आयकर रिटर्न की तिथि ने उड़ाई नींद
Updated at : 22 Jul 2018 7:25 AM (IST)
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सिलीगुड़ी : वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि इस साल 31 जुलाई है. अगर 31 जुलाई तक कोई करदाता अपना रिटर्न नहीं भरते हैं तो उन्हें जुर्माना चुकाना पड़ेगा. केंद्र सरकार के इस नए नियम से ना केवल आम करदाता बल्कि बड़े कारोबारी भी परेशान हैं. इससे पहले पिछले वित्तीय […]
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सिलीगुड़ी : वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि इस साल 31 जुलाई है. अगर 31 जुलाई तक कोई करदाता अपना रिटर्न नहीं भरते हैं तो उन्हें जुर्माना चुकाना पड़ेगा. केंद्र सरकार के इस नए नियम से ना केवल आम करदाता बल्कि बड़े कारोबारी भी परेशान हैं. इससे पहले पिछले वित्तीय वर्ष के लिए आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि वर्तमान वित्तीय वर्ष के 31 मार्च तक हुआ करती थी.
इस साल 31 जुलाई तक रिटर्न भर देना होगा. ऐसा नहीं करने पर 1000 रूपया जुर्माना लगाने का प्रावधान है. सरकार के इस नए नियम से करदाताओं तथा कारोबारियों की नींद उड़ी हुई है. ऐसा नहीं है कि आम करदाता समय पर आयकर रिटर्न नहीं भरना चाहते हैं. लेकिन आयकर रिटर्न भरने में कई प्रकार की परेशानियां आ रही है. अधिकांश आयकरदाता अपना रिटर्न किसी वकील अथवा आयकर एक्सपर्ट से भरवाते हैं. आयकर रिटर्न भरने वाले वकीलों तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट ऊपर भी काम का काफी दबाव है.
31 जुलाई तक ना केवल उन्हें आयकर रिटर्न भरना है बल्कि जीएसटी की ई फाइलिंग भी करनी होती है. इसके साथ ही जून क्वार्टर के लिए टीडीएस रिटर्न भरने की अंतिम तिथि भी 31 जुलाई ही है. स्वभाविक है सरकार के इस नए नियम से सब की नींद उड़ी हुई है. ऐसे में सिलीगुड़ी मर्चेंट एसोसिएशन ने केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल को चिट्ठी लिखकर आयकर रिटर्न भरने की तिथि में 5 महीने की बढ़ोतरी की मांग की है. वित्त मंत्री को लिखी चिट्ठी में सिलीगुड़ी मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल खोरिया ने कहा है कि आयकर रिटर्न भरने के लिए कारोबारियों को और 5 महीने का समय मिलना चाहिए. उन्होंने रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर करने की मांग की है. उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि वकीलों तथा लीगल फर्मों पर काम का काफी दबाव है. उन्हें कई तरह के रिटर्न भरने पड़ रहे हैं. समय पर आयकर रिटर्न भर पाना संभव नहीं हो रहा है. इसके अलावा आयकर रिटर्न भरने के लिए वेबसाइट के अपग्रेडेशन की भी जरूरत है. केंद्र सरकार वेबसाइट को लगातार अपग्रेड कर रही है. फिर भी इसमें कई खामियां हैं . उन्होंने वित्त मंत्री पीयूष गोयल को लिखी चिट्ठी की एक कॉपी सिलीगुड़ी के प्रधान आयकर आयुक्त को भी दी है.
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