के साथ गहरा लगाव है. यहां के स्टाफ ने ही अपनी पहल पर इन बच्चों का अन्नप्राशन कराया. इनके और कुछ बड़ा हो जाने पर इन्हें सरकारी होम में भेजने की व्यवस्था की जायेगी. उन्होंने कहा कि बच्चों का अच्छी जगह पुनर्वासन हो और वह जिंदगी में तरक्की करे, यही कामना करते हुए सभी ने आशीर्वाद दिया.
Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel