भूमाफिया हिम्मत को आखिरकार मिली जमानत, तीन और मामले में चल रही है जांच
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 Oct 2018 1:27 AM (IST)
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सिलीगुड़ी : सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा व मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने के मामले में भूमाफिया के आरोप में गिरफ्तार जयप्रकाश उर्फ हिम्मत चौहान को जमानत मिल गयी है. हांलाकि अभी उसकी जेल से रिहाई नहीं होगी. तीन अन्य मामलों में अभी भी उसको जमानत मिलना बाकी है. बुधवार को मामले की सुनवायी में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट […]
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सिलीगुड़ी : सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा व मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने के मामले में भूमाफिया के आरोप में गिरफ्तार जयप्रकाश उर्फ हिम्मत चौहान को जमानत मिल गयी है. हांलाकि अभी उसकी जेल से रिहाई नहीं होगी. तीन अन्य मामलों में अभी भी उसको जमानत मिलना बाकी है. बुधवार को मामले की सुनवायी में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट (फर्स्ट) ने बचाव पक्ष की दलीलों पर जमानत याचिका मंजूर कर ली. एक मामले में जमानत मिलने से बचाव पक्ष के वकील अन्य तीन मामलों में भी जमानत के लिए तथ्य व दलील तलाशने में जुट गये हैं.
यहां बता दे कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भूमाफिया पर नकेल कसने का निर्देश मिलते ही सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस उनको झपटने पर आतुर हो गयी. पिछले एक से दो महीने के अंदर कई भूमाफियाओं की गिरफ्तारी हुई. शहर के चंपासारी स्थित सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट निकट करीब तीन बीघा जमीन पर अवैध कब्जा व मार्केट कॉम्प्लैक्स बनाने के आरोप में प्रधान नगर थाना पुलिस ने हैवीवेट तृणमूल नेता जय प्रकाश चौहान उर्फ हिम्मत को बीते 4 अगस्त की शाम गिरफ्तार किया था.
इसके बाद आदिवासी परिवार की जमीन पर अवैध कब्जा, सरकारी कागजात में हेराफेरी कर नदी किनारे की जमीन बेचने सहित अन्य तीन मामले में भी उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की गयी. इन सभी मामलों की छानबीन के लिए पुलिस ने हिम्मत को पूरे 42 दिन रिमांड पर रखा. बीते 16 सितंबर से आरोपी न्यायिक हिरासत में है. बुधवार को सरकारी जमीन पर कब्जा, कागजात में हेराफेरी व मार्केट कॉमप्लेक्स बनाने के मामले को लेकर एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज देवप्रसाद नाथ की कोर्ट (फर्स्ट) में बहस हुयी.
सरकारी पक्ष के वकील पियूष घोष ने बताया कि तीन बीघा जमीन पीडब्ल्यूडी व राष्ट्रीय राजमार्ग प्रबंधन के लिए सरकार ने अधिग्रहण किया था. इसके लिए जमीन के मालिक को दो बार मुआवजा भी दिया गया था. बचाव पक्ष के वकील संजय साहा ने अपना पक्ष रखते हुए अदालत में कहा कि सरकारी दस्तावेज (खतियान) में उक्त जमीन अभी भी जमीन के मालिक भूजेल सिंह के नाम पर है. हांलाकि भूजेल सिंह की मौत हो चुकी है. यह जमीन सरकार की है या भूजेल सिंह की, इस प्रश्न पर कोलकाता हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है.
श्री साहा ने आगे कहा कि जमीन पर अवैध कब्जा व मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने की जो एफआईआर प्रधान नगर थाने में दर्ज की गयी है, उसमें हिम्मत का नाम कहीं भी नहीं है. बल्कि उन्हें इस मामले में किसी गहरी साजिश के तहत घसीटा गया है. इसके अतिरिक्त हिम्मतकी शारीरिक स्थिति को भी उन्होंने न्यायाधीश के समक्ष रखा. इसके बाद न्यायाधीश ने इस मामले में हिम्मत की जमानत याचिका को मंजूर कर लिया. संजय साहा ने बताया कि अन्य तीन मामलों में भी जमानत लेने की कोशिश वे कर रहे हैं.
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