बीएसएफ ने मनाया स्थापना दिवस, याद किेये गये जान की बाजी लगाने वाले जांबाज
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :02 Dec 2018 6:28 AM (IST)
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सिलीगुड़ी : आजादी के बाद देश की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित राज्यों के सशस्त्र बलों के पास थी. लेकिन वर्ष 1965 में भारत-पाक युद्ध के उपरांत देश की सीमाओं की रक्षा के लिए एक समृद्ध और सक्षम बल की आवश्यकता महसूस किये जाने पर दिनांक 1 दिसम्बर 1965 को स्वर्गीय के. एफ. रूस्तम […]
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सिलीगुड़ी : आजादी के बाद देश की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित राज्यों के सशस्त्र बलों के पास थी. लेकिन वर्ष 1965 में भारत-पाक युद्ध के उपरांत देश की सीमाओं की रक्षा के लिए एक समृद्ध और सक्षम बल की आवश्यकता महसूस किये जाने पर दिनांक 1 दिसम्बर 1965 को स्वर्गीय के. एफ. रूस्तम जी के नेतृत्व में विभिन्न राज्यों की सशस्त्र सीमा पुलिस बटालियनों को मिलाकर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का गठन किया गया.
शनिवार को सीमा सुरक्षा बल को स्थापित हुए 53 वर्ष पूरे हो गये. उत्तर बंगाल सीमांत में विभिन्न बटालियनों ने स्थापना दिवस कार्यक्रम सेवा कार्यों के जरिये मनाया. वहीं सीमांत मुख्यालय में रंगारंग आयोजन हुआ.
सीमा सुरक्षा बल के जवान पूर्व में बांग्लादेश और पश्चिम में पाकिस्तान सीमा पर मुश्तैदी के साथ देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं. शनिवार को स्थापना दिवस पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. सुनील कुमार त्यागी, उप महानिरीक्षक (प्रधान स्टाफ अधिकारी) ने सीमांत मुख्यालय उत्तर बंगाल, कदमतला परिसर में एक रंगारंग कार्यक्रम के बीच समारोह का उद्घाटन किया. उन्होंने बल के कार्मिकों को हार्दिक बधाई दी एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रोत्साहित किया.
इसके बाद भूतपूर्व कर्मियों एवं सभी कार्मिकों के साथ बड़ा खाना का आयोजन किया गया. इसके साथ ही क्षेत्रीय मुख्यालयों व वाहिनियों द्वारा विभिन्न सीमा चौकियों पर बार्डर गार्ड बंग्लादेश (बीजीबी) को मिठाइयां दी गयीं, जिससे दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के मध्य आपसी संबंध और प्रगाढ़ होंगे.
याद किये गये प्राणों की आहुति देनेवाले सीमा प्रहरी
जलपाईगुड़ी : 140 वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल ने बीएसएफ का 53वां स्थापना दिवस अपने रानीनगर कैंपस में मनाया. वाहिनी के कमांडेंट देवेंद्र कुमार ने इस अवसर पर बल के सभी सदस्यों और उनके परिवार को बधाई दी. उन्होंने बताया कि बीएसएफ 1 दिसंबर 1965 से आज तक देश-विदेश में भी अपनी विशेष पहचान बना चुका है.
इस अवसर पर उन सभी बहादुर सीमा प्रहरियों को याद किया जिन्होंने कर्तव्य पालन में अपने प्राणों की आहुति दी. स्थापना दिवस पर यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही बड़ाखाना का भी आयोजन किया गया.
42वीं वाहिनी ने चलाया स्वच्छ भारत अभियान
कूचबिहार. स्थापना दिवस के मौके पर बीएसएफ की 42वीं वाहिनी ने स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम के तहत शहर के सागरदिघी, डीएम कार्यालय, नगरपालिका, एसबीआइ शाखा, कोर्ट परिसर इलाके में साफ-सफाई की. इस दौरान करीब 20 टन कचरा उठाया गया. सफाई अभियान में वाहिनी के अधिकारियों व जवानों ने हिस्सा लिया. कमांडेंट अनूप लाल भगत की उपस्थिति में चले इस अभियान का उद्देश्य शहरवासियों को डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाना है. स्थानीय लोगों ने इस अभियान के लिए सीमा सुरक्षा बल की काफी सराहना की.
जरूरतमंद महिलाओं में साड़ी वितरीत
दिनहाटा. बल के स्थापना दिवस पर बीएसएफ की 100वीं वाहिनी की सीमा चौकी वेस्ट चामटा की ओर से सिविक एक्शन कार्यक्रम आयोजित की गयी. इस दौरान वाहिनी के सहायक कमांडेंट एसके सिंह की खास तौर पर उपस्थिति रही. कार्यक्रम में लगभग 110 जरूरतमंद महिलाओं को साड़ियां प्रदान की गयीं. कार्यक्रम के द्वारा ग्रामीणों एवं सीमावर्ती इलाकों में बसे लोगों को संदेश दिया गया कि बीएसएफ हमेशा उनकी मदद को उनके साथ है.
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